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Shravasti News: चढ़ने लगा पारा, सूखने लगे तालाब
Wed, 26 Mar 2025 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 26 Mar 2025 12:26 AM IST
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गिलौला के सुविखा में बना अमृत सरोवर।
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श्रावस्ती। मार्च में ही धूप की तपिश से ग्रामीण इलाकों में बने तालाब सूखने लगे हैं। भूगर्भ जलस्तर के नीचे जाने के कारण हैंडपंप व ट्यूबवेल के भी पानी छोड़ने की आशंका है। इससे मवेशियों के लिए पेयजल संकट की आशंका ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है।
जिले में करीब 900 तालाब चिह्नित हैं। इसमें प्रशासन ने 550 तालाबों का निर्माण मनरेगा योजना के तहत करवाया है। वहीं वन विभाग द्वारा जंगल में जीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए करीब 16 जलाशयों का निर्माण कराया गया था। इसके साथ ही जिले में फेज-वन के तहत 167 अमृत सरोवर का निर्माण हो रहा है। इसमें से 154 का काम पूरा हो चुका है। शेष तालाब प्राचीन समय से हैं। इनमें से इकौना व भिनगा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के कई तालाबों पर तो स्थानीय लोगों ने कब्जा कर वहां अवैध निर्माण तक करा लिया है, जो तालाब मौजूद हैं, उनमें भी पानी भरवाने की कवायद न होने से वह तेज धूप की तपिश के साथ चढ़ते पारे के कारण अब सूखने लगे हैं।
20 फीट तक गिर जाता है भूगर्भ जलस्तर
भिनगा व जमुनहा विकास क्षेत्र का सामान्य जलस्तर 10 फीट है। जो ग्रीष्म ऋतु में घटकर 15 से 18 फीट चला जाता है। वहीं इकौना व गिलौला क्षेत्र का सामान्य जलस्तर 12-14 फीट है, जो गर्मी में 18-20 फीट तक नीचे चला जाता है। असिंचित सिरसिया विकास क्षेत्र का सामान्य जलस्तर 15 फीट है, जो गर्मी के दिनों में 20 फीट तक चला जाता है। ऐसे में जब वर्षा ऋतु के बाद से अब तक बरसात नहीं हुई, तो इस बार यह समस्या और भी बढ़ सकती है।
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अभी पशुओं में पेयजल संकट जैसी स्थिति नहीं है। जो तालाब सूखने लगे हैं, उनमें अप्रैल माह से पानी भरवाने के इंतजाम कराए जाएंगे, ताकि मवेशियों को पेयजल संकट न होने पाए। - राम समुझ, डीडीओ
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जिले में करीब 900 तालाब चिह्नित हैं। इसमें प्रशासन ने 550 तालाबों का निर्माण मनरेगा योजना के तहत करवाया है। वहीं वन विभाग द्वारा जंगल में जीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए करीब 16 जलाशयों का निर्माण कराया गया था। इसके साथ ही जिले में फेज-वन के तहत 167 अमृत सरोवर का निर्माण हो रहा है। इसमें से 154 का काम पूरा हो चुका है। शेष तालाब प्राचीन समय से हैं। इनमें से इकौना व भिनगा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के कई तालाबों पर तो स्थानीय लोगों ने कब्जा कर वहां अवैध निर्माण तक करा लिया है, जो तालाब मौजूद हैं, उनमें भी पानी भरवाने की कवायद न होने से वह तेज धूप की तपिश के साथ चढ़ते पारे के कारण अब सूखने लगे हैं।
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20 फीट तक गिर जाता है भूगर्भ जलस्तर
भिनगा व जमुनहा विकास क्षेत्र का सामान्य जलस्तर 10 फीट है। जो ग्रीष्म ऋतु में घटकर 15 से 18 फीट चला जाता है। वहीं इकौना व गिलौला क्षेत्र का सामान्य जलस्तर 12-14 फीट है, जो गर्मी में 18-20 फीट तक नीचे चला जाता है। असिंचित सिरसिया विकास क्षेत्र का सामान्य जलस्तर 15 फीट है, जो गर्मी के दिनों में 20 फीट तक चला जाता है। ऐसे में जब वर्षा ऋतु के बाद से अब तक बरसात नहीं हुई, तो इस बार यह समस्या और भी बढ़ सकती है।
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अभी पशुओं में पेयजल संकट जैसी स्थिति नहीं है। जो तालाब सूखने लगे हैं, उनमें अप्रैल माह से पानी भरवाने के इंतजाम कराए जाएंगे, ताकि मवेशियों को पेयजल संकट न होने पाए। - राम समुझ, डीडीओ