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Shravasti News: दिनेश की मौत की खबर से परिवार में पसरा मातम
Wed, 12 Nov 2025 01:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:19 AM IST
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मृतक दिनेश के घर पर जुटे ग्रामीण। - संवाद
श्रावस्ती। दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार बम धमाके में श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गनेशपुर के मजरा चिकनीपुरवा निवासी दिनेश मिश्रा (34) की दर्दनाक मौत हो गई। दिनेश मिश्रा परिवार के भरण-पोषण के लिए बीते 10 सालों से दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे। परिजनों के मुताबिक बम विस्फोट के समय दिनेश प्रिंटिंग प्रेस के किसी काम से लाल किला की ओर गए थे।
मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि दिनेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने बताया कि उनकी माली हालत ठीक नहीं है। उनके तीनों बेटे दिल्ली में रोजगार के लिए गए थे। उनका बड़ा बेटा दद्दू मिश्रा कपड़े की दुकान और छोटा बेटा गुड्डू इम्पोर्ट कॉप्लेम्स में काम करता है। वहीं दिनेश मिश्रा प्रिंटिंग प्रेस में नाैकरी करता था।
सोमवार को टीवी पर बम विस्फोट की खबर देखने के बाद उन्होंने दिनेश को फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। उन्होंने गुड्डू व दद्दू को फोन कर दिनेश का पता लगाने के लिए कहा। इस दौरान देर रात दिनेश के बम विस्फोट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत की सूचना मिली। सूचना के बाद पूरे परिवार में मातम पसर गया।
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11 बजे किसी ने भाई का फोन उठाया और कहा कि लोकनायक अस्पताल आओ
श्रावस्ती। लाल किला के पास धमाके के बाद से ही बड़े भाई दिनेश मिश्रा (34) को फोन करने लगे थे, लेकिन उनका फोन नहीं मिल रहा था। दिल्ली में मैं और सबसे बड़े भैया ही नहीं श्रावस्ती में रह रहे परिवार के लोग भी परेशान थे। लगातार हम लोग फोन कर रहे थे। रात करीब 11 बजे किसी व्यक्ति ने फोन उठाया और उसकी बात सुन हम सब सन्न रह गए।
दिल्ली धमाके में जान गंवाने वाले श्रावस्ती के इकौना के गणेशपुर के मजरा चिकनीपुरवा निवासी गुड्डू मिश्रा ने फोन पर हुई बात के दौरान उस समय के हालात को बयां किया। गुड्डू ने बताया कि दिनेश के मोबाइल से बात कर रहे व्यक्ति ने बस इतना कहा कि तत्काल लोकनायक अस्पताल की इमरजेंसी आ जाओ। इतना सुनते ही आननफानन लोकनायक अस्पताल के लिए निकला।
गुड्डू ने बिलखते हुए बताया कि वह लोकनायक अस्पताल से लगभग 25 किमी दूर रहते हैं। रात लगभग 12 बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां अफरातफरी थी। उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। वे बताते हैं कि वो गिड़गिड़ाते रहे कि उनका भाई अंदर है और उन्हें भाई के बारे में जानना है, लेकिन किसी ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया। उनके हंगामा करने पर उन्हें अंदर जाने दिया गया, लेकिन उनका भाई दिनेश अंदर नहीं मिला। अंदर मिली लिस्ट में भी उनके भाई का नाम नहीं था, इससे वो और घबरा गए।
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बोले पिता, टीवी पर समाचार से मिली धमाके की जानकारी
मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि उन्हें टीवी पर दिल्ली में बम विस्फोट की खबर मिली। उन्होंने तुरंत दिनेश को फोन किया, लेकिन उसका फोन बंद मिला। जिसके बाद छोटे बेटे गुड्डू को फोन कर सभी के कुशलक्षेम ली। गुड्डू से दिनेश से संपर्क करने को कहा, लेकिन उसने भी फोन बंद होने की सूचना दी। इस दौरान देर रात गुड्डू ने फोन पर दिनेश के मौत की सूचना दी तो पूरे परिवार में मातम पसर गया।
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दो बजे तक भटकने के बाद एसएचओ ने दी मर्च्युरी जाने की सलाह...
