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Shravasti News: थाईलैंड के अनुयायियों ने किया पूजन
Thu, 11 Dec 2025 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:19 AM IST
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जेतवन परिसर की परिक्रमा करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु आनंद सागर के नेतृत्व में जेतवन परिसर की परिक्रमा की और गंध कुटी पर पारंपरिक रीति-रिवाज से दर्शन-पूजन किया।
बौद्ध सभा के दौरान भिक्षु आनंद सागर ने बताया कि महात्मा बुद्ध ने करुणा को बहुत महत्वपूर्ण बताया था। करुणा का मतलब है दूसरों के दुख को समझना और उनकी मदद करना। जब हम किसी के दर्द या परेशानियों को महसूस करते हैं और उनकी मदद करने की इच्छा रखते हैं, तो वह करुणा कहलाती है।
बुद्ध का कहना था कि हमें अपने आसपास के लोगों के दुखों में शामिल होकर उनकी मदद करनी चाहिए। इससे हम खुद भी शांति और खुशी महसूस कर सकते हैं। अहिंसा महात्मा बुद्ध के उपदेशों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसका मतलब है कि किसी भी जीव के प्रति हिंसा से बचना और सभी के साथ दया, प्रेम और शांति से व्यवहार करना है।
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बौद्ध सभा के दौरान भिक्षु आनंद सागर ने बताया कि महात्मा बुद्ध ने करुणा को बहुत महत्वपूर्ण बताया था। करुणा का मतलब है दूसरों के दुख को समझना और उनकी मदद करना। जब हम किसी के दर्द या परेशानियों को महसूस करते हैं और उनकी मदद करने की इच्छा रखते हैं, तो वह करुणा कहलाती है।
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बुद्ध का कहना था कि हमें अपने आसपास के लोगों के दुखों में शामिल होकर उनकी मदद करनी चाहिए। इससे हम खुद भी शांति और खुशी महसूस कर सकते हैं। अहिंसा महात्मा बुद्ध के उपदेशों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसका मतलब है कि किसी भी जीव के प्रति हिंसा से बचना और सभी के साथ दया, प्रेम और शांति से व्यवहार करना है।
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