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ैर-हर महादेव के जयघोष के साथ निकलीं भगवान भोले शंकर की बरात
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फोटो- है
हर-हर महादेव के जयघोष संग निकली शिव बरात
नगर में श्रद्धालुओं ने बरातियों का जगह-जगह स्वागत कर जलपान कराया
एसडीएम समेत सीओ पुलिस बल के साथ संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थलों पर मौजूद रहे
अमर उजाला ब्यूरो
शोहरतगढ़। सोमवार की रात को शिव बरात धूमधाम से अबीर-गुलाल उड़ाते, बैंड बाजों की धुन पर थिरकते हुए नगर पंचायत कार्यालय के बगल स्थित अति प्राचीन भगवान शिव शंकर की मंदिर से निकली। बरात मंदिर परिसर से शुरू होकर गड़ाकुल तिराहे से वापस सरकारी अस्पताल, गोलघर, भारत माता चौक, सोनारी मोहल्ला, प्रेम गली, पुलिस पिकेट से होते हुए वापस शिव मंदिर पहुंची। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भोले शंकर के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
शिव बरात में भगवान शंकर का रूप धारण किया बालक (सोनू) आकर्षण का केंद्र बना रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच में नगर के लोग बारात में बराती बनकर एक-दूसरे पर अबीर गुलाल उड़ाते हुए थिरकते रहे। इस दौरान बरातियों का जगह-जगह स्वागत एवं जलपान भी लोगों ने कराया। वहीं, दूसरी ओर नगर की महिलाओं ने बरात में भगवान शिव का रूप धारण किए बालक की पूजा-अर्चना कर अबीर-गुलाल लगाकर मंगल की कामना की। इस दौरान मंदिर के पुजारी अवधेश बाबा, आयोजक नंदू गौड़, सौरभ गुप्ता, कमलेश गुप्ता, रामदेव कसौधन, बृजेश वर्मा, कुश मोदनवाल, शिवपूजन वर्मा, शिवशंकर उमर, रामसेवक गुप्ता, सतीश मित्तल, मनोज गुप्ता, सुजीत अग्रहरि, देवेंद्र पाल, डॉ. प्रेमचंद श्रीवास्तव, विजय परसरामका, राममिलन चौधरी आदि मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम अनिल कुमार, नायब तहसीलदार अवधेश कुमार राय, सीओ दिलीप कुमार सिंह, एसओ अवधेशराज सिंह आदि मौजूद रहे।
बच्चों ने भंडारे का आयोजन किया
शोहरतगढ़। शिव बारात के दौरान शिव मंदिर श्रीराम चौराहा की ओर से भंडारे का आयोजन बच्चों की ओर से किया गया। बच्चों ने आपस में चंदा जुटाकर शिव मंदिर का दरवाजा भी लगवाया। शिव बारात में मौजूद बरातियों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान संजय शाहू, अनुभव गुप्ता, सुमित, शिवा, राहुल, अनमोल, अक्षय कसौधन आदि मौजूद रहे।
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शिव बरात की निकली मनमोहक झांकी
ककरहवा। आस्था एवं श्रद्धा के पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर सोमवार की देर शाम सीमावर्ती क्षेत्र के ककरहवा कस्बे में शिव विवाह का भव्य आयोजन किया गया। नेपाल सीमा पर बसे ककरहवा में आयोजित हुए इस कार्यक्रम का शुरुआत हनुमानगढ़ी मंदिर से पूरे धूमधाम से शिव बरात चल कर कस्बे का भ्रमण करते हुए पुलिस चौकी के बगल में स्थित शिव मंदिर पर पहुंची। जहां शिव पार्वती विवाह का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। इस दौरान रथ पर सवार हो भगवान शंकर तथा साथ में चल रही राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी लोगों को अपने तरफ मोहित कर रही थी। बारात के दौरान पटाखों की गूंज पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर रही थी। क्षेत्र के लोगों ने विवाह संपन्न होने के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। पूरी रात जागरण का आनंद उठाते रहे। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदंबिका पाल की पत्नी स्नेहलता पाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में रिंकू पाल, अमित उपाध्याय, अंबरीश जायसवाल, ग्राम प्रधान बालमुकुंद जायसवाल, रामचरन जायसवाल, हरिशंकर तिवारी, विजय गुप्ता, दिलीप पांडेय, तेजप्रताप जायसवाल, कमेटी अध्यक्ष सर्वेश वर्मा, बृजेश वर्मा, अमन जायसवाल, दुर्गेश वर्मा, सुनील मिश्रा, अजय मोदनवाल, राज वर्मा, सुरेंद्र वर्मा, विशाल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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‘प्रज्ञा पुराण में है सभी समस्याओं का निदान’
