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सरयू परियोजना के लिए बैराज में 127.60 मीटर तक भरा पानी
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श्रावस्ती। सरयू परियोजना का लोकार्पण जल्द ही होने वाला है। इस परियोजना को पानी देने के लिए राप्ती बैराज में जल संग्रह का कार्य सोमवार पूरा हो गया। यहां 127.60 मीटर ऊंचाई तक पानी भरा गया है। यह पानी 36026 क्यूसेक प्रति घंटे की रफ्तार से छोड़ा जाएगा। आगे अन्य नदियों का पानी इसमें मिलेगा।
राप्ती नदी का बैराज पर खतरे का निशान 127.70 मीटर है। यहां से कई गेट बने हुए हैं। जहां से पानी छोड़ा जाता है। यह पानी राप्ती नदी में बहकर बलरामपुर की ओर जाता है। लेकिन अब इसी स्थान से सरयू परियोजना की महत्वपूर्ण कड़ी राप्ती नहर निकल रही है।
यहीं पर अलग से शटर बनाया गया है। यह शटर खुलते ही राप्ती नदी मुड़ कर सीधे राप्ती नहर होते हुए सरयू परियोजना का हिस्सा बन जाएगी। सरयू परियोजना लोकार्पण के समय राप्ती बैराज से नहर में पानी छोड़ा जाए और वह अन्य नदियों से मिलते हुए टेल तक पहुंचा जाए। इसके लिए राप्ती बैराज की पाउंडिंग (जल संग्रह) की गई। पाउंडिंग का कार्य सोतवार दोपहर को समाप्त हो गया।
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राप्ती बैराज पर 127.60 मीटर पानी भरा गया है। इसे जब प्रधनमंत्री बलरामपुर से परियोजना का लोकार्पण करेंगे उस समय छोड़ा जाएगा। जिसकी रफ्तार 36026 क्यूसेक प्रति घंटें होगी। जो आगे जाकर सरयू, घाघरा, बाणगंगा व राहिणी नदी के जल से मिल कर संगम बनाते हुए अपना सफर पूरा करेगी।
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राप्ती नदी का बैराज पर खतरे का निशान 127.70 मीटर है। यहां से कई गेट बने हुए हैं। जहां से पानी छोड़ा जाता है। यह पानी राप्ती नदी में बहकर बलरामपुर की ओर जाता है। लेकिन अब इसी स्थान से सरयू परियोजना की महत्वपूर्ण कड़ी राप्ती नहर निकल रही है।
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यहीं पर अलग से शटर बनाया गया है। यह शटर खुलते ही राप्ती नदी मुड़ कर सीधे राप्ती नहर होते हुए सरयू परियोजना का हिस्सा बन जाएगी। सरयू परियोजना लोकार्पण के समय राप्ती बैराज से नहर में पानी छोड़ा जाए और वह अन्य नदियों से मिलते हुए टेल तक पहुंचा जाए। इसके लिए राप्ती बैराज की पाउंडिंग (जल संग्रह) की गई। पाउंडिंग का कार्य सोतवार दोपहर को समाप्त हो गया।
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राप्ती बैराज पर 127.60 मीटर पानी भरा गया है। इसे जब प्रधनमंत्री बलरामपुर से परियोजना का लोकार्पण करेंगे उस समय छोड़ा जाएगा। जिसकी रफ्तार 36026 क्यूसेक प्रति घंटें होगी। जो आगे जाकर सरयू, घाघरा, बाणगंगा व राहिणी नदी के जल से मिल कर संगम बनाते हुए अपना सफर पूरा करेगी।