गुड्डू ने नम आंखों के साथ बताया कि वो रात लगभग दो बजे तक अस्पताल में भटकते रहे और अपने भाई को यहां-वहां ढूढंते रहे, लेकिन उनके भाई का कुछ पता नहीं चला। इस दौरान एक एसएचओ ने उन्हें मर्च्युरी हाउस जाने की सलाह दी। वहां पहुंचने पर उनके भाई का शव अज्ञात में रखा मिला। गुड्डू ने बताया कि उनके भाई के पास आधार मौजूद नहीं था, इसलिए उसके शव को अज्ञात में रखा गया था।
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सीताद्वार मेले पर बेटा आया था घर, नहीं पता था कि ये आखिरी मुलाकात है...
दिनेश की मौत की सूचना के बाद से उनकी मां सावित्री की रो-रोकर हालत खराब है। उनकी आंखों लाल हो गई हैं और आंसू सूखने लगे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग आठ दिन पहले दिनेश सीताद्वार मेला देखने के लिए घर आए थे। तीन दिन तक दिनेश घर पर रुके थे और पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। मेला देखने के बाद काम को लेकर वो वापस फिर दिल्ली चले गए थे। मुझे पता होता कि बेटा अब लौट कर दोबारा नहीं आएगा, तो मैं बेटे को कभी दिल्ली नहीं जाने देती।
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तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
पिता भूरे मिश्रा ने बिलखते हुए बताया कि दिनेश की शादी लगभग 10 साल पहले रीना देवी के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे बेटा हिमांशु (8), बेटी बिट्टा (7) और सृष्टि (4) हैं। दिनेश की मौत की सूचना के बाद से बच्चों की रो-रोकर हालत खराब है।
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डीएम ने फोन पर की बात, हर संभव मदद का दिया भरोसा
दिल्ली बम विस्फोट में दिनेश मिश्रा के मौत की सूचना पर डीएम अश्विनी कुमार पांडेय ने एसडीएम इकौना पीयूष जायसवाल को दिनेश के घर भेजा। एसडीएम ने मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा से डीएम की बात करवाई। इस दौरान डीएम ने मृतक के पिता से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि दिनेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने बताया कि उनकी माली हालत ठीक नहीं है। उनके तीनों बेटे दिल्ली में रोजगार के लिए गए थे। उनका बड़ा बेटा दद्दू मिश्रा कपड़े की दुकान और छोटा बेटा गुड्डू इम्पोर्ट कॉप्लेम्स में काम करता है। वहीं दिनेश मिश्रा प्रिंटिंग प्रेस में नाैकरी करता था।
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सोमवार को टीवी पर बम विस्फोट की खबर देखने के बाद उन्होंने दिनेश को फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। उन्होंने गुड्डू व दद्दू को फोन कर दिनेश का पता लगाने के लिए कहा। इस दौरान देर रात दिनेश के बम विस्फोट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत की सूचना मिली। सूचना के बाद पूरे परिवार में मातम पसर गया।
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11 बजे किसी ने भाई का फोन उठाया और कहा कि लोकनायक अस्पताल आओ
श्रावस्ती। लाल किला के पास धमाके के बाद से ही बड़े भाई दिनेश मिश्रा (34) को फोन करने लगे थे, लेकिन उनका फोन नहीं मिल रहा था। दिल्ली में मैं और सबसे बड़े भैया ही नहीं श्रावस्ती में रह रहे परिवार के लोग भी परेशान थे। लगातार हम लोग फोन कर रहे थे। रात करीब 11 बजे किसी व्यक्ति ने फोन उठाया और उसकी बात सुन हम सब सन्न रह गए।
दिल्ली धमाके में जान गंवाने वाले श्रावस्ती के इकौना के गणेशपुर के मजरा चिकनीपुरवा निवासी गुड्डू मिश्रा ने फोन पर हुई बात के दौरान उस समय के हालात को बयां किया। गुड्डू ने बताया कि दिनेश के मोबाइल से बात कर रहे व्यक्ति ने बस इतना कहा कि तत्काल लोकनायक अस्पताल की इमरजेंसी आ जाओ। इतना सुनते ही आननफानन लोकनायक अस्पताल के लिए निकला।
