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19 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 04 May 2018 11:12 PM IST
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court
सिद्धार्थनगर। दरोगा व सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने के 19 आरोपियों की जमानत जिला जज केके अस्थाना ने गुरुवार को खारिज कर दी है। अभिलेखीय साक्ष्य में घटना से संबंधित वीडियो क्लिप व फोटोग्राफ पेश किए गए। मामले में कुल 28 नामजद व 100 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने, हमला व बलवा करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना 16 अप्रैल को थाना खेसरहा के ग्राम भलुआ की थी।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि 16 अप्रैल को खेसरहा के ग्राम भलुआ में कोटेदार का चयन करने के लिए सेक्रेट्री राजदेव मिश्रा के नेतृत्व में खुली बैठक आयोजित की गई थी। शांति व्यवस्था के लिए तत्कालीन चौकी इंचार्ज हरेंद्र राय, इंस्पेक्टर रामदरश के साथ पांच सिपाहियों को लगाया गया था। चयन प्रक्रिया में एक पक्ष को ज्यादा मत प्राप्त हुआ। इसे लेकर दूसरे पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस व ब्लॉक कर्मचारियों पर हमला कर दिया। साक्ष्य के रूप में घटना के समय बनाए गए वीडियो क्लिप व फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला जज केके अस्थाना ने आरोपी रामनरेश, रामउजागिर, पल्टन, गोकुल, रामभवन, रमेश, रामजीत, शिवकुमार, बहरैची और राशीराम आदि की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि 16 अप्रैल को खेसरहा के ग्राम भलुआ में कोटेदार का चयन करने के लिए सेक्रेट्री राजदेव मिश्रा के नेतृत्व में खुली बैठक आयोजित की गई थी। शांति व्यवस्था के लिए तत्कालीन चौकी इंचार्ज हरेंद्र राय, इंस्पेक्टर रामदरश के साथ पांच सिपाहियों को लगाया गया था। चयन प्रक्रिया में एक पक्ष को ज्यादा मत प्राप्त हुआ। इसे लेकर दूसरे पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस व ब्लॉक कर्मचारियों पर हमला कर दिया। साक्ष्य के रूप में घटना के समय बनाए गए वीडियो क्लिप व फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला जज केके अस्थाना ने आरोपी रामनरेश, रामउजागिर, पल्टन, गोकुल, रामभवन, रमेश, रामजीत, शिवकुमार, बहरैची और राशीराम आदि की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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