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Siddharthnagar News: 68 किमी नेपाल सीमा पर लगेंगे 24 टॉवर, आठ किमी दायरे में बेहतर होगी कनेक्टिविटी
Fri, 22 Dec 2023 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 22 Dec 2023 12:43 AM IST
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20 वर्ष से नेपाल सीमावर्ती कस्बों व गांवों में थी कनेक्टिविटी की दिक्कत
10 किलोमीटर के दायरे वाले गांव में हमेशा रहती थी नेटवर्क की समस्या
विश्वविद्यालय से लेकर कोटे की दुकान तक लोग नेटवर्क की दिक्कत से होते हैं परेशान
सीमा पर लगी सुरक्षा एजेंसियां और थानेदार भी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में करते हैं मशक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे जिले की 68 किमी नेपाल सीमा पर आठ किमी दायरे के कस्बा व गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सीमावर्ती क्षेत्र में इंटरनेट सेवा और मोबाइल कॉलिंग के लिए बीएसएनल (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने 24 मोबाइल टॉवर लगाने की कवायद शुरू की है। यह सभी टॉवर 4जी की सुविधा प्रदान करेंगे। इसमें पांच पर कार्य शुरू हुआ है, शेष 19 टावरों को चरणवार लगाने की योजना है। इससे 20 वर्ष से नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे सीमावर्ती क्षेत्र लोगों को जल्द ही मोबाइल व इंटरनेट की बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी।
नेपाल सीमा क्षेत्र के लोटन, बर्डपुर, शोहरतगढ़ और बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के 200 से अधिक गांव नेपाल बाॅर्डर के दायरे में आते हैं। बाॅर्डर से पांच से आठ किलोमीटर के दायरे में किसी भी कंपनी का नेटवर्क या तो काम नहीं करता है, या फिर उसकी गति बहुत धीमी होती है। कॉल करने के साथ ही इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल करने में कठिनाइयों से लोग जूझते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में बैंक से लेकर अन्य कार्यालय में इंटरनेट केबल कनेक्शन बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) का कनेक्शन है। साथ ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता भी इसी सेवा से जुड़े हुए हैं। लेकिन नेटवर्किंग समस्या से कोटे की दुकान से लेकर साइबर कैफे, सरकारी कार्यालय में लोग जूझ रहे हैं।
बीएसएनएल की ओर से सीमावर्ती गांवों को बेहतर कॉलिंग और इंटरनेट सेवा के लिए 4जी स्पीड के 24 मोबाइल टॉवर लगाने की कवायद शुरू की है। इसमें पहले चरण में पांच टॉवर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। चरणवार टॉवर लगाए जाएंगे। यह टॉवर सीमा की सुरक्षा में लगी एजेंसियों परिसर में लगाए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय को मिलेगी बड़ी सहूलियत
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु बाॅर्डर से सटा हुआ है। इसलिए यहां पर नेटवर्क की दिक्कत रहती है। विश्वविद्यालय वैकल्पिक व्यवस्था से कार्य करता है। इसके साथ बच्चों को बड़ी समस्या होती है। उन्हें बात करने के साथ ही इंटरनेट से अगर कोई मेल करना हो, ऑनलाइन क्लॉस लेना हो या फिर शिक्षा से जुड़ी कोई अन्य जानकारी लेनी होती है तो समस्या होती है। बाॅर्डर एरिया छोड़कर पांच किलोमीटर दूर आने पर नेटवर्क काम करता है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था से काम करता है। टॉवर लगने से विद्यालय के स्टाप और छात्रों को टॉवर लगने से सहूलियत मिलेगी।
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राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
