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गांवों में फागिंग कराई जाए
Siddhartha nagar
Updated Thu, 25 Jul 2013 05:33 AM IST
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सिद्धार्थनगर। गांवों में फागिंग समेत अन्य मांग स्वास्थ्य विभाग से की गई। बुधवार को क्षेत्र पंचायत सदस्य एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण यादव के नेतृत्व में सीएमओ को ज्ञापन देकर समस्याओं के निदान की मांग हुई। एक माह में समस्या हल न होने पर आंदोलन की रणनीति बनाई गई।
ज्ञापन में लिखा गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभाग उदासीन हैं। जिले के किसी गांव में धन उपलब्ध होने के बावजूद अभी तक फागिंग नहीं कराई गई है। इसी तरह स्वास्थ्य केंद्रों पर जहरीले जंतुओं के काटने की दवा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मांग की है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा उपलब्ध कराई जाए। जिला अस्पताल में महिला सर्जन की तैनाती की जाए।
बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुप्रताप सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही से शासन की मंशानुसार कार्यक्रमों का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। ऐसे लोगों के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई होनी जरूरी है। समस्याओं के निदान न होने की दशा में आंदोलन करने की रणनीति बनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ गौतम, हरेंद्र उपाध्याय, अनवारूल हक, उदयनारायण सिंह, हसन रिजवी, राजू तलेरा, अयोध्या प्रसाद, सतीश शुक्ल, कृष्णलाल, प्रेमकुमार, ह्दयराम, जमील आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में लिखा गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभाग उदासीन हैं। जिले के किसी गांव में धन उपलब्ध होने के बावजूद अभी तक फागिंग नहीं कराई गई है। इसी तरह स्वास्थ्य केंद्रों पर जहरीले जंतुओं के काटने की दवा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मांग की है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा उपलब्ध कराई जाए। जिला अस्पताल में महिला सर्जन की तैनाती की जाए।
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बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुप्रताप सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही से शासन की मंशानुसार कार्यक्रमों का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। ऐसे लोगों के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई होनी जरूरी है। समस्याओं के निदान न होने की दशा में आंदोलन करने की रणनीति बनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ गौतम, हरेंद्र उपाध्याय, अनवारूल हक, उदयनारायण सिंह, हसन रिजवी, राजू तलेरा, अयोध्या प्रसाद, सतीश शुक्ल, कृष्णलाल, प्रेमकुमार, ह्दयराम, जमील आदि मौजूद रहे।
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