डीएम ने गैस कंपनियों को भेजी मेल

Siddhartha nagar Updated Sat, 25 Jan 2014 05:45 AM IST
सिद्धार्थनगर। रसोई गैस की किल्लत को लेकर उपभोक्ता कभी भी उग्र विरोध कर सकते हैं। मौजूदा स्थितियों को देखते हुए प्रशासन खुद ऐसा कह रहा है। समस्या के दिन-ब-दिन त्रासद होते देखते हुए खुद डीएम ने इस मामले में जिले में सिलिंडर की सप्लाई करने वाली तीनों गैस कंपनियों को ई-मेल भेजकर चेताया है। जिलाधिकारी ने सभी कंपनियों को यहां भेजी जाने वाली सप्लाई दोगुना करने का निर्देश दिया है।
जिले में करीब 80 हजार रसोई गैस उपभोक्ता हैं। पूर्ति महकमा इतने ही सिलिंडर की हर माह डिमांड मानता है। पूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इतना सिलिंडर यदि जिले में आए तो रसोई गैस की खातिर उपभोक्ताओं को दिक्कतें नहीं झेलनी होंगी। लेकिन जिले को हर महीने करीब 40 हजार सिलिंडर की सप्लाई ही मिल रही है। ऐसे में जिले भर में गैस सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। नियमत: बुकिंग के दो हफ्ते में सिलिंडर की डिलीवरी हो जानी चाहिए। लेकिन जिले में उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में हर ओर रसोई गैस को लेकर हाहाकार नजर आ रहा है। इसका जिक्र जिम्मेदार अधिकारी प्रशासन समेत गैस कंपनियों तक से कर चुके हैं।
हंगामा देखा तो लिखनी पड़ी चिट्ठी
जिला पूर्ति अधिकारी प्रेम कुमार त्रिवेदी नौगढ़ में गैस सिलिंडर के लिए मचे हंगामे की जानकारी पाकर वहां पहुंचे तो फिर उपभोक्ताओं के बीच घिर गए। लोगों का गुस्सा और आक्रोश देखकर उन्हें इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के अधिकारियों को पत्र भेजना पड़ा। उन्होंने करीब पखवारे भर पहले प्रेषित इस पत्र में कंपनी से गैस किल्लत के कारण अराजक होते जा रहे माहौल के बारे में जिक्र करते हुए सप्लाई बढ़ाने को कहा। इसके बाद पूरे प्रकरण के बारे में डीएम को भी जानकारी दी।
डीएम ने मांगी पूरे जिले की रिपोर्ट
डीएम एसपी मिश्र से जब डीएसओ प्रेमकुमार त्रिवेदी ने शहर में गैस किल्लत को लेकर जानकारी दी तो पूरे जिले से आ रही शिकायतों के मद्देनजर डीएम ने उनसे जिले भर की जानकारी तलब कर डाली। फिर जिले में गैस की किल्लत की जानकारी मिली तो उन्होंने पूरी स्थिति की समीक्षा करते हुए आईओसी, एचपी और भारत गैस को ई-मेल भेजकर सिलिंडर की सप्लाई बढ़ाने को कह डाला। डीएम ने यह भी कहा कि अगर सप्लाई नहीं बढ़ाई गई तो कभी भी स्थिति अराजक हो सकती है। ऐसे में पूरी जिम्मेदारी गैस कंपनियों की होगी।
22 दिन से नहीं बंटा सिलिंडर
बढ़नी। विकास खंड में रसोई गैस का संकट गहरा गया है। नये वर्ष के 22 दिन बीतने के बाद एक बार भी अभी तक गैस का वितरण गैस एजेंसी की तरफ से नही हुआ है। जिससे गैस उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है।
बढ़नी क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व में एजेंसी को लापरवाही बरतने में उसका लाइसेंस निरस्त हो गया। इसके बाद यहां कि जिम्मेदारी बांसी की एजेंसी से अटैच कर दी गई। ऐसे में यहां लोड तो बढ़ गया, लेकिन सप्लाई नहीं बढ़ी। गैस को लेकर हर बार हंगामा होता है। ऐसे में यहां ढेबरूआ थाना परिसर में सिलिंडर वितरण किया जाता है। गैस लेने के लिए उपभोक्ता इस भयंकर ठंड के मौसम में कई रातों से ही लंबी-लंबी लाइन लगाकर गैस का इंतजार करते हैं। गैस के न मिलने के कारण मायूस हो कर घर वापस चले जाते हैं। गैस उपभोक्ता मुन्ना सिंह ने कहा कि दो वर्ष में कभी भी यह गैस एजेंसी अपने कार्यों के द्वारा अपने उपभोक्ताओं को संतुष्ट नहीं कर पायी है। होम डिलिवरी कभी नहीं हुई। बार-बार शिकायत करने के बाद जनपद के आला अधिकारी भी इस भीषण समस्या पर आंखें मूंदे हुए हैं। क्षेत्र के ही विनय शुक्ल ने कहा कि 22-22 दिनों तक गैस का न बंटना ही गैस एजेंसी के कार्यकलाप को बताता है। क्षेत्र के ही नरेश गौड़ कहते हैं कि सिलिंडर बुक कराने जाएं तो एजेंसी पर पासबुक ही जमा कर लिया जाता है। उपभोक्ता कौशल गुप्ता कहते हैं कि गैस का इतना संकट तो पुरानी गैस एजेंसी के समय भी नहीं था, जितना आज है।

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