{"_id":"71-97204","slug":"Siddhartha-nagar-97204-71","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास लक्ष्य’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास लक्ष्य’
Siddhartha nagar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रविवार को संकुल आचार्य विकास वर्ग कार्यक्रम हुआ। इसका आयोजन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डोमेश्वर शाहू ने कहा कि विद्यालय मेें बच्चों को सदैव आगे बढ़ने की शिक्षा दी जाती है। हमारा लक्ष्य धन अर्जन से नहीं, हम समाज को संगठित करते हुए शिक्षित बनाने की है। समाज को राष्ट्र का बोध कराना और चेतना जागृत करना लक्ष्य है। विद्यालय के प्रबंधक हरेश प्रताप सिंह ने कहा कि सर्वांगीण विकास की परिकल्पना तभी पूर्ण होगी, जब हम विद्या भारती के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे। हमें समाज को एक करने का कार्य करना चाहिए। समाज के अन्य लोगों से हमारी श्रेणी भिन्न है। छात्रों को समाज में ले जाना चाहिए, जिससे उनका अध्यात्मिक विकास हो सके। शिक्षक को व्यवहारिक होना चाहिए। इस दौरान संतकबीरनगर के प्राचार्य भारतीय शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रेम चंद गौड़, डॉ. रामनरेश मिश्रा, संतकबीरनगर के धीरेंद्र कुमार सिंह, बस्ती से नीलम सिंह, प्रतिमा सिंह, पूनम श्रीवास्तव, प्रकाश जी, अंजू चौहान, विकास सिंह, सचिदानंद शुक्ला, प्रदीप मणि त्रिपाठी, निमिष शुक्ल, राजकिशोर चौधरी, प्रेम नारायण त्रिपाठी, वृजकिशोर मणि त्रिपाठी, पंकज सिंह और संतोष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डोमेश्वर शाहू ने कहा कि विद्यालय मेें बच्चों को सदैव आगे बढ़ने की शिक्षा दी जाती है। हमारा लक्ष्य धन अर्जन से नहीं, हम समाज को संगठित करते हुए शिक्षित बनाने की है। समाज को राष्ट्र का बोध कराना और चेतना जागृत करना लक्ष्य है। विद्यालय के प्रबंधक हरेश प्रताप सिंह ने कहा कि सर्वांगीण विकास की परिकल्पना तभी पूर्ण होगी, जब हम विद्या भारती के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे। हमें समाज को एक करने का कार्य करना चाहिए। समाज के अन्य लोगों से हमारी श्रेणी भिन्न है। छात्रों को समाज में ले जाना चाहिए, जिससे उनका अध्यात्मिक विकास हो सके। शिक्षक को व्यवहारिक होना चाहिए। इस दौरान संतकबीरनगर के प्राचार्य भारतीय शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रेम चंद गौड़, डॉ. रामनरेश मिश्रा, संतकबीरनगर के धीरेंद्र कुमार सिंह, बस्ती से नीलम सिंह, प्रतिमा सिंह, पूनम श्रीवास्तव, प्रकाश जी, अंजू चौहान, विकास सिंह, सचिदानंद शुक्ला, प्रदीप मणि त्रिपाठी, निमिष शुक्ल, राजकिशोर चौधरी, प्रेम नारायण त्रिपाठी, वृजकिशोर मणि त्रिपाठी, पंकज सिंह और संतोष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन