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उर्दू के शिक्षक पढ़ा रहे थे गणित, संविदा समाप्त
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श्रावस्ती। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में उर्दू की डिग्री लिए एक शिक्षक वर्षों से गणित पढ़ा रहा था। ऐसे ही पूर्णकालिक शिक्षकों के स्थान पर पुरुषों की तैनाती की गई थी। ऐसी ही कई कमियां जिले के पांच विद्यालयों में जिला स्तरीय टास्क फोर्स को जांच के दौरान मिलीं। इसके चलते 14 शिक्षकों की संविदा समाप्त कर दी गई।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भारी अनियमितता बरती गई थी। जो शिक्षक जिस विषय को पढ़ाने के लिए उपयुक्त ही नहीं था, उसे उस विषय का शिक्षक नियुक्त कर दिया गया था। इसके चलते वर्षों से छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ था।
इसका खुलासा सीडीओ की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति की ओर से किया गया। समिति ने जांच में पाया कि हरिहरपुररानी विकास खंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में तैनात शिक्षक सलाउद्दीन उर्दू स्नातक हैं, लेकिन उनकी तैनाती गणित पढ़ाने के लिए कर दी गई। ऐसी ही स्थिति इस विद्यालय में हिंदी शिक्षक अरविंद सिंह, गणित शिक्षक अर्जुन व विज्ञान शिक्षक राजेश की भी थी।
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यह लोग मुख्य विषय के लिए तैनात किए गए थे, जबकि इन विषयों के लिए केवल महिलाओं की ही तैनाती हो सकती थी। इसी प्रकार सिरसिया के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पूर्ण कालिक शिक्षिका सुशीला सिंह व अंजना श्रीवास्तव की शैक्षिक आहर्ता ही उस विषय के लिए पूर्ण नहीं थी।
जबकि अंग्रेजी शिक्षक योगेंद्र प्रसाद गुप्ता व कर्ताराम की तैनाती ही अवैध पाई गई। गिलौला में गणित शिक्षक विजय कुमार व अंग्रेजी शिक्षक कृष्ण बहादुर सहित इकौना के हिंदी शिक्षक ओम प्रकाश शुक्ला, गणित शिक्षण कृष्ण कुमार अवस्थी सामाजिक विज्ञान शिक्षक रामराज व हिंदी के अध्यापक संतराम की भी नियुक्ति मुख्य विषय पर होने के कारण इन्हें भी अपात्र माना गया। ऐसे में कमेटी की सिफारिश के बाद इन 14 शिक्षकों की संविदा बीएसए ने समाप्त कर दी है।
जोड़तोड़ से चला काम
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान व विज्ञान विषय को मुख्य विषय माना जाता है। इस पर पूर्णकालिक शिक्षकों की तैनाती होती है। इसके लिए महिलाएं ही केवल पात्र हैं। इसके अतिरिक्त अन्य विषयों पर अंश कालिक शिक्षक रखने का प्राविधान है। जिस पर पुरुष की भी तैनाती भी हो सकती है, लेकिन उसका मानदेय पूर्ण कालिक के सापेक्ष कम होता है। इसीलिए जोड़तोड़ करके पुरुष भी पूर्ण कालिक शिक्षक के रूप में तैनाती हथियाने में सफल रहे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्त में कई खामियां थीं। जिला स्तरीय समिति की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ। विद्यालयों में मुख्य विषय पर तैनाती होने व त्रुटिपूर्ण समायोजन होने के कारण 14 शिक्षकों की संविदा निरस्त की गई है। - कमलेश कुमार, प्रभारी बीएसए
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भारी अनियमितता बरती गई थी। जो शिक्षक जिस विषय को पढ़ाने के लिए उपयुक्त ही नहीं था, उसे उस विषय का शिक्षक नियुक्त कर दिया गया था। इसके चलते वर्षों से छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ था।
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इसका खुलासा सीडीओ की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति की ओर से किया गया। समिति ने जांच में पाया कि हरिहरपुररानी विकास खंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में तैनात शिक्षक सलाउद्दीन उर्दू स्नातक हैं, लेकिन उनकी तैनाती गणित पढ़ाने के लिए कर दी गई। ऐसी ही स्थिति इस विद्यालय में हिंदी शिक्षक अरविंद सिंह, गणित शिक्षक अर्जुन व विज्ञान शिक्षक राजेश की भी थी।
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यह लोग मुख्य विषय के लिए तैनात किए गए थे, जबकि इन विषयों के लिए केवल महिलाओं की ही तैनाती हो सकती थी। इसी प्रकार सिरसिया के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पूर्ण कालिक शिक्षिका सुशीला सिंह व अंजना श्रीवास्तव की शैक्षिक आहर्ता ही उस विषय के लिए पूर्ण नहीं थी।
जबकि अंग्रेजी शिक्षक योगेंद्र प्रसाद गुप्ता व कर्ताराम की तैनाती ही अवैध पाई गई। गिलौला में गणित शिक्षक विजय कुमार व अंग्रेजी शिक्षक कृष्ण बहादुर सहित इकौना के हिंदी शिक्षक ओम प्रकाश शुक्ला, गणित शिक्षण कृष्ण कुमार अवस्थी सामाजिक विज्ञान शिक्षक रामराज व हिंदी के अध्यापक संतराम की भी नियुक्ति मुख्य विषय पर होने के कारण इन्हें भी अपात्र माना गया। ऐसे में कमेटी की सिफारिश के बाद इन 14 शिक्षकों की संविदा बीएसए ने समाप्त कर दी है।
जोड़तोड़ से चला काम
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान व विज्ञान विषय को मुख्य विषय माना जाता है। इस पर पूर्णकालिक शिक्षकों की तैनाती होती है। इसके लिए महिलाएं ही केवल पात्र हैं। इसके अतिरिक्त अन्य विषयों पर अंश कालिक शिक्षक रखने का प्राविधान है। जिस पर पुरुष की भी तैनाती भी हो सकती है, लेकिन उसका मानदेय पूर्ण कालिक के सापेक्ष कम होता है। इसीलिए जोड़तोड़ करके पुरुष भी पूर्ण कालिक शिक्षक के रूप में तैनाती हथियाने में सफल रहे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्त में कई खामियां थीं। जिला स्तरीय समिति की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ। विद्यालयों में मुख्य विषय पर तैनाती होने व त्रुटिपूर्ण समायोजन होने के कारण 14 शिक्षकों की संविदा निरस्त की गई है। - कमलेश कुमार, प्रभारी बीएसए