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गठबंधन ने भाजपा की नींव हिला दी: अखिलेश
Thu, 09 May 2019 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 May 2019 11:35 PM IST
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इटवा में गठबंधन के प्रत्याशी अफताब आलम की चुनावी सभा को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
- फोटो : अमर उजाला
इटवा/डुमरियागंज। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा झूठ व नफरत की नींव पर खड़ी है। इसकी जड़ों को गठबंधन हिला रहा है। अब तक के हुए चुनाव में महागठबंधन की आंधी चल रही है। भाजपा नेताओं को भी एहसास हो चुका है कि उनके दिन लदने वाले हैं।
वह गुरुवार को इटवा स्थित माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज के मैदान पर महागठबंधन प्रत्याशी आफताब आलम के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते कहा कि वह कहते है कि अगर संविधान न होता तो हम भैंस चराते। लेकिन हम ये कह रहे हैं कि अगर संविधान न होता तो बाबा घंटा बजाते मिलते। हमारे ऊपर टोटी ले जाने का आरोप लगाया, इनकी जब सत्ता जाएगी तो उसी मुख्यमंत्री आवास से चिलम मिलेगा। सिद्धार्थनगर के विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि हमने यहां यूनिवर्सिटी दी। जब से भाजपा की सरकार बनी, कोई धन नहीं दिया गया। हमने घोषणा पत्र में कहा था और आज भी कह रहे हैं मौका मिला तो सिद्धार्थनगर से लखनऊ एक्सप्रेस दूंगा। बाबा मुख्यमंत्री जानते ही नहीं एक्सप्रेस क्या है। हमारी सरकार ने छात्रों को लैपटॉप दिया। बीजेपी ने भी वादा किया था लैपटॉप देने का। दो वर्ष बीत गए, क्या किसी को लैपटॉप मिला। लैपटॉप इसलिए नहीं मिला, क्योंकि बाबा जी लैपटॉप चलाना नहीं जानते। लोकतंत्र बचाने के लिए हमने समझौता किया। प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते कहा कि अब वह प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि प्रचार मंत्री बन गए हैं। गठबंधन को दिल्ली में मिला तो सही आंकड़ा जनता के सामने पेश किया जाएगा। देश पीछे जा रहा है। मगर सरकार में बैठे लोग सच्चाई छुपा रहे हैं। गठबंधन तूफान बन चुका है। अब भाजपा नेताओं की भाषा भी बदल गई है। छुट्टा पशुओं के चलते सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। किसान छुट्टा पशुओं के चलते पूरी रात खेतों की चौकीदारी करने को मजबूर हैं। वहीं, देश का प्रधानमंत्री अपने को सबसे बड़ा चौकीदार कह रहा है। जबकि असली चौकीदार हमारे किसान हैं जो रात- दिन एक करके अपने खेतों की चौकीदारी कर रहे है। प्रदेश में यदि हमारी सरकार आएगी तो हम इन किसानों को एक विशेष पहचान वाली वर्दी देकर सम्मानित करेंगे। करीब 50 मिनट के संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने गठबंधन प्रत्याशी आफताब आलम को समर्थन देने की अपील की। जनसभा को पूर्व विस अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री डॉ मसूद, अरविंद सिंह गोप व प्रत्याशी आफताब आलम ने भी संबोधित किया। इस दौरान एमएलसी संतोष कुमार उर्फ शनि यादव, जमील अहमद, मुमताज अहमद, पूर्व राज्य सभा सदस्य आलोक तिवारी,तौलेश्वर निषाद, कमाल अहमद, इंद्रासना त्रिपाठी, अफसर रिजवी, जुबैदा चौधरी, कल्पनाथ बाबू, अरशद खुर्शीद, राम कुमार उर्फ चिन्कू यादव, उग्रसेेन सिंह, लालजी यादव, सैयदा खातून, डॉ. मसूूद अहमद, दिनेश चन्द्र गौतम, सपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी आदि मौजूद रहे।
अच्छे दिन शिक्षामित्रों को होगा याद
इटवा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार के अच्छे दिन आऐंगे का नारा किसी को भले ही न याद न हो। मगर इस नारे को शिक्षामित्रों से बेहतर कौन जानता होगा। प्रदेश के शिक्षामित्र हमारी सरकार के किए गए कार्य भाजपा के अच्छे दिन आऐंगे के नारों में आकर भूल गए। प्रदेश में भाजपा की सरकार के बनते ही उन्होंने इनकी रोजी रोटी छीन ली। उस समय पता नहीं भाजपा की चाय की चूस्कियों में कौन सा स्वाद मिला कि इन लोगों ने हमें छोड़कर उनके बहकावे में आ गए। बदले में उन्हें क्या मिला। यह किसी से छिपा नहीं है। मगर प्रदेश में हमारी सरकार आएगी तो हम वादा करते हैं कि यदि हम सत्ता में आए तो आपके दुखों का निवारण करेंगे। उनके इस घोषणा का शिक्षामित्रों ने ताली बजाकर स्वागत किया।
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इस सरकार से बेजुबान भी है नाराज
इटवा। सभा में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार से प्रदेश की जनता ही नहीं बेजुबान भी नाराज हैं। नाराजगी का आलम यह है कि आए दिन इन बेजुबानों के चलते कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक बेजुबान सांड़ ने जनता को संबोधित करने आए प्रदेश के मुखिया को हेलीकॉप्टर से उतरते ही उनसे विरोध जताते हुए अपने दुखों को बताना चाहा, तो सुरक्षा में लगे कर्मियो के हाथपांव फूल गए। मुख्यमंत्री से मिलने आए सांड़ को भगाने में कई पुलिस के जवान घायल हो गए। यही नहीं एक बार कन्नौज की सभा में एक साड़ मेरी सभा में चला आया। अभी वह कुछ उत्पात करता। मैंने माइक से कहा कि आप गलत जगह आ गए हैं। आपके दुखों के कारण वालों की यह सभा नहीं है। यह सुनने के बाद सांड़ शांति पूर्वक वंहा से चला गया। उन्होंने कहा कि इन सांड़ो के उत्पात का आलम यह है कि अकेले लखनऊ शहर में 11 लोगों की मौत हो गई ।
कालानमक धान से किसानों को रिझाने की कोशिश
इटवा। कालानमक धान की याद दिलाकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सिद्धार्थनगर के किसानों को रिझाने की कोशिश की। कहा कि मेरी इच्छा थी कि बासमती धान की तरह जनपद सिद्धार्थनगर की पहचान कालानमक धान बनें और टीबी सहित अन्य प्रचार माध्यमों में जनपद सिद्धार्थ नगर में पैदा होने वाले इस कालानमक का प्रचार-प्रसार हो। जिससे देश व विदेश में कालानमक धान के चावल की ख्याति जनपद के नाम के साथ हो। मगर हमारी यह सोच हमारी सरकार के जाने के बाद परवान नहीं चढ़ सकी। यदि हमारी सरकार आएगी तो हम कालानमक धान को जिले के नाम के साथ देश व विदेश में उसकी पहचान अवश्य दिलाएंगे।
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वह गुरुवार को इटवा स्थित माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज के मैदान पर महागठबंधन प्रत्याशी आफताब आलम के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते कहा कि वह कहते है कि अगर संविधान न होता तो हम भैंस चराते। लेकिन हम ये कह रहे हैं कि अगर संविधान न होता तो बाबा घंटा बजाते मिलते। हमारे ऊपर टोटी ले जाने का आरोप लगाया, इनकी जब सत्ता जाएगी तो उसी मुख्यमंत्री आवास से चिलम मिलेगा। सिद्धार्थनगर के विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि हमने यहां यूनिवर्सिटी दी। जब से भाजपा की सरकार बनी, कोई धन नहीं दिया गया। हमने घोषणा पत्र में कहा था और आज भी कह रहे हैं मौका मिला तो सिद्धार्थनगर से लखनऊ एक्सप्रेस दूंगा। बाबा मुख्यमंत्री जानते ही नहीं एक्सप्रेस क्या है। हमारी सरकार ने छात्रों को लैपटॉप दिया। बीजेपी ने भी वादा किया था लैपटॉप देने का। दो वर्ष बीत गए, क्या किसी को लैपटॉप मिला। लैपटॉप इसलिए नहीं मिला, क्योंकि बाबा जी लैपटॉप चलाना नहीं जानते। लोकतंत्र बचाने के लिए हमने समझौता किया। प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते कहा कि अब वह प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि प्रचार मंत्री बन गए हैं। गठबंधन को दिल्ली में मिला तो सही आंकड़ा जनता के सामने पेश किया जाएगा। देश पीछे जा रहा है। मगर सरकार में बैठे लोग सच्चाई छुपा रहे हैं। गठबंधन तूफान बन चुका है। अब भाजपा नेताओं की भाषा भी बदल गई है। छुट्टा पशुओं के चलते सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। किसान छुट्टा पशुओं के चलते पूरी रात खेतों की चौकीदारी करने को मजबूर हैं। वहीं, देश का प्रधानमंत्री अपने को सबसे बड़ा चौकीदार कह रहा है। जबकि असली चौकीदार हमारे किसान हैं जो रात- दिन एक करके अपने खेतों की चौकीदारी कर रहे है। प्रदेश में यदि हमारी सरकार आएगी तो हम इन किसानों को एक विशेष पहचान वाली वर्दी देकर सम्मानित करेंगे। करीब 50 मिनट के संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने गठबंधन प्रत्याशी आफताब आलम को समर्थन देने की अपील की। जनसभा को पूर्व विस अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री डॉ मसूद, अरविंद सिंह गोप व प्रत्याशी आफताब आलम ने भी संबोधित किया। इस दौरान एमएलसी संतोष कुमार उर्फ शनि यादव, जमील अहमद, मुमताज अहमद, पूर्व राज्य सभा सदस्य आलोक तिवारी,तौलेश्वर निषाद, कमाल अहमद, इंद्रासना त्रिपाठी, अफसर रिजवी, जुबैदा चौधरी, कल्पनाथ बाबू, अरशद खुर्शीद, राम कुमार उर्फ चिन्कू यादव, उग्रसेेन सिंह, लालजी यादव, सैयदा खातून, डॉ. मसूूद अहमद, दिनेश चन्द्र गौतम, सपा जिलाध्यक्ष अजय चौधरी आदि मौजूद रहे।
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अच्छे दिन शिक्षामित्रों को होगा याद
इटवा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार के अच्छे दिन आऐंगे का नारा किसी को भले ही न याद न हो। मगर इस नारे को शिक्षामित्रों से बेहतर कौन जानता होगा। प्रदेश के शिक्षामित्र हमारी सरकार के किए गए कार्य भाजपा के अच्छे दिन आऐंगे के नारों में आकर भूल गए। प्रदेश में भाजपा की सरकार के बनते ही उन्होंने इनकी रोजी रोटी छीन ली। उस समय पता नहीं भाजपा की चाय की चूस्कियों में कौन सा स्वाद मिला कि इन लोगों ने हमें छोड़कर उनके बहकावे में आ गए। बदले में उन्हें क्या मिला। यह किसी से छिपा नहीं है। मगर प्रदेश में हमारी सरकार आएगी तो हम वादा करते हैं कि यदि हम सत्ता में आए तो आपके दुखों का निवारण करेंगे। उनके इस घोषणा का शिक्षामित्रों ने ताली बजाकर स्वागत किया।
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इस सरकार से बेजुबान भी है नाराज
इटवा। सभा में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार से प्रदेश की जनता ही नहीं बेजुबान भी नाराज हैं। नाराजगी का आलम यह है कि आए दिन इन बेजुबानों के चलते कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही एक बेजुबान सांड़ ने जनता को संबोधित करने आए प्रदेश के मुखिया को हेलीकॉप्टर से उतरते ही उनसे विरोध जताते हुए अपने दुखों को बताना चाहा, तो सुरक्षा में लगे कर्मियो के हाथपांव फूल गए। मुख्यमंत्री से मिलने आए सांड़ को भगाने में कई पुलिस के जवान घायल हो गए। यही नहीं एक बार कन्नौज की सभा में एक साड़ मेरी सभा में चला आया। अभी वह कुछ उत्पात करता। मैंने माइक से कहा कि आप गलत जगह आ गए हैं। आपके दुखों के कारण वालों की यह सभा नहीं है। यह सुनने के बाद सांड़ शांति पूर्वक वंहा से चला गया। उन्होंने कहा कि इन सांड़ो के उत्पात का आलम यह है कि अकेले लखनऊ शहर में 11 लोगों की मौत हो गई ।
कालानमक धान से किसानों को रिझाने की कोशिश
इटवा। कालानमक धान की याद दिलाकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सिद्धार्थनगर के किसानों को रिझाने की कोशिश की। कहा कि मेरी इच्छा थी कि बासमती धान की तरह जनपद सिद्धार्थनगर की पहचान कालानमक धान बनें और टीबी सहित अन्य प्रचार माध्यमों में जनपद सिद्धार्थ नगर में पैदा होने वाले इस कालानमक का प्रचार-प्रसार हो। जिससे देश व विदेश में कालानमक धान के चावल की ख्याति जनपद के नाम के साथ हो। मगर हमारी यह सोच हमारी सरकार के जाने के बाद परवान नहीं चढ़ सकी। यदि हमारी सरकार आएगी तो हम कालानमक धान को जिले के नाम के साथ देश व विदेश में उसकी पहचान अवश्य दिलाएंगे।