फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   Special prayers offered by worshipers from Sri Lanka on Gandha Kuti

श्रीलंका से आए उपासकों ने गंध कुटि पर की विशेष प्रार्थना

Sat, 22 Feb 2020 11:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Feb 2020 11:00 PM IST
विज्ञापन
Special prayers offered by worshipers from Sri Lanka on Gandha Kuti
बौद्ध तपोस्थली में बौद्ध संदेश सुनते अनुयायी। - फोटो : SRAWASTI
कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को श्रीलंकाई अनुयायियों से गुलजार रही। तपोस्थली पहुंचे उपासकों ने गंध कुटि पर विशेष प्रार्थना की। इस दौरान बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो ने उन्हें तथागत भगवान बुद्ध का उपदेश सुनाया। कहा कि बुद्ध की बातें सुनकर अंगुलिमाल भी हिंसा छोड़ कर भिक्षु बन गया था।
विज्ञापन

बौद्ध भिक्षु ने कहा कि बुद्ध के समय में कौशल राज्य में अंगुलिमाल नाम का एक डाकू रहता था। वह लोगों की हत्या कर उनकी अंगुली काट कर उसे अपनी माला में पिरो लिया करता था। इसलिए उसका नाम अंगुलिमाल पड़ा था। वह बहुत ही क्रूर था। जिधर उसका इलाका था, लोग उस तरफ जाने से भी डरते थे। राजा ने उसे पकड़ने के लिए कई बार अपनी सेना भेजी, लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी वह असफल रहे। बुद्ध ने अपनी दिव्य दृष्टि से यह समझा कि अंगुलिमाल के मन में कहीं दया व करुणा की भावना सोई हुई है। बस उसे जगाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन

यह सोच बुद्ध उस ओर चल दिए, जिस ओर अंगुलिमाल रहता था। लोगों ने बुद्ध को जाने से बहुत मना किया, लेकिन वह नहीं रुके। अंगुलिमाल बुद्ध को अपनी ओर आता देख अपनी तलवार लेकर दौड़ा, लेकिन बुद्ध अपनी स्वाभाविक गति से चलते रहे। जब अंगुलिमाल निकट आया तो उन्होंने कहा मैं तो रुक गया, लेकिन तू कब रुकेगा। तू भी पाप कर्म करने से रुक। मैं इसलिए यहां आया हूं कि तू भी सत्य पथ का अनुगामी बन जाए। बुद्ध के वचनों का उस पर प्रभाव पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अंगुलिमाल ने कहा आखिर मुनि ने मुझे जीत ही लिया। आपकी दिव्य वाणी मुझे हमेशा के लिए पाप से विरत होने को कह रही है। मैं इस अनुशासन को स्वीकार करने को तैयार हूं। उसने अंगुलियों की माला उतार कर दूर फेंक दी और बुद्ध के चरणों में गिर पड़ा। वह उसी समय से भिक्षु हो गया। कुछ समय के बाद उसे अर्हत पद भी प्राप्त हो गया। इस मौके पर कई अन्य बौद्ध भिक्षु व अनुयायी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed