{"_id":"611a949e8ebc3e42e175598e","slug":"the-boom-in-rapti-panic-among-cacharians-srawasti-news-lko5915010142","type":"story","status":"publish","title_hn":"राप्ती में उफान, कछारवासियों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राप्ती में उफान, कछारवासियों में दहशत
विज्ञापन
जमुनहा के लौकिहा व सर्रा गांव में घुसा बाढ़ का पानी व लोगों को बाहर निकालती एसएसबी व एनडीआरएफ टीम
- फोटो : SRAWASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। इसके बावजूद राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। घटते-बढ़ते जलस्तर को देख कछार वासियों की धड़कने भी घट बढ़ रही हैं। बढ़े जलस्तर के कारण राप्ती के कछार में बसे कई गांव जलमग्न हैं। लोगों की मदद के लिए एसएसबी व एनडीआरएफ के जवान मोटर बोट का सहारा ले रहे हैं। वहीं प्रशासन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को राहत के लिए लंच पैकेट का वितरण कराया जा रहा है। कई मार्गों के जलमग्न हो जाने के कारण लोग आने- जाने के लिए छोटी नाव का सहारा लेने को विवश हैं। वहीं पहाड़ी नालों के उफान पर आ जाने के कारण तेंदुआ रतनपुर मार्ग पर आवागमन प्रभावित हैं।
नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी सहित सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नालों का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। सोमवार दोपहर एक बजे से जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 128 मीटर पर स्थिर बना हुआ है। जो खतरे के निशान से अब भी 30 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 128.20 मीटर था। यहां खतरे का निशान 127.70 मीटर है। राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर के कारण राप्ती नदी के कछार में बसे गांव में खेत पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। वहीं राप्ती की लहरें खेत खलिहान, मार्ग व चकमार्गों को जलमग्न करते हुए गांव में प्रवेश कर रही है। जिससे कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
वहीं तमाम गांव पानी से घिर जाने के कारण टापू बन चुके हैं। जहां आने जाने के लिए लोगों को छोटी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिनकी मदद के लिए एसएसबी व एनडीआरफ की टीम मोटर बोट का सहारा ले रही है। वहीं तहसील प्रशासन की ओर से पीड़ितों को लंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है। सिरसिया क्षेत्र में पहाड़ी नालों के उफान पर होने से नालों के किनारे स्थित खेतों में लगी फसले बर्बाद हो रही है। वहीं भिनगा जंगल के मध्य बहने वाला केन नाला भी उफान पर है। जिससे जंगल जलमग्न है। वहीं भिनगा तालबघौड़ा मार्ग पर तेंदुआ रतनपुर के निकट पुल सहित कई अन्य स्थानों पर नाले का पानी आ जाने के कारण आवागमन प्रभावित है।
विज्ञापन
नरैनापुर गांव राप्ती की बाढ़ के कारण पूरी तरह से घिरा हुआ है। यहां गांव में भी पानी प्रवेश कर चुका है। ऐसे में ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए एसएसबी के जवानों द्वारा मोटरबोट का सहारा लिया जा रहा है। वही उपजिलाधिकारी जमुनहा प्रवेंद्र कुमार व तहसीलदार जमुनहा नारायण सिंह द्वारा ग्रामीणों को लंच पैकेट का वितरण कराया गया है। इसके साथ ही एनडीआरफ की टीम भी बाढ़ से घिरे गांवों में लोगों की मदद कर रही है। वहीं एनडीआरएफ टीम के कमांडर निरीक्षक धीरेन्द्र उपाध्याय के नेतृत्व में उनकी टीम नारायणपुर, वीरपुर लौकिहा में रैकी की जा रही है। यहां बाढ़ के कारण गांव से संपर्क मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने से गांव का संपर्क टूट गया है।
यह गांव हुए जलमग्न, बने टापू
राप्ती नदी की कछार में बसा लौकिहा, अशरफ नगर, सधई पुरवा, चहलवा, सुल्तानाजोत, सर्रा, उत्तमापुर, जिगरिया, नरैनापुर, भग्गनपुरवा, ओरीपुरवा, बरंगा, वीरपुर, हरिहरपुर, महाराजनगर, मिसिरपुरवा, पिपरहवा, गुरदत्तपुरवा, बरुहा सहित कई अन्य गांव या तो जलमग्न हैं। या फिर बाढ़ से घिरने के कारण टापू बन गए हैं।
और हुई बरसात तो सिरसिया का भी कटेगा संपर्क
सिरसिया विकास क्षेत्र को मुख्यालय भिनगा से जोड़ने के लिए तीन मार्ग स्थित हैं। भिनगा जंगल में जलप्लावन के कारण भिनगा ताल बघौड़ा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो चुका है। जबकि भिनगा सिरसिया मार्ग के बराबर जंगल का पानी पहुंच चुका है। यही स्थिति भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग की भी है। जहां केन नाले का जलस्तर और बढ़ा तो इन दोनों मार्ग पर भी नाले का पानी आ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो सिरसिया विकास क्षेत्र का मुख्यालय भिनगा से सीधा संपर्क कट जाएगा।
