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मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्ट का भी आधार जरूरी

Mon, 08 Apr 2019 11:56 PM IST
siddharthnagar Published by: राकेश पांडेय Updated Mon, 08 Apr 2019 11:56 PM IST
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मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्ट का भी आधार जरूरी
आधार कार्ड
सिद्धार्थनगर। मेडिकल स्टोर के संचालन में गड़बड़ी रोकने के लिए औषधि विभाग ने नई पहल शुरू की है। अब एक ही नाम पर दवा की कई दुकानों का संचालन न हो, इसके लिए मेडिकल स्टोर के पंजीयन और नवीनीकरण के वक्त संचालन के साथ ही फार्मासिस्ट का भी आधार अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में फार्मासिस्ट का आधार नंबर दिए बिना पंजीयन और नवीनीकरण नहीं हो सकेगा।
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पिछले कुछ सालों में दवाओं की दुकानें बहुत तेजी से खुली हैं। इसकी वजह यह है कि इस क्षेत्र में मार्जिन बहुत ज्यादा है। मरीजों को सही दवा मिले इसे देखते हुए औषधि विभाग ने प्रत्येक मेडिकल स्टोर्स पर डी-फार्मा या डिग्री होल्डर फार्मासिस्ट की तैनाती अनिवार्य की है। इसके अनुपालन में सख्ती भी बरती गई है। इसे रोकने के लिए तीन साल पहले विभाग की तरफ से मेडिकल स्टोर का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हुआ था। पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रहीं हैं कि एक फार्मासिस्ट के नाम पर कई मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। जांच में यह बात भी सामने आ चुुकी है कि दूसरे जिले या प्रांतों के फार्मासिस्ट के नाम पर अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए मेडिकल स्टोर को चिह्नित कर पंजीकरण और नवीनीकरण में अब संचालक के साथ-साथ फार्मासिस्ट का आधार कार्ड भी विभाग के वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे यदि एक फार्मासिस्ट दूसरे मेडिकल स्टोर के पंजीयन या नवीनीकरण के वक्त आधार लगाएगा तो वह पकड़ में आ जाएगा।
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औषधि निरीक्षक मोहित कुमार दीप ने बताया कि एक फार्मासिस्ट के नाम पर कई मेडिकल स्टोर चलाने की शिकायते मिल रहीं थी। इसे रोकने के लिए शासन की ओर से इस वर्ष फार्मासिस्टों के आधार कार्ड को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। जिससे की इस पर रोक लगाई जा सके। नवीनीकरण की प्रक्रिया पांच साल बाद होती है।
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जिले भर में हैं मेडिकल स्टोर की भरमार
जिले में मेडिकल स्टोर की बात करें तो करीब 850 मेडिकल स्टोर की फुटकर दुकानें है और करीब 300 के करीब दवा की थोक दुकानें है। अगर गांव और चौराहों को जोड़े दें तो यह संख्या 1500 से अधिक हो जाएगी। इतना ही नहीं चौराहे, बाजार, गुमटी और छोटे-छोटे टिनशेडों में भी दवा की दुुकानें चल रही है। विभाग की माने तो करीब 400 फार्मासिस्ट जिले में है।

यह है मेडिकल स्टोर संचालन के नियम
हर मेडिकल स्टोर पर एक फार्मासिस्ट (डीफार्मा/बीफार्मा) अनिवार्य रूप से तैनात होना चाहिए।
शहरी क्षेत्र के मेडिकल स्टोर पर कंप्यूटर अनिवार्य।
मेडिकल स्टोर चलाने वाले की योग्यता कम से कम हाईस्कूल हो।
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