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जिले में आई 30 हजार बोरी डीएपी
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जिले में आई 30 हजार बोरी डीएपी
सिद्धार्थनगर। खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। उर्वरक की समस्या अब खत्म हो सकती है। जिले को एक साथ 30 हजार बोरी डीएपी खाद मिली है, जिसे समितियों पर भेजा जा रहा है।
उम्मीद है कि अब किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई शुरू हो गई है। इसमें डीएपी की आवश्यकता अधिक होती है। मगर बीते कई दिनों से खाद की किल्लत जारी है। न सरकारी समिति और न ही प्राइवेट दुकान पर डीएपी मिल रही थी। इससे किसान परेशान थे।
इसी बीच राहत भरी खबर यह है कि जिले में एक साथ 30 हजार बोरी डीएपी आवंटित हुई है, जो जल्द ही जिले के 140 समितियों पर पहुंचा दी जाएगी और वहां से किसानों को मिलनी शुरू हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि डीएपी बड़ी मात्रा में आ गई है और खाद आएगी। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। खाद की कमी नहीं होने पाएगी।
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सिद्धार्थनगर। खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। उर्वरक की समस्या अब खत्म हो सकती है। जिले को एक साथ 30 हजार बोरी डीएपी खाद मिली है, जिसे समितियों पर भेजा जा रहा है।
उम्मीद है कि अब किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई शुरू हो गई है। इसमें डीएपी की आवश्यकता अधिक होती है। मगर बीते कई दिनों से खाद की किल्लत जारी है। न सरकारी समिति और न ही प्राइवेट दुकान पर डीएपी मिल रही थी। इससे किसान परेशान थे।
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इसी बीच राहत भरी खबर यह है कि जिले में एक साथ 30 हजार बोरी डीएपी आवंटित हुई है, जो जल्द ही जिले के 140 समितियों पर पहुंचा दी जाएगी और वहां से किसानों को मिलनी शुरू हो जाएगी। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि डीएपी बड़ी मात्रा में आ गई है और खाद आएगी। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। खाद की कमी नहीं होने पाएगी।
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