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जनसंख्या का मानक नहीं पूरा कर पा रहीं दो ग्राम पंचायतें

Sat, 13 Mar 2021 10:13 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 10:13 PM IST
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Two gram panchayats are not able to meet the standard of population
जमुनहा (श्रावस्ती)। जमुनहा के गंगाभागड़ व बेलरी पंचायतों से बाढ़ के कारण लगभग दस वर्ष पूर्व अधिसंख्य लोग पलायित हो गए थे। इसमें से कुछ बहराइच चले गए तो कुछ जिले की अन्य पंचायतों में आवासित हो गए थे। पलायित लोगों को इस वर्ष सूची के पुनरीक्षण के दौरान विलोपित कर दिया गया। जिसके चलते इन दो मूल गांवों में अब वोटरों की संख्या न्यूनतम हो गई है। यहां तक कि दोनों पंचायतें अब पंचायत का दर्जा हासिल करने लायक जनसंख्या भी नहीं जोड़ पा रही हैं।
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राप्ती में आई बाढ़ के कारण जमुनहा क्षेत्र के गंगाभागड़ व बेलरी पंचायत कटान ग्रस्त हो गया था। जिसके चलते इस गांव के लगभग 60 फीसदी लोग पलायित होकर 10 वर्ष पूर्व ही बहराइच के हालिया सहित जिले के अन्य गांवों में आवासित हो गए थे। धीरे-धीरे पलायित लोगों ने उसी पंचायत में अपना घर बना लिया। लेकिन स्थानीय गुणा गणित के कारण वह वहां के वोटर नहीं बन पाए। वहीं दूसरी ओर पलायित परिवार अपना घर तो गैर पंचायतों में लेकर चले गए। लेकिन वोटर लिस्ट में वह मूल गांव गंगाभागड़ व बेलरी में ही बने रहे। ऐसे में राजनीतिकरण के कारण वह लाभ तो गंगाभागड़ व बेललरी के नाम पर लेते व उसको फलीभूत बहराइच व अन्य गांव जहां वह बसे हुए थे, वहां जाकर करते थे। जिसके चलते योजनाओं के संचालन में भी समस्या आ गई।
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इस मामले में कई बार सूची पुनरीक्षण के दौरान शिकायतें हुईं कि ऐसे लोग जो 10 वर्ष पूर्व ही पलायित होकर चले गए हैं। जिनके नाम पर अब केवल कागजों पर ही गंगाभागड़ व बेलरी पंचायतें कायम हें। ऐसे लोगों को वोटर लिस्ट से बाहर किया जाए। साथ ही पंचायतों का परिसीमन करके उन्हें अन्य पंचायतों से मिला दिया जाए। पंचायतों के परिसीमन को लेकर कोई निर्णय तो नहीं हो सका। लेकिन मतदता सूची पुनरीक्षण के दौरान गंगाभागड़ से लगभग 847 व बेलरी से 952 लोगों का नाम खारिज कर दिया गया। ऐसे में अब गंगाभागड़ में लगभग 170 मत व बेलरी पंचायत में मात्र 160 मत ही अवशेष बचे हैं। जो अद्यतन रूप में पंचायत में निवास कर रहे हैं।
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पंचायत के अस्तित्व को लेकर भी उठने लगा सवाल
गंगाभागड़ व बेलरी में 170 व 160 मत होने का तात्पर्य है कि इन गांवों की आबादी 500 से कम ही होगी। जबकि एक पंचायत के गठन के लिए कम से कम एक हजार की आबादी होना अनिवार्य है। ऐसे में यदि पंचायत अपनी जनसंख्या पूरी नहीं कर पाता तो संभव है कि यहां चुनाव को लेकर भी संकट उपजे।
यहां हुए पलायित
बेलरी से पलायित 952 लोग बहराइच के होलिया, श्रावस्ती के सागर गांव, श्रीनगर व लालबोझा दर्वेश गांव में शिफ्ट हो चुके हैं। जबकि गंगाभागड़ के लगभग 843 लोग लालबोझा दर्वेश गांव में शिफ्ट हो गए हैं।

गंगाभागड़ व बेलरी पंचायतों की सूची पुनरीक्षित हुई है। इसमें कुछ लोग जो गैर गांव में जाकर बस गए थे। उन्हें हटाकर संबंधित पंचायत में जोड़ने का निर्देश दिया गया है। वहीं कुछ लोग बहराइच जनपद में आने वाले गांवों में बसे हुए हैं। वहां के प्रशासन को पत्र भेज कर सूचना दी जा चुकी है। -योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी
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