सभी तहसील व बाढ़ चौकियों को हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया जा चुका है। नदी के घटते बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखने का निर्देश दिया गया है। किसी को कोई परेशानी न हो इसके लिए संबंधित एसडीएम व तहसीलदार को पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। -टीके शिबु, जिलाधिकारी
विज्ञापन
नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी सहित सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ी नालों का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। सोमवार दोपहर एक बजे से जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 128 मीटर पर स्थिर बना हुआ है। जो खतरे के निशान से अब भी 30 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 128.20 मीटर था। यहां खतरे का निशान 127.70 मीटर है। राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर के कारण राप्ती नदी के कछार में बसे गांव में खेत पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। वहीं राप्ती की लहरें खेत खलिहान, मार्ग व चकमार्गों को जलमग्न करते हुए गांव में प्रवेश कर रही है। जिससे कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
विज्ञापन
वहीं तमाम गांव पानी से घिर जाने के कारण टापू बन चुके हैं। जहां आने जाने के लिए लोगों को छोटी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिनकी मदद के लिए एसएसबी व एनडीआरफ की टीम मोटर बोट का सहारा ले रही है। वहीं तहसील प्रशासन की ओर से पीड़ितों को लंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है। सिरसिया क्षेत्र में पहाड़ी नालों के उफान पर होने से नालों के किनारे स्थित खेतों में लगी फसले बर्बाद हो रही है। वहीं भिनगा जंगल के मध्य बहने वाला केन नाला भी उफान पर है। जिससे जंगल जलमग्न है। वहीं भिनगा तालबघौड़ा मार्ग पर तेंदुआ रतनपुर के निकट पुल सहित कई अन्य स्थानों पर नाले का पानी आ जाने के कारण आवागमन प्रभावित है।
विज्ञापन
नरैनापुर गांव राप्ती की बाढ़ के कारण पूरी तरह से घिरा हुआ है। यहां गांव में भी पानी प्रवेश कर चुका है। ऐसे में ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए एसएसबी के जवानों द्वारा मोटरबोट का सहारा लिया जा रहा है। वही उपजिलाधिकारी जमुनहा प्रवेंद्र कुमार व तहसीलदार जमुनहा नारायण सिंह द्वारा ग्रामीणों को लंच पैकेट का वितरण कराया गया है। इसके साथ ही एनडीआरफ की टीम भी बाढ़ से घिरे गांवों में लोगों की मदद कर रही है। वहीं एनडीआरएफ टीम के कमांडर निरीक्षक धीरेन्द्र उपाध्याय के नेतृत्व में उनकी टीम नारायणपुर, वीरपुर लौकिहा में रैकी की जा रही है। यहां बाढ़ के कारण गांव से संपर्क मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने से गांव का संपर्क टूट गया है।
यह गांव हुए जलमग्न, बने टापू
राप्ती नदी की कछार में बसा लौकिहा, अशरफ नगर, सधई पुरवा, चहलवा, सुल्तानाजोत, सर्रा, उत्तमापुर, जिगरिया, नरैनापुर, भग्गनपुरवा, ओरीपुरवा, बरंगा, वीरपुर, हरिहरपुर, महाराजनगर, मिसिरपुरवा, पिपरहवा, गुरदत्तपुरवा, बरुहा सहित कई अन्य गांव या तो जलमग्न हैं। या फिर बाढ़ से घिरने के कारण टापू बन गए हैं।
और हुई बरसात तो सिरसिया का भी कटेगा संपर्क
सिरसिया विकास क्षेत्र को मुख्यालय भिनगा से जोड़ने के लिए तीन मार्ग स्थित हैं। भिनगा जंगल में जलप्लावन के कारण भिनगा ताल बघौड़ा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो चुका है। जबकि भिनगा सिरसिया मार्ग के बराबर जंगल का पानी पहुंच चुका है। यही स्थिति भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग की भी है। जहां केन नाले का जलस्तर और बढ़ा तो इन दोनों मार्ग पर भी नाले का पानी आ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो सिरसिया विकास क्षेत्र का मुख्यालय भिनगा से सीधा संपर्क कट जाएगा।
सभी तहसील व बाढ़ चौकियों को हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया जा चुका है। नदी के घटते बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखने का निर्देश दिया गया है। किसी को कोई परेशानी न हो इसके लिए संबंधित एसडीएम व तहसीलदार को पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। -टीके शिबु, जिलाधिकारी