जिगना हबीरपुर मां दुर्गा मंदिर पर चल रही कथा
अमर उजाला ब्यूरो
बिस्कोहर। जिगना हबीरपुर स्थित मां दुर्गा मंदिर पर हो रहे प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इस दौरान शांति कुंज हरिद्वार के कथा व्यास ने प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से लोगों में विचार क्रांति लाने के लिए जागरूक किया।
कथा के दौरान कथा व्यास कमला शर्मा ने कहा कि प्रज्ञा पुराण 19वां पुराण है। इसे युग व्यास वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने लिखा है। इसमें वर्तमान समय की समस्त समस्याओं का समाधान है। प्रथम खंड में भगवान विष्णु एवं देवर्षि नारद के संवाद हैं। भगवान कहते हैं कि इस समय आस्था पर संकट है। मनुष्य ने मानवीय गरिमा को भुला दिया है। इसी वजह से विकृति चिंतन तथा भ्रष्ट आचरण आज की मूल समस्या है। इसी से व्यक्ति का स्वास्थ्य, मानसिक शांति, परिवार व्यवस्था व समाज का संतुलन गड़बड़ा गया है। कहा कि भगवान का 24वां अवतार प्रज्ञा की देवी गायत्री के रूप में हुआ है। हमें गायत्री मंत्र का जप प्रतिदिन करना चाहिए और इसकी शिक्षाओं को जीवन में अमल करना चाहिए। मंगलवार सुबह सात बजे से दस बजे तक सर्वतोभद्र पूजन के साथ पंच कुंडीय यज्ञ सम्पन्न कराया गया। इस मौके पर द्वारपाल चौरसिया, घनश्याम यादव, विंदा विश्वकर्मा, शेषराम गुप्ता, छब्बल मौर्या, पंडित विश्मभर पांडेय, गोपाल शरण चौधरी, शिव पूजन वर्मा आदि मौजूद रहे ।
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कलश यात्रा निकाल नौ दिवसीय यज्ञ शुरू हुआ
बर्डपुर। क्षेत्र की ग्रामसभा बर्डपुर नंबर-4 के टोला शिवपुरा में श्रीराम जनकी मंदिर परिसर में नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ का आयोजन शुरू हुआ। जिसको लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में 101 महिलाएं एवं युवतियां और युवा तथा वृद्ध शामिल हुए। मंगलवार की दोपहर कलश यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू होकर राम नगर, नंदनगर चौराहा होते हुए जमुआर नाले के तट पर पहुंची। जहां नदी से कलश में जल भरने के पश्चात कलश यात्रा वापस यज्ञ स्थल पर पहुंचकर कर समाप्त हुई। कलश यात्रा के दौरान जहां एक तरफ श्रद्धालुओं द्वारा जयकारे नारे लगाए जा रहे थे। वहीं, डीजे पर बज रहे भक्ति धुनों पर लोग थिरकते हुए नजर आए। यज्ञ के आयोजक हनुमान पांडेय ने बताया कि नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दोपहर में कथावाचक पंडित गिरिजामणि त्रिपाठी के प्रवचन के साथ रात में रामलीला कलाकार मंचन करेंगे। इस अवसर पर राम कुमार सिंह, मनतेश आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्सन-05एसडीएन84पी- जखौली मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए महिलाओं ने कलश पूजन किया।
कलश यात्रा में उमड़ पड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के जखौली गांव स्थित नवनिर्मित शिव मंदिर पर आयोजित तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया है। इसके लिए मंगलवार पहले दिन श्रद्धालु महिलाओं और बालिकाओं ने 51 कलश को लेकर बैंडबाजे के साथ नाचते गाते हुए जल भरने के लिए यात्रा निकाली। इस दौरान महिलाओं ने हरहर महादेव का जयकारा लगाया। इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में श्रद्धालु महिलाएं और बालिकाएं एकत्रित होना आरंभ हो गईं। इसके बाद महिलाओं ने अपना-अपना कलश लेकर कतारबद्ध होकर मंदिर परिसर से निकलकर महुआखुर्द, मिश्रौलिया, औसानपुर होते हुए डुमरियागंज स्थित राप्ती तट पर पहुंची। जहां पूजा अर्चना के साथ कलश में जल भरा गया। जिन्हें बाद में मंदिर में स्थापित किया गया। बुधवार की सुबह मूर्ति मिलाप और बृहस्पतिवार को विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम समाप्त होगा। इस अवसर पर विश्वनाथ प्रसाद श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, हरिप्रकाश श्रीवास्तव, सीताशरण पांडेय, विकग्रांत श्रीवास्तव, गीता श्रीवास्तव, सितारा देवी, राजेन्द्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, घनश्याम, राधेश्याम, आलोक श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, सूरज श्रीवास्तव, कांशीराम मौर्या, आदि मौजूद रहे।
