{"_id":"71-52897","slug":"Siddhartha-nagar-52897-71","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाइपोथार्मिया और कोल्ड डायरिया का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाइपोथार्मिया और कोल्ड डायरिया का खतरा
Siddhartha nagar
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। मौसम के मिजाज में अचानक आए परिवर्तन से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय सुबह और रात की ठंड से बचाव बहुत जरूरी है। इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। हल्की सी लापरवाही सेहत के लिए भारी पड़ सकती है।
एक साल से कम उम्र के बच्चों को इस मौसम में ठंड लगने का सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। इस उम्र में ठंड लगने से बच्चों को हाइपोथार्मिया और कोल्ड डायरिया होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जीसी श्रीवास्तव का कहना है कि इस मौसम में बच्चों के शरीर का तापमान कम होता है। इस लिए यह बीमारी होती है। इस बीमारी की चपेट में आने से उल्टी-दस्त कई बार होता है। उनका कहना है कि अगर समय रहते मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जाए तो उसकी जान जा सकती है। उन्होंने बताया कि बच्चों के शरीर का तापमान अगर 30 डिग्री से कम हो जाए तो हाइपोथार्मिया रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि हाइपोथार्मिया बच्चों के साथ ही किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। डॉक्टर विवेक मिश्रा का कहना है कि इस मौसम में बच्चों के साथ साथ बुजुर्गाें को भी कोल्ड डायरिया होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि ब्लडप्रेशर, सांस के रोगी और गठिया की शिकायत वाले बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
कैसे रखें ध्यान
सिद्धार्थनगर। मौसम परिवर्तन की वजह से इस मौसम में विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। डॉक्टरों की मानें तो इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाएं। सुबह-शाम बुजुर्गों को बाहर न निकलने दें। साथ ही गठिया और सांस रोगी के मरीजों की दवाइयां हमेशा साथ रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक साल से कम उम्र के बच्चों को इस मौसम में ठंड लगने का सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। इस उम्र में ठंड लगने से बच्चों को हाइपोथार्मिया और कोल्ड डायरिया होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जीसी श्रीवास्तव का कहना है कि इस मौसम में बच्चों के शरीर का तापमान कम होता है। इस लिए यह बीमारी होती है। इस बीमारी की चपेट में आने से उल्टी-दस्त कई बार होता है। उनका कहना है कि अगर समय रहते मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जाए तो उसकी जान जा सकती है। उन्होंने बताया कि बच्चों के शरीर का तापमान अगर 30 डिग्री से कम हो जाए तो हाइपोथार्मिया रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि हाइपोथार्मिया बच्चों के साथ ही किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। डॉक्टर विवेक मिश्रा का कहना है कि इस मौसम में बच्चों के साथ साथ बुजुर्गाें को भी कोल्ड डायरिया होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि ब्लडप्रेशर, सांस के रोगी और गठिया की शिकायत वाले बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
विज्ञापन
कैसे रखें ध्यान
सिद्धार्थनगर। मौसम परिवर्तन की वजह से इस मौसम में विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। डॉक्टरों की मानें तो इस मौसम में बच्चों तथा बुजुर्गों को गर्म कपड़े पहनाएं। सुबह-शाम बुजुर्गों को बाहर न निकलने दें। साथ ही गठिया और सांस रोगी के मरीजों की दवाइयां हमेशा साथ रखें।
विज्ञापन