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बाढ़ से प्रभावित हुए 246 गांव, 46 हुए मैरूंड
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शहर से सटे जमुआर नाले में बाढ़ के पानी में नाव के सहारे बिजली आपूर्ति शुरू करने की कोशिश करते हुए क
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बाढ़ से प्रभावित हुए 246 गांव, 46 हुए मैरूंड
सिद्धार्थनगर। नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से जिले के 246 गांव बाढ़ प्रभावित हुए हैं। इसमें 46 गांव पूरी तरह से मैरूंड हो चुके हैं। इससे वर्तमान में 20 हजार हेक्टेयर भूमि जलमग्न है और 66 हजार आबादी प्रभावित है। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है।
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, जमुआर, बानगंगा, तेलार के जलस्तर में बढ़ोतरी से जिले के नौगढ़ तहसील में 78, बांसी में 56, डुमरियागंज में 82, इटवा में 22 और शोहरतगढ़ में आठ गांव प्रभावित हैं। इसमें नौगढ़ में छह, बांसी नौ, डुमरियागंज में 26, इटवा में तीन और शोहरतगढ़ में दो गांव मैरूंड हो गए हैं। बाढ़ से कृषि योग्य भूमि डूबने के कारण कई गांवों के किसानों की फसल जलमग्न होने से नष्ट हो गई है। वहीं नौगढ़-सोहांस मार्ग पर पानी चढ़ने से सोमवार को आवागमन प्रभावित रहा। लोगों को कमर से ऊपर पानी में होकर गुजरना पड़ रहा था।
इस दौरान बाइक एवं अन्य वाहनों का आवागमन बाधित रहा। पैदल और साइकिल सवार किसी तरह मशक्कत कर एवं जान जोखिम में डालकर आते-जाते नजर आए। बढ़नी प्रतिनिधि के अनुसार, हसुरी उर्फ गजहड़ी गांव के बगल से चरनहवा नदी में गाई बाढ़ से गांव की तरफ कटान हो रहा है, जिससे गांव पर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम प्रधान पूर्ण ने बताया कि इस नदी पर गांव के तरफ ठोकर लगाने के लिए कई बार नेताओं से तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। इसी तरीके से अगर कटान होता रहा तो गांव नदी में विलीन हो जाएगा।
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सिद्धार्थनगर। नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से जिले के 246 गांव बाढ़ प्रभावित हुए हैं। इसमें 46 गांव पूरी तरह से मैरूंड हो चुके हैं। इससे वर्तमान में 20 हजार हेक्टेयर भूमि जलमग्न है और 66 हजार आबादी प्रभावित है। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है।
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, जमुआर, बानगंगा, तेलार के जलस्तर में बढ़ोतरी से जिले के नौगढ़ तहसील में 78, बांसी में 56, डुमरियागंज में 82, इटवा में 22 और शोहरतगढ़ में आठ गांव प्रभावित हैं। इसमें नौगढ़ में छह, बांसी नौ, डुमरियागंज में 26, इटवा में तीन और शोहरतगढ़ में दो गांव मैरूंड हो गए हैं। बाढ़ से कृषि योग्य भूमि डूबने के कारण कई गांवों के किसानों की फसल जलमग्न होने से नष्ट हो गई है। वहीं नौगढ़-सोहांस मार्ग पर पानी चढ़ने से सोमवार को आवागमन प्रभावित रहा। लोगों को कमर से ऊपर पानी में होकर गुजरना पड़ रहा था।
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इस दौरान बाइक एवं अन्य वाहनों का आवागमन बाधित रहा। पैदल और साइकिल सवार किसी तरह मशक्कत कर एवं जान जोखिम में डालकर आते-जाते नजर आए। बढ़नी प्रतिनिधि के अनुसार, हसुरी उर्फ गजहड़ी गांव के बगल से चरनहवा नदी में गाई बाढ़ से गांव की तरफ कटान हो रहा है, जिससे गांव पर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम प्रधान पूर्ण ने बताया कि इस नदी पर गांव के तरफ ठोकर लगाने के लिए कई बार नेताओं से तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। इसी तरीके से अगर कटान होता रहा तो गांव नदी में विलीन हो जाएगा।
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