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हाइटेंशन तारों की मकड़जाल में शहर
Siddhartha nagar
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय इस समय झूलते बिजली के तारों की जद में है। यहां अधिकतर वार्डों में बिजली के हाइटेंशन तार लटककर खतरनाक बने हैं। बावजूद इसके अब तक विद्युत विभाग ने इन तारों की मरम्मत की दिशा में कोई पहल नहीं की है। रमजान के दिनों में 11000 वोल्ट का बिजली का तार नगर पालिका चौराहे पर गांधी आश्रम के समीप गिर भी चुका है। इसमें कोडरा ग्रांट की दो महिलाएं जलकर मर भी चुकी हैं। लोगों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन स्थिति अब भी वैसी ही है। राहुल नगर, आजाद नगर, कृष्णानगर, इंदिरा नगर सहित लगभग पचीस वार्डों की ऐसी स्थिति बनी हुई है। राहुल नगर और इंदिरा नगर में तो अक्सर हादसे का डर बना रहता है।
राहुल नगर निवासिनी शकुंतला मिश्रा का कहना है कि इस वार्ड में चार पहिया वाहनों का आवागमन हमेशा बना रहता है। झूल रहे बिजली के तारों को लेकर कई बार विभाग को ज्ञापन भी दिया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। बिंदू दुबे का कहना है कि बिजली के लटकते तारों के अलावा यहां जलनिकासी की भी समस्या बनी हुई है। अब तक यहां नालियां बनी ही नहीं हैं। इन दोनों समस्याओं पर विभाग को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। अजय मिश्रा का कहना है कि लटकते तारों से कभी भी खतरा हो सकता है। इसके बचाव के लिए सोलर लाइटों का प्रबंध अनिवार्य है। अजय श्रीवास्तव का कहना है कि बिजली विभाग ने अगर शीघ्र लटकते तारों को नहीं सही कराया तो आंदोलन किया जाएगा। इस बाबत मुख्य अभियंता एके श्रीवास्तव का कहना है कि शीघ्र ही लटकते तारों को दुरुस्त कराया जाएगा।
मात्र दो कुशल लाइनमैनों के भरोसे व्यवस्था
जिला मुख्यालय पर होने वाले फाल्ट को ठीक करने के लिए मात्र दो कुशल श्रमिक लाइनमैन हैं। जबकि संविदा पर नौ अकुशल लाइनमैनों के भरोसे बिजली की सप्लाई व्यवस्था संचालित हो रही है। हरिनंदन, रामजीत दोनों सरकारी लाइनमैन काफी बुजुर्ग हो चुके हैं।
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राहुल नगर निवासिनी शकुंतला मिश्रा का कहना है कि इस वार्ड में चार पहिया वाहनों का आवागमन हमेशा बना रहता है। झूल रहे बिजली के तारों को लेकर कई बार विभाग को ज्ञापन भी दिया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। बिंदू दुबे का कहना है कि बिजली के लटकते तारों के अलावा यहां जलनिकासी की भी समस्या बनी हुई है। अब तक यहां नालियां बनी ही नहीं हैं। इन दोनों समस्याओं पर विभाग को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। अजय मिश्रा का कहना है कि लटकते तारों से कभी भी खतरा हो सकता है। इसके बचाव के लिए सोलर लाइटों का प्रबंध अनिवार्य है। अजय श्रीवास्तव का कहना है कि बिजली विभाग ने अगर शीघ्र लटकते तारों को नहीं सही कराया तो आंदोलन किया जाएगा। इस बाबत मुख्य अभियंता एके श्रीवास्तव का कहना है कि शीघ्र ही लटकते तारों को दुरुस्त कराया जाएगा।
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मात्र दो कुशल लाइनमैनों के भरोसे व्यवस्था
जिला मुख्यालय पर होने वाले फाल्ट को ठीक करने के लिए मात्र दो कुशल श्रमिक लाइनमैन हैं। जबकि संविदा पर नौ अकुशल लाइनमैनों के भरोसे बिजली की सप्लाई व्यवस्था संचालित हो रही है। हरिनंदन, रामजीत दोनों सरकारी लाइनमैन काफी बुजुर्ग हो चुके हैं।
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