{"_id":"5efb62f28ebc3e432e60a229","slug":"two-thousand-rupees-per-month-should-be-given-to-farmers-srawasti-news-lko528484352","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों को दिए जाएं प्रतिमाह दो हजार रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों को दिए जाएं प्रतिमाह दो हजार रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इकौना (श्रावस्ती)। लॉकडाउन के दौरान किसानों को भारी क्षति हुई। इसकी भरपाई नहीं हो पा रही है। वहीं सरकार डीजल व पेट्रोल का मूल्य बढ़ा कर किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। जिसेे अविलंब वापस लिया जाए। इसके साथ ही किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में प्रतिमाह दो हजार रुपये दिए जाएं। जिससे किसानों को लॉकडउान में हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
यह बातें मंगलवार को इकौना तहसील परिसर में मासिक पंचायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) अराजनैतिक के देवी पाटन मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला ने कही। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान किसानों के खेत में लगे फल व सब्जियां बर्बाद हो गई। वहीं किसानों को दूध, मछली, शहद, फूल आदि को मंडी बंद होने के कारण न सिर्फ आधे दामों में बचना पड़ा।
बल्कि उनके खराब हो जाने के भय से फेंकना भी पड़ा। जिसकी भरपाई के लिए सरकार को चाहिए कि वह किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में छह हजार रुपये प्रति वर्ष के स्थान पर उन्हें 24 हजार रुपये प्रदान करें। इसके साथ ही किसानों के सभी प्रकार के एक वर्ष तक के कर्ज को माफ करें। धान की रोपाई के मौसम में सरकार द्वारा डीजल का मूल्य बढ़ा कर किसानों के साथ छलावा किया गया है।
विज्ञापन
ऐसे में सरकार तत्काल डीजल व पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में घटा कर डीजल व पेट्रोल का दाम कम करे। जिससे किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने इकौना तहसील अध्यक्ष सोम शर्मा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन उप जिलाधिकारी इकौना राजेश कुमार मिश्र व पुलिस क्षेत्राधिकारी तारकेश्वर पांडेय को सौंपा। इस मौके पर किसान यूनियन के विजय कुमार, लालता प्रसाद यादव सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
यह बातें मंगलवार को इकौना तहसील परिसर में मासिक पंचायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) अराजनैतिक के देवी पाटन मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला ने कही। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान किसानों के खेत में लगे फल व सब्जियां बर्बाद हो गई। वहीं किसानों को दूध, मछली, शहद, फूल आदि को मंडी बंद होने के कारण न सिर्फ आधे दामों में बचना पड़ा।
विज्ञापन
बल्कि उनके खराब हो जाने के भय से फेंकना भी पड़ा। जिसकी भरपाई के लिए सरकार को चाहिए कि वह किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में छह हजार रुपये प्रति वर्ष के स्थान पर उन्हें 24 हजार रुपये प्रदान करें। इसके साथ ही किसानों के सभी प्रकार के एक वर्ष तक के कर्ज को माफ करें। धान की रोपाई के मौसम में सरकार द्वारा डीजल का मूल्य बढ़ा कर किसानों के साथ छलावा किया गया है।
विज्ञापन
ऐसे में सरकार तत्काल डीजल व पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी पूरे देश में घटा कर डीजल व पेट्रोल का दाम कम करे। जिससे किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने इकौना तहसील अध्यक्ष सोम शर्मा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन उप जिलाधिकारी इकौना राजेश कुमार मिश्र व पुलिस क्षेत्राधिकारी तारकेश्वर पांडेय को सौंपा। इस मौके पर किसान यूनियन के विजय कुमार, लालता प्रसाद यादव सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।