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Shravasti News: सिदरखी और भकला गांव बाल श्रम मुक्त घोषित
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कैसरगंज के सिदरखी में बाल कल्याण समिति की बैठक में मौजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला
कैसरगंज। बाल श्रम के खिलाफ चल रहे अभियान में कैसरगंज विकास खंड ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विकास खंड की ग्राम पंचायत भकला और सिदरखी को आधिकारिक रूप से बुधवार को बाल श्रम मुक्त घोषित कर दिया गया। बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दोनों ग्राम पंचायतें जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल श्रम उन्मूलन की मिसाल बन गई हैं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए खंड विकास अधिकारी सुरेश प्रसाद ने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय में है, कार्यस्थलों पर नहीं। उन्होंने कहा कि बाल श्रम मुक्त ग्राम पंचायतों का निर्माण केवल प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
बैठक में श्रम विभाग के जिला परामर्शदाता विकास जायसवाल ने बाल श्रमिक परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि जागरूकता ही बाल श्रम उन्मूलन का सबसे प्रभावी हथियार है। बैठक में ग्राम स्तर तक बाल संरक्षण संबंधी कार्यक्रम पहुंचाने और अधिक से अधिक परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
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50 से अधिक श्रमिक परिवारों का हुआ पंजीकरण
श्रम विभाग की ओर से आयोजित दो विशेष शिविरों में 50 से अधिक श्रमिक परिवारों का पंजीकरण कराया गया। अधिकारियों ने पात्र श्रमिकों से श्रमिक पहचान पत्र बनवाने की अपील की, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए खंड विकास अधिकारी सुरेश प्रसाद ने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय में है, कार्यस्थलों पर नहीं। उन्होंने कहा कि बाल श्रम मुक्त ग्राम पंचायतों का निर्माण केवल प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
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बैठक में श्रम विभाग के जिला परामर्शदाता विकास जायसवाल ने बाल श्रमिक परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया। बाल विकास परियोजना अधिकारी सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि जागरूकता ही बाल श्रम उन्मूलन का सबसे प्रभावी हथियार है। बैठक में ग्राम स्तर तक बाल संरक्षण संबंधी कार्यक्रम पहुंचाने और अधिक से अधिक परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
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50 से अधिक श्रमिक परिवारों का हुआ पंजीकरण
श्रम विभाग की ओर से आयोजित दो विशेष शिविरों में 50 से अधिक श्रमिक परिवारों का पंजीकरण कराया गया। अधिकारियों ने पात्र श्रमिकों से श्रमिक पहचान पत्र बनवाने की अपील की, ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।