{"_id":"5c83e8d8bdec2213fa1f9d10","slug":"131552148696-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए 1179","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए 1179
Sat, 09 Mar 2019 10:43 PM IST
brijesh kumar
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: brijesh kumar
Updated Sat, 09 Mar 2019 10:43 PM IST
विज्ञापन
जनपद न्यायालय में लोक आदलत का निरीक्षज्ञण करते नवागत जिला जज प्रेमनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संपन्न राष्ट्रीय लोक अदालत में 11 हजार 798 मुकदमों का सुलह-समझौता व जुर्माना के जरिए निस्तारण किया गया। इसके अलावा मोटर दुर्घटना के प्रतिकर व वापसीजर के 10 वादों में पीड़ित पक्ष को 30 लाख 15 हजार 184 रुपये प्रतिकर दिलवाया गया। बैंकों से लिए गए ऋणी द्वारा कुल 71 लाख 28 हजार 627 रुपये का टोकन मनी जमा हुआ।
शनिवार को आयोजित राष्ष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश प्रेम नाथ के दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस मौके पर न्यायिक अधिकारी ध्रुव कुमार तिवारी, राम चन्द्र यादव, विपिन कुमार द्वितीय, रोहित रघुवंशी, निर्भय नारायण राय, संजय चौधरी, महेन्द्र कुमार, श्रीमती ज्योति, सुश्री अर्पिता सिंह, सुनील कुमार सिंह के साथ तमाम अधिवक्ताओं की मौजूदगी रही। बाद में लोक अदालत के जरिए जिला जज ने मोटर दुर्घटना के 3 वाद का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को 10 लाख 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलवाए। अपर जनपद न्यायाधीश बांसी हरकेश कुमार ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 2 मामलों का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने पारिवारिक के 8 मामलों का निस्तारण किया। प्रथम अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रामचन्द्र यादव ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 4 वादों का निस्तारण किया।
द्वितीय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार द्वितीय ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 1 वाद अन्य सिविल से संबंधित 6 वाद का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने पारिवारिक मामलों के 6 वाद निस्तारित किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय चौधरी ने फौजदारी के 486 वाद निस्तारित किया। सिविल जज सीडि. महेन्द्र कुमार ने फौजदारी के 39 वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने फौजदारी के 3 व अन्य सिविल के 1 वाद निस्तारित किया। सिविल जज जूडि. बांसी शैलेश कुमार मौर्या ने फौजदारी के 65 वाद निस्तारित किया। सिविल जज जूडि. डुमरियागंज विवेक कुमार ने सिविल के दो मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा समस्त तहसीलों द्वारा 4692 वाद, थानों द्वारा 6372 वाद, एआरटीओ द्वारा 11 वादों का निस्तारण किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को आयोजित राष्ष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश प्रेम नाथ के दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस मौके पर न्यायिक अधिकारी ध्रुव कुमार तिवारी, राम चन्द्र यादव, विपिन कुमार द्वितीय, रोहित रघुवंशी, निर्भय नारायण राय, संजय चौधरी, महेन्द्र कुमार, श्रीमती ज्योति, सुश्री अर्पिता सिंह, सुनील कुमार सिंह के साथ तमाम अधिवक्ताओं की मौजूदगी रही। बाद में लोक अदालत के जरिए जिला जज ने मोटर दुर्घटना के 3 वाद का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को 10 लाख 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलवाए। अपर जनपद न्यायाधीश बांसी हरकेश कुमार ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 2 मामलों का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने पारिवारिक के 8 मामलों का निस्तारण किया। प्रथम अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रामचन्द्र यादव ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 4 वादों का निस्तारण किया।
विज्ञापन
द्वितीय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार द्वितीय ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 1 वाद अन्य सिविल से संबंधित 6 वाद का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने पारिवारिक मामलों के 6 वाद निस्तारित किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय चौधरी ने फौजदारी के 486 वाद निस्तारित किया। सिविल जज सीडि. महेन्द्र कुमार ने फौजदारी के 39 वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सिंह ने फौजदारी के 3 व अन्य सिविल के 1 वाद निस्तारित किया। सिविल जज जूडि. बांसी शैलेश कुमार मौर्या ने फौजदारी के 65 वाद निस्तारित किया। सिविल जज जूडि. डुमरियागंज विवेक कुमार ने सिविल के दो मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा समस्त तहसीलों द्वारा 4692 वाद, थानों द्वारा 6372 वाद, एआरटीओ द्वारा 11 वादों का निस्तारण किया गया।
विज्ञापन