राशन वितरण व्यवस्था ई-पाॅस मशीन से कर दी गई है। जो मोबाइल के सिम से चलती है। सीमावर्ती क्षेत्र के चारों ब्लॉक क्षेत्र के उपभोक्ता राशन वितरण के समय गांव छोड़कर पांच किलोमीटर दूर जाते हैं। जहां नेटवर्क काम करे, तब अंगूठा लग पाता है। कई बार तो प्रयास करने के बाद भी अंगूठा नहीं लग पाता है। कारण मशीन में इंटरनेट की हाईस्पीड की जरूरत होती है। एक ही पोर्टल पर हजारों की संख्या में मशीन चलती हैं। ऐसे में कम स्पीड के कारण काम ही नहीं करता है। अब मोबाइल टॉवर और 4जी सुविधा होने से उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
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बैंकिंग सेवा नहीं होगी बाधित
बैंकों में केबल इंटरनेट सेवा बीएसएनएल ही उपलब्ध करवाता है। जहां हमेशा नेटवर्क की दिक्कत रहती है। चार ब्लॉक क्षेत्र में बाॅर्डर के बाजार में कई बैंक हैं। जहां वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद भी अक्सर नेटवर्क की दिक्कत से काम नहीं करता है। जिससे उपभोक्ताओं को धन निकासी के साथ ही अन्य समस्या होती है। नेटवर्क की सुविधा मिलने से काम आसान हो जाएगा।
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सुरक्षा एजेंसियों और थाना व पुलिस चौकी से हो सकेगा सूचना का अदान-प्रदान
सीमा पर लगी सुरक्षा एजेंसियों के पास बीएसएनएल का नेटवर्क चलता है। उसी सिम की सभी के पास सीयूजी नंबर है। इसके साथ ही सीमावर्ती थाना और पुलिस चौकी में सीयूजी नंबर है। बार्डर पर नेटवर्क की समस्या होने के बाद सूचनाओं के आदान-प्रदान में दिक्कत होती है। अगर कोई व्यक्ति सूचना देने के लिए काल करता है तो कई बार नेटवर्क कट जाता है। टॉवर लगने से यह समस्या दूर होगी, जिससे जनता को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अन्य सरकारी कार्यालय और सीमावर्ती क्षेत्र में काम करने वाली सरकारी एजेंसी के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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सीमावर्ती क्षेत्र में नेटवर्क की बड़ी समस्या है। बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) की ओर से बार्डर पर 4जी मोबाइल टॉवर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। पहले चरण में पांच टॉवर लगाया जाएगा। 68 किलोमीटर सीमा पर 24 मोबाइल टॉवर लगाए जाने की योजना बनी है। जो चरणवार पूरा किया जाएगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट सेवा बेहतर हो जाएगी।
-संजीव सिन्हा, एसडीओ बीएसएनएल
10 किलोमीटर के दायरे वाले गांव में हमेशा रहती थी नेटवर्क की समस्या
विश्वविद्यालय से लेकर कोटे की दुकान तक लोग नेटवर्क की दिक्कत से होते हैं परेशान
सीमा पर लगी सुरक्षा एजेंसियां और थानेदार भी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में करते हैं मशक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे जिले की 68 किमी नेपाल सीमा पर आठ किमी दायरे के कस्बा व गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सीमावर्ती क्षेत्र में इंटरनेट सेवा और मोबाइल कॉलिंग के लिए बीएसएनल (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने 24 मोबाइल टॉवर लगाने की कवायद शुरू की है। यह सभी टॉवर 4जी की सुविधा प्रदान करेंगे। इसमें पांच पर कार्य शुरू हुआ है, शेष 19 टावरों को चरणवार लगाने की योजना है। इससे 20 वर्ष से नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे सीमावर्ती क्षेत्र लोगों को जल्द ही मोबाइल व इंटरनेट की बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी।
नेपाल सीमा क्षेत्र के लोटन, बर्डपुर, शोहरतगढ़ और बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के 200 से अधिक गांव नेपाल बाॅर्डर के दायरे में आते हैं। बाॅर्डर से पांच से आठ किलोमीटर के दायरे में किसी भी कंपनी का नेटवर्क या तो काम नहीं करता है, या फिर उसकी गति बहुत धीमी होती है। कॉल करने के साथ ही इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल करने में कठिनाइयों से लोग जूझते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में बैंक से लेकर अन्य कार्यालय में इंटरनेट केबल कनेक्शन बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) का कनेक्शन है। साथ ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता भी इसी सेवा से जुड़े हुए हैं। लेकिन नेटवर्किंग समस्या से कोटे की दुकान से लेकर साइबर कैफे, सरकारी कार्यालय में लोग जूझ रहे हैं।
