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साढ़े 6 हजार में बिना जांच ही बनता था फिटनेस प्रमाण पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 05 Nov 2017 10:58 PM IST
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सदर थाने में एसओ से पीड़ा बताते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। फर्जी वीजा-पासपोर्ट पर नौजवानों को विदेश भेजने वालों के नेटवर्क में नगर के एक पैथालॉजी सेंटर की भूमिका भी सामने आई है। उसका रोड पर संचालित इस चर्चित पैथालॉजी सेंटर से सभी 95 युवकों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी हुआ था। साढ़े छह हजार रुपये की तय धनराशि पर इस पैथालॉजी सेंटर से बिना किसी जांच-पड़ताल के ही फिटनेस का प्रमाण पत्र जारी हो जाता था। इसी प्रमाण पत्र को संलग्न कर नौजवानों को फर्जी वीजा, पासपोर्ट व एयर टिकट जारी किए गए थे। मुंबई एयरपोर्ट के बाहर से भाग कर आए युवकों ने रविवार को सदर थाने में पहुंचकर पुलिस को यह जानकारियां दी। उन्होंने पुलिस को चार अन्य नाम भी बताए, जो साईं इंटरनेशनल सर्विस से जुड़े हुए थे। पुलिस ने सभी का नाम-पता अंकित कर उन्हें वापस भेज दिया।
कुवैत जाने का सब्जबाग दिखाकर मुंबई ले जाए गए युवकों में से 30 को एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया था, जबकि 46 युवक वीजा व पासपोर्ट फर्जी होने की भनक लगते ही एयरपोर्ट के बाहर से ही भाग आए थे। इनमें से करीब एक दर्जन युवक व उनके परिजन रविवार को सदर थाने पहुंचे। सदर क्षेत्र के कोड़रा ग्रांट निवासी राशिद, रमजान, मोहाना थाना क्षेत्र के तिलकहना निवासी खुर्शीद, शादाब खां, इटवा के सेमरा गांव निवासी अब्दुल वाजिद खां, बलरामपुर के आशिक अली, शराफत अली, शहजाद अली, राहत अली, नसीबुल्लाह, वसीम आदि ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी।
उन्होंने बताया कि सिद्धार्थनगर के अलावा गोंडा, बलरामपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोरखपुर जिलों के कई युवक जालसाजों के संपर्क में थे। पासपोर्ट, वीजा, एयर टिकट उपलब्ध कराने के एवज में एजेंट ने सबसे 60 से 90 हजार रुपये तक लिए थे। इसके अलावा साढ़े 6 हजार रुपये फिटनेस प्रमाण पत्र के नाम पर लिया गया। यह पैसा उसका रोड पर संचालित एक पैथालॉजी सेंटर को दिया गया, जहां से सभी युवकों को फिटनेस का प्रमाण पत्र जारी होता था। तय रकम देने के बाद सेंटर पर बिना किसी जांच के ही किसी भी तरह के व्यक्ति को फिटनेस का प्रमाण पत्र थमा दिया जाता था, लिहाजा कभी किसी ने ऐतराज नहीं किया। युवकों ने बताया कि जालसाजों ने कुल 95 लोगों से कुवैत भेजने के नाम पर पैसा लिया था, इसमें 76 लोग ही मुंबई तक गए थे। शेष लोग एक-दो दिन बाद पहुंचने वाले थे।
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उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर एंट्री गेट में अभी 30 युवकों ने ही प्रवेश किया था, तभी फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। अंदर मौजूद एक साथी ने फोन पर सूचना दी, इसके बाद बाहर खड़े सभी लोग वहां से भाग गए। अब घर पहुंचे हैं। युवकों ने पुलिस से जालसाजों को पकड़कर अपना पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई। इस बाबत सदर एसओ डीके श्रीवास्तव का कहना था कि युवकों से मिली जानकारी के आधार पर जालसाजों की तलाश की जा रही है। सभी युवकों का नाम-पता अंकित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर उनसे अन्य जानकारी भी ली जाएगी। जालसाजों का शिकार हुए अन्य युवकों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
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कुवैत जाने का सब्जबाग दिखाकर मुंबई ले जाए गए युवकों में से 30 को एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया था, जबकि 46 युवक वीजा व पासपोर्ट फर्जी होने की भनक लगते ही एयरपोर्ट के बाहर से ही भाग आए थे। इनमें से करीब एक दर्जन युवक व उनके परिजन रविवार को सदर थाने पहुंचे। सदर क्षेत्र के कोड़रा ग्रांट निवासी राशिद, रमजान, मोहाना थाना क्षेत्र के तिलकहना निवासी खुर्शीद, शादाब खां, इटवा के सेमरा गांव निवासी अब्दुल वाजिद खां, बलरामपुर के आशिक अली, शराफत अली, शहजाद अली, राहत अली, नसीबुल्लाह, वसीम आदि ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी।
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उन्होंने बताया कि सिद्धार्थनगर के अलावा गोंडा, बलरामपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोरखपुर जिलों के कई युवक जालसाजों के संपर्क में थे। पासपोर्ट, वीजा, एयर टिकट उपलब्ध कराने के एवज में एजेंट ने सबसे 60 से 90 हजार रुपये तक लिए थे। इसके अलावा साढ़े 6 हजार रुपये फिटनेस प्रमाण पत्र के नाम पर लिया गया। यह पैसा उसका रोड पर संचालित एक पैथालॉजी सेंटर को दिया गया, जहां से सभी युवकों को फिटनेस का प्रमाण पत्र जारी होता था। तय रकम देने के बाद सेंटर पर बिना किसी जांच के ही किसी भी तरह के व्यक्ति को फिटनेस का प्रमाण पत्र थमा दिया जाता था, लिहाजा कभी किसी ने ऐतराज नहीं किया। युवकों ने बताया कि जालसाजों ने कुल 95 लोगों से कुवैत भेजने के नाम पर पैसा लिया था, इसमें 76 लोग ही मुंबई तक गए थे। शेष लोग एक-दो दिन बाद पहुंचने वाले थे।
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उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर एंट्री गेट में अभी 30 युवकों ने ही प्रवेश किया था, तभी फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। अंदर मौजूद एक साथी ने फोन पर सूचना दी, इसके बाद बाहर खड़े सभी लोग वहां से भाग गए। अब घर पहुंचे हैं। युवकों ने पुलिस से जालसाजों को पकड़कर अपना पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई। इस बाबत सदर एसओ डीके श्रीवास्तव का कहना था कि युवकों से मिली जानकारी के आधार पर जालसाजों की तलाश की जा रही है। सभी युवकों का नाम-पता अंकित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर उनसे अन्य जानकारी भी ली जाएगी। जालसाजों का शिकार हुए अन्य युवकों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।