गुड्डू ने बिलखते हुए बताया कि वह लोकनायक अस्पताल से लगभग 25 किमी दूर रहते हैं। रात लगभग 12 बजे अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां अफरातफरी थी। उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। वे बताते हैं कि वो गिड़गिड़ाते रहे कि उनका भाई अंदर है और उन्हें भाई के बारे में जानना है, लेकिन किसी ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया। उनके हंगामा करने पर उन्हें अंदर जाने दिया गया, लेकिन उनका भाई दिनेश अंदर नहीं मिला। अंदर मिली लिस्ट में भी उनके भाई का नाम नहीं था, इससे वो और घबरा गए।
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बोले पिता, टीवी पर समाचार से मिली धमाके की जानकारी
मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि उन्हें टीवी पर दिल्ली में बम विस्फोट की खबर मिली। उन्होंने तुरंत दिनेश को फोन किया, लेकिन उसका फोन बंद मिला। जिसके बाद छोटे बेटे गुड्डू को फोन कर सभी के कुशलक्षेम ली। गुड्डू से दिनेश से संपर्क करने को कहा, लेकिन उसने भी फोन बंद होने की सूचना दी। इस दौरान देर रात गुड्डू ने फोन पर दिनेश के मौत की सूचना दी तो पूरे परिवार में मातम पसर गया।
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दो बजे तक भटकने के बाद एसएचओ ने दी मर्च्युरी जाने की सलाह...
गुड्डू ने नम आंखों के साथ बताया कि वो रात लगभग दो बजे तक अस्पताल में भटकते रहे और अपने भाई को यहां-वहां ढूढंते रहे, लेकिन उनके भाई का कुछ पता नहीं चला। इस दौरान एक एसएचओ ने उन्हें मर्च्युरी हाउस जाने की सलाह दी। वहां पहुंचने पर उनके भाई का शव अज्ञात में रखा मिला। गुड्डू ने बताया कि उनके भाई के पास आधार मौजूद नहीं था, इसलिए उसके शव को अज्ञात में रखा गया था।
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सीताद्वार मेले पर बेटा आया था घर, नहीं पता था कि ये आखिरी मुलाकात है...
दिनेश की मौत की सूचना के बाद से उनकी मां सावित्री की रो-रोकर हालत खराब है। उनकी आंखों लाल हो गई हैं और आंसू सूखने लगे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग आठ दिन पहले दिनेश सीताद्वार मेला देखने के लिए घर आए थे। तीन दिन तक दिनेश घर पर रुके थे और पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। मेला देखने के बाद काम को लेकर वो वापस फिर दिल्ली चले गए थे। मुझे पता होता कि बेटा अब लौट कर दोबारा नहीं आएगा, तो मैं बेटे को कभी दिल्ली नहीं जाने देती।
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तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
पिता भूरे मिश्रा ने बिलखते हुए बताया कि दिनेश की शादी लगभग 10 साल पहले रीना देवी के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे बेटा हिमांशु (8), बेटी बिट्टा (7) और सृष्टि (4) हैं। दिनेश की मौत की सूचना के बाद से बच्चों की रो-रोकर हालत खराब है।
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डीएम ने फोन पर की बात, हर संभव मदद का दिया भरोसा
दिल्ली बम विस्फोट में दिनेश मिश्रा के मौत की सूचना पर डीएम अश्विनी कुमार पांडेय ने एसडीएम इकौना पीयूष जायसवाल को दिनेश के घर भेजा। एसडीएम ने मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा से डीएम की बात करवाई। इस दौरान डीएम ने मृतक के पिता से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।