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Siddharthnagar News: 2.36 लाख आयुष्मान कार्डधारक, छह अस्पताल, कैसे होगा इलाज

Fri, 19 May 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 19 May 2023 12:05 AM IST
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2.36 lakh Ayushman card holders, six hospitals, how will be the treatment
मेडिकल कालेज के ओपीडी के गेट पर स्थित आयुष्मान रजिस्ट्रेशन कक्ष। संवाद
सिद्धार्थनगर। गंभीर बीमारियों के निशुल्क इलाज के लिए पात्रों के आयुषमान कार्ड योजना के तहत बनाए जा रहे हैं जिससे रुपयों के अभाव में किसी जरूरतमंद का इलाज न रुके। लेकिन, जिले में इस योजना के तहत अस्पतालों के न जोड़े जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। हालत यह है कि जिले के 2.36 लाख कार्डधारकों के सापेक्ष सिर्फ छह अस्पताल योजना से जुड़े हैं। इससे पात्रों को इलाज पाने के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है।
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आर्थिक रूप से गंभीर रोगियों का अच्छे अस्पताल में बेहतर इलाज हो सके। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जा रहा है। इसमें सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों को चयनित किया गया है। जहां पर मरीज का ऑपरेशन होने के साथ ही दवा भी चल सके। आकड़ों पर गौर करें तो जिले में मौजूदा समय में 2.36 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हुए हैं। शासन ने एक बार फिर अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों का कार्ड बनाने का निर्देश दिया है। मई माह से अभियान की शुरुआत हुई और एक पखवारे में लगभग 15 हजार नये कार्ड जारी हो चुके हैं। अभियान कबतक चलेगा, इसकी अंतिम तिथि तय नहीं है। नगर के रमेश कुमार, अशोक रस्तोगी, प्रमोद का कहना है कि कार्ड तो तेजी से बनाए जा रहे हैं, लेकिन इलाज कहां मिलेगा, इसपर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। कारण जिले में गिना चुना अस्पताल चयनित किया गया है, जहां पर सभी का इलाज हो पाना संभव नहीं है। कार्ड बनाकर ही क्या करेंगे।
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मात्र प्राइवेट अस्पताल चयनित
मौजूदा समय में जिले की आबादी लगभग 29 लाख पहुंच गई है। आयुषमान कार्ड 2.36 लाख लोगों को जारी हो चुका है। लगभग चार लाख और लोगों का कार्ड बनाने का लक्ष्य है। जबकि जनपद में मात्र छह निजी अस्पताल चयनित किए हैं। इसमें हड्डी और मेडिसिन, बच्चों के हैं।
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200 से अधिक अस्पताल संचालित हो रहे जिले में
जिले में का कोई कोना नहीं बचा है, जहां पर अस्पताल संचालित न हो रहे हों। जिले में तकरीबन 200 अस्पताल संचालित हो रहे हैं। लेकिन आयुष्मान योजना में छह निजी अस्पताल का चयन किया गया है। अब इतने कार्डधारकों का इलाज कैसे हो सकेगा यह बड़ा प्रश्न है। अगर तहसीलवार अस्पताल चयनित कर लिया जाए तो शायद कुछ राहत मिल सके। लेकिन ऐसा किया नहीं जा रहा है।
अबतक जिले में इतने लोगों ने लिया योजना का लाभ
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 13094 मरीजों का इलाज हुआ। इनके इलाज पर 14 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई है। इसमें जिले के अलावा, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों का इलाज हुआ है।


जिले में टीम बनाकर आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना से जिले के छह निजी अस्पतालों को अनुबंधित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ये अस्पताल जुड़ जाएंगे तो इलाज में आसानी होगी।

- डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ
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