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हर-हर महादेव के जयघोष संग निकली शिव बरात
नगर में श्रद्धालुओं ने बरातियों का जगह-जगह स्वागत कर जलपान कराया
एसडीएम समेत सीओ पुलिस बल के साथ संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थलों पर मौजूद रहे
अमर उजाला ब्यूरो
शोहरतगढ़। सोमवार की रात को शिव बरात धूमधाम से अबीर-गुलाल उड़ाते, बैंड बाजों की धुन पर थिरकते हुए नगर पंचायत कार्यालय के बगल स्थित अति प्राचीन भगवान शिव शंकर की मंदिर से निकली। बरात मंदिर परिसर से शुरू होकर गड़ाकुल तिराहे से वापस सरकारी अस्पताल, गोलघर, भारत माता चौक, सोनारी मोहल्ला, प्रेम गली, पुलिस पिकेट से होते हुए वापस शिव मंदिर पहुंची। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भोले शंकर के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
शिव बरात में भगवान शंकर का रूप धारण किया बालक (सोनू) आकर्षण का केंद्र बना रहा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच में नगर के लोग बारात में बराती बनकर एक-दूसरे पर अबीर गुलाल उड़ाते हुए थिरकते रहे। इस दौरान बरातियों का जगह-जगह स्वागत एवं जलपान भी लोगों ने कराया। वहीं, दूसरी ओर नगर की महिलाओं ने बरात में भगवान शिव का रूप धारण किए बालक की पूजा-अर्चना कर अबीर-गुलाल लगाकर मंगल की कामना की। इस दौरान मंदिर के पुजारी अवधेश बाबा, आयोजक नंदू गौड़, सौरभ गुप्ता, कमलेश गुप्ता, रामदेव कसौधन, बृजेश वर्मा, कुश मोदनवाल, शिवपूजन वर्मा, शिवशंकर उमर, रामसेवक गुप्ता, सतीश मित्तल, मनोज गुप्ता, सुजीत अग्रहरि, देवेंद्र पाल, डॉ. प्रेमचंद श्रीवास्तव, विजय परसरामका, राममिलन चौधरी आदि मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम अनिल कुमार, नायब तहसीलदार अवधेश कुमार राय, सीओ दिलीप कुमार सिंह, एसओ अवधेशराज सिंह आदि मौजूद रहे।
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बच्चों ने भंडारे का आयोजन किया
शोहरतगढ़। शिव बारात के दौरान शिव मंदिर श्रीराम चौराहा की ओर से भंडारे का आयोजन बच्चों की ओर से किया गया। बच्चों ने आपस में चंदा जुटाकर शिव मंदिर का दरवाजा भी लगवाया। शिव बारात में मौजूद बरातियों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान संजय शाहू, अनुभव गुप्ता, सुमित, शिवा, राहुल, अनमोल, अक्षय कसौधन आदि मौजूद रहे।
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शिव बरात की निकली मनमोहक झांकी
ककरहवा। आस्था एवं श्रद्धा के पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर सोमवार की देर शाम सीमावर्ती क्षेत्र के ककरहवा कस्बे में शिव विवाह का भव्य आयोजन किया गया। नेपाल सीमा पर बसे ककरहवा में आयोजित हुए इस कार्यक्रम का शुरुआत हनुमानगढ़ी मंदिर से पूरे धूमधाम से शिव बरात चल कर कस्बे का भ्रमण करते हुए पुलिस चौकी के बगल में स्थित शिव मंदिर पर पहुंची। जहां शिव पार्वती विवाह का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। इस दौरान रथ पर सवार हो भगवान शंकर तथा साथ में चल रही राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी लोगों को अपने तरफ मोहित कर रही थी। बारात के दौरान पटाखों की गूंज पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर रही थी। क्षेत्र के लोगों ने विवाह संपन्न होने के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। पूरी रात जागरण का आनंद उठाते रहे। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदंबिका पाल की पत्नी स्नेहलता पाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में रिंकू पाल, अमित उपाध्याय, अंबरीश जायसवाल, ग्राम प्रधान बालमुकुंद जायसवाल, रामचरन जायसवाल, हरिशंकर तिवारी, विजय गुप्ता, दिलीप पांडेय, तेजप्रताप जायसवाल, कमेटी अध्यक्ष सर्वेश वर्मा, बृजेश वर्मा, अमन जायसवाल, दुर्गेश वर्मा, सुनील मिश्रा, अजय मोदनवाल, राज वर्मा, सुरेंद्र वर्मा, विशाल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
फोटो- है
‘प्रज्ञा पुराण में है सभी समस्याओं का निदान’
जिगना हबीरपुर मां दुर्गा मंदिर पर चल रही कथा