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बीएसएनएल की ओर से सीमावर्ती गांवों को बेहतर कॉलिंग और इंटरनेट सेवा के लिए 4जी स्पीड के 24 मोबाइल टॉवर लगाने की कवायद शुरू की है। इसमें पहले चरण में पांच टॉवर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। चरणवार टॉवर लगाए जाएंगे। यह टॉवर सीमा की सुरक्षा में लगी एजेंसियों परिसर में लगाए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय को मिलेगी बड़ी सहूलियत
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु बाॅर्डर से सटा हुआ है। इसलिए यहां पर नेटवर्क की दिक्कत रहती है। विश्वविद्यालय वैकल्पिक व्यवस्था से कार्य करता है। इसके साथ बच्चों को बड़ी समस्या होती है। उन्हें बात करने के साथ ही इंटरनेट से अगर कोई मेल करना हो, ऑनलाइन क्लॉस लेना हो या फिर शिक्षा से जुड़ी कोई अन्य जानकारी लेनी होती है तो समस्या होती है। बाॅर्डर एरिया छोड़कर पांच किलोमीटर दूर आने पर नेटवर्क काम करता है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था से काम करता है। टॉवर लगने से विद्यालय के स्टाप और छात्रों को टॉवर लगने से सहूलियत मिलेगी।
राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
राशन वितरण व्यवस्था ई-पाॅस मशीन से कर दी गई है। जो मोबाइल के सिम से चलती है। सीमावर्ती क्षेत्र के चारों ब्लॉक क्षेत्र के उपभोक्ता राशन वितरण के समय गांव छोड़कर पांच किलोमीटर दूर जाते हैं। जहां नेटवर्क काम करे, तब अंगूठा लग पाता है। कई बार तो प्रयास करने के बाद भी अंगूठा नहीं लग पाता है। कारण मशीन में इंटरनेट की हाईस्पीड की जरूरत होती है। एक ही पोर्टल पर हजारों की संख्या में मशीन चलती हैं। ऐसे में कम स्पीड के कारण काम ही नहीं करता है। अब मोबाइल टॉवर और 4जी सुविधा होने से उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
बैंकिंग सेवा नहीं होगी बाधित
बैंकों में केबल इंटरनेट सेवा बीएसएनएल ही उपलब्ध करवाता है। जहां हमेशा नेटवर्क की दिक्कत रहती है। चार ब्लॉक क्षेत्र में बाॅर्डर के बाजार में कई बैंक हैं। जहां वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद भी अक्सर नेटवर्क की दिक्कत से काम नहीं करता है। जिससे उपभोक्ताओं को धन निकासी के साथ ही अन्य समस्या होती है। नेटवर्क की सुविधा मिलने से काम आसान हो जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियों और थाना व पुलिस चौकी से हो सकेगा सूचना का अदान-प्रदान
सीमा पर लगी सुरक्षा एजेंसियों के पास बीएसएनएल का नेटवर्क चलता है। उसी सिम की सभी के पास सीयूजी नंबर है। इसके साथ ही सीमावर्ती थाना और पुलिस चौकी में सीयूजी नंबर है। बार्डर पर नेटवर्क की समस्या होने के बाद सूचनाओं के आदान-प्रदान में दिक्कत होती है। अगर कोई व्यक्ति सूचना देने के लिए काल करता है तो कई बार नेटवर्क कट जाता है। टॉवर लगने से यह समस्या दूर होगी, जिससे जनता को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अन्य सरकारी कार्यालय और सीमावर्ती क्षेत्र में काम करने वाली सरकारी एजेंसी के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
सीमावर्ती क्षेत्र में नेटवर्क की बड़ी समस्या है। बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) की ओर से बार्डर पर 4जी मोबाइल टॉवर लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। पहले चरण में पांच टॉवर लगाया जाएगा। 68 किलोमीटर सीमा पर 24 मोबाइल टॉवर लगाए जाने की योजना बनी है। जो चरणवार पूरा किया जाएगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट सेवा बेहतर हो जाएगी।
-संजीव सिन्हा, एसडीओ बीएसएनएल