{"_id":"71-52902","slug":"Siddhartha-nagar-52902-71","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान की भक्ति से दूर होते हैं दुख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान की भक्ति से दूर होते हैं दुख
Siddhartha nagar
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। दीपावली के शुभ अवसर पर कथा वाचक संतोष ने सात दिवसीय संगीतगई श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन शाकाहारी होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंडाल में मौजूद अगर एक भी भक्त शाकाहारी हो जाए तो कथा के उद्देश्य की पूर्ति हो जाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान भक्त के भूखे हैं, ना कि धन के। भगवान की आराधना सच्चे मन से ही करें। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ती से भगवान की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोगों के पास समय का अभाव है, लेकिन हर इंसान को समय निकालकर भगवान की भक्ति करनी चाहिए। भगवान की भक्ति से मन हमेशा शांत रहता है। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों के ऊपर हो रहे अन्याय को कभी भी सहन नहीं करते हैं। वह किसी न किसी रूप में अपने भक्त की मदद के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान की भक्ति से हर कष्ट दूर होते हैं। चंद्र नारायन लाल श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, बबलू, श्रीराम लाल, प्रेमशंकर लाल, राजन श्रीवास्तव, राम आख्या ग्राम प्रधान, उपेंद्र सिंह, मोनू सिंह सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भगवान भक्त के भूखे हैं, ना कि धन के। भगवान की आराधना सच्चे मन से ही करें। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ती से भगवान की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोगों के पास समय का अभाव है, लेकिन हर इंसान को समय निकालकर भगवान की भक्ति करनी चाहिए। भगवान की भक्ति से मन हमेशा शांत रहता है। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों के ऊपर हो रहे अन्याय को कभी भी सहन नहीं करते हैं। वह किसी न किसी रूप में अपने भक्त की मदद के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान की भक्ति से हर कष्ट दूर होते हैं। चंद्र नारायन लाल श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, बबलू, श्रीराम लाल, प्रेमशंकर लाल, राजन श्रीवास्तव, राम आख्या ग्राम प्रधान, उपेंद्र सिंह, मोनू सिंह सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।
विज्ञापन