अमर उजाला ब्यूरो
बिस्कोहर। जिगना हबीरपुर स्थित मां दुर्गा मंदिर पर हो रहे प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया। इस दौरान शांति कुंज हरिद्वार के कथा व्यास ने प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से लोगों में विचार क्रांति लाने के लिए जागरूक किया।
कथा के दौरान कथा व्यास कमला शर्मा ने कहा कि प्रज्ञा पुराण 19वां पुराण है। इसे युग व्यास वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने लिखा है। इसमें वर्तमान समय की समस्त समस्याओं का समाधान है। प्रथम खंड में भगवान विष्णु एवं देवर्षि नारद के संवाद हैं। भगवान कहते हैं कि इस समय आस्था पर संकट है। मनुष्य ने मानवीय गरिमा को भुला दिया है। इसी वजह से विकृति चिंतन तथा भ्रष्ट आचरण आज की मूल समस्या है। इसी से व्यक्ति का स्वास्थ्य, मानसिक शांति, परिवार व्यवस्था व समाज का संतुलन गड़बड़ा गया है। कहा कि भगवान का 24वां अवतार प्रज्ञा की देवी गायत्री के रूप में हुआ है। हमें गायत्री मंत्र का जप प्रतिदिन करना चाहिए और इसकी शिक्षाओं को जीवन में अमल करना चाहिए। मंगलवार सुबह सात बजे से दस बजे तक सर्वतोभद्र पूजन के साथ पंच कुंडीय यज्ञ सम्पन्न कराया गया। इस मौके पर द्वारपाल चौरसिया, घनश्याम यादव, विंदा विश्वकर्मा, शेषराम गुप्ता, छब्बल मौर्या, पंडित विश्मभर पांडेय, गोपाल शरण चौधरी, शिव पूजन वर्मा आदि मौजूद रहे ।
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कलश यात्रा निकाल नौ दिवसीय यज्ञ शुरू हुआ
बर्डपुर। क्षेत्र की ग्रामसभा बर्डपुर नंबर-4 के टोला शिवपुरा में श्रीराम जनकी मंदिर परिसर में नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ का आयोजन शुरू हुआ। जिसको लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में 101 महिलाएं एवं युवतियां और युवा तथा वृद्ध शामिल हुए। मंगलवार की दोपहर कलश यात्रा यज्ञ स्थल से शुरू होकर राम नगर, नंदनगर चौराहा होते हुए जमुआर नाले के तट पर पहुंची। जहां नदी से कलश में जल भरने के पश्चात कलश यात्रा वापस यज्ञ स्थल पर पहुंचकर कर समाप्त हुई। कलश यात्रा के दौरान जहां एक तरफ श्रद्धालुओं द्वारा जयकारे नारे लगाए जा रहे थे। वहीं, डीजे पर बज रहे भक्ति धुनों पर लोग थिरकते हुए नजर आए। यज्ञ के आयोजक हनुमान पांडेय ने बताया कि नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दोपहर में कथावाचक पंडित गिरिजामणि त्रिपाठी के प्रवचन के साथ रात में रामलीला कलाकार मंचन करेंगे। इस अवसर पर राम कुमार सिंह, मनतेश आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्सन-05एसडीएन84पी- जखौली मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए महिलाओं ने कलश पूजन किया।
कलश यात्रा में उमड़ पड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के जखौली गांव स्थित नवनिर्मित शिव मंदिर पर आयोजित तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया है। इसके लिए मंगलवार पहले दिन श्रद्धालु महिलाओं और बालिकाओं ने 51 कलश को लेकर बैंडबाजे के साथ नाचते गाते हुए जल भरने के लिए यात्रा निकाली। इस दौरान महिलाओं ने हरहर महादेव का जयकारा लगाया। इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
सुबह 11 बजे मंदिर परिसर में श्रद्धालु महिलाएं और बालिकाएं एकत्रित होना आरंभ हो गईं। इसके बाद महिलाओं ने अपना-अपना कलश लेकर कतारबद्ध होकर मंदिर परिसर से निकलकर महुआखुर्द, मिश्रौलिया, औसानपुर होते हुए डुमरियागंज स्थित राप्ती तट पर पहुंची। जहां पूजा अर्चना के साथ कलश में जल भरा गया। जिन्हें बाद में मंदिर में स्थापित किया गया। बुधवार की सुबह मूर्ति मिलाप और बृहस्पतिवार को विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम समाप्त होगा। इस अवसर पर विश्वनाथ प्रसाद श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, हरिप्रकाश श्रीवास्तव, सीताशरण पांडेय, विकग्रांत श्रीवास्तव, गीता श्रीवास्तव, सितारा देवी, राजेन्द्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, घनश्याम, राधेश्याम, आलोक श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, सूरज श्रीवास्तव, कांशीराम मौर्या, आदि मौजूद रहे।