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Shravasti News: प्यासे खेत, सूखे माइनर किसानों की बढ़ा रहे परेशानी
Fri, 15 Dec 2023 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 15 Dec 2023 12:41 AM IST
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गिलौला (श्रावस्ती)। गिलौला क्षेत्र के किसानों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। पहले खाद व बीज के लिए परेशान किसानों को अब सिंचाई के लिए पानी की कमी की दिक्कत झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र में सूखी माइनर किसानों की मुश्किलें बढ़ा रहीं हैं। वहीं, खेतों में लगी फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए किसान निजी ट्यूबवेल का सहारा लेने को विवश हैं।
रबी के मौसम में गेहूं की बाेआई के लिए किसान डीएपी को लेकर समितियों का चक्कर लगा रहे थे। किसी तरह गेहूं की बोआई कर चुके किसानों के सामने अब सिंचाई का संकट उत्पन्न हो चुका है। गिलौला क्षेत्र में करीब 20 किमी. में लंबी सरयू नहर मुख्य शाखा बस्ती स्थित है। इससे निकली अलीनगर माइनर गिलौला क्षेत्र के खेतों की प्यास बुझाती है। इसके सहारे क्षेत्र के गुडुहुरु, लेंगडी गूलर, गोपालपुर, मनसुखा, हडि़ल्ला, कटार, रायपुर बिलेला, भिठौरा राम सहाय, कल्याणपुर, रामपुर पैड़ा, बसभरिया पुरैना, कमलाभारी, गोड़ारी, खड़ैला, अलीनगर सहित कई अन्य गांवों में हजारों एकड़ खेतों की सिंचाई होती है।
वहीं, रायडीह माइनर से मनाडोल, कटहा, तिलकपुर, विजयपुर सिसावा, कुम्हारन पुरवा, चंद्रवा, रानीपुर काजी, कोट मुबारकपुर, राजापुर खुर्द सहित करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र के गांवों के किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। दिसबंर माह का प्रथम पखवाड़ा समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद मुख्य नहर में पानी न आने के कारण माइनर सूखी पड़ी है। ऐसे में गेहूं की बोआई कर चुके किसान अब खेत की सिंचाई के लिए परेशान हैं। किसानों को अपनी फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए निजी पंपिंग सेटों का सहारा लेना पड़ रहा है। अधिकारियों के ध्यान न देने से किसानों में नाराजगी है।
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इस बारे में एडीएम एके वर्मा बताते हैं कि डीएम की ओर से निर्देश जारी हो चुका हैं। जल्द ही नहर व माइनर में पानी छोड़ा जाएगा।
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रबी के मौसम में गेहूं की बाेआई के लिए किसान डीएपी को लेकर समितियों का चक्कर लगा रहे थे। किसी तरह गेहूं की बोआई कर चुके किसानों के सामने अब सिंचाई का संकट उत्पन्न हो चुका है। गिलौला क्षेत्र में करीब 20 किमी. में लंबी सरयू नहर मुख्य शाखा बस्ती स्थित है। इससे निकली अलीनगर माइनर गिलौला क्षेत्र के खेतों की प्यास बुझाती है। इसके सहारे क्षेत्र के गुडुहुरु, लेंगडी गूलर, गोपालपुर, मनसुखा, हडि़ल्ला, कटार, रायपुर बिलेला, भिठौरा राम सहाय, कल्याणपुर, रामपुर पैड़ा, बसभरिया पुरैना, कमलाभारी, गोड़ारी, खड़ैला, अलीनगर सहित कई अन्य गांवों में हजारों एकड़ खेतों की सिंचाई होती है।
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वहीं, रायडीह माइनर से मनाडोल, कटहा, तिलकपुर, विजयपुर सिसावा, कुम्हारन पुरवा, चंद्रवा, रानीपुर काजी, कोट मुबारकपुर, राजापुर खुर्द सहित करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र के गांवों के किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। दिसबंर माह का प्रथम पखवाड़ा समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद मुख्य नहर में पानी न आने के कारण माइनर सूखी पड़ी है। ऐसे में गेहूं की बोआई कर चुके किसान अब खेत की सिंचाई के लिए परेशान हैं। किसानों को अपनी फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए निजी पंपिंग सेटों का सहारा लेना पड़ रहा है। अधिकारियों के ध्यान न देने से किसानों में नाराजगी है।
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इस बारे में एडीएम एके वर्मा बताते हैं कि डीएम की ओर से निर्देश जारी हो चुका हैं। जल्द ही नहर व माइनर में पानी छोड़ा जाएगा।