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पटरी पर नहीं लौट पा रही बिजली आपूर्ति व्यवस्था
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श्रावस्ती। जिले की बिजली व्यवस्था मंगलवार को सातवें दिन भी पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट सकी। कटरा में जलभराव के कारण सातवें दिन भी उपकेंद्र बंद रहा। कुछ उपकेंद्रों से आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन क्षेत्र में कहीं तार टूटने तो कहीं पोल गिरने से ज्यादातर उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली नहीं पहुंच पा रही है। साथ ही बार-बार कटौती की वजह से भी दिक्कत हो रही है।
विद्युत उपकेंद्र घोलिया व उल्लहवा की आपूर्ति बहाल हो गई है, लेकिन उपकेंद्र के आसपास के गांवों के उपभोक्ताओं को ही आपूर्ति मिल पा रही है। कई स्थानों पर पोल गिरने व तार टूटने के कारण इन क्षेत्रों के ज्यादातर गांवों की विद्युत आपूर्ति सातवें दिन भी बाधित रहीं। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सहित आसपास की आपूर्ति अब भी पूरी तरह से ठप है। कटरा उपकेंद्र में अब भी जलभराव की समस्या है। वहीं, उपकेंद्र भिनगा, बगुरईयां, भंगहा, लक्ष्मनपुर, घोलिया, उल्लहवा, गिलौला व सीताद्वार उपकेंद्र के सभी फीडरों का संचालन प्रारंभ करा दिया गा है। बिजली विभाग के अनुसार जिले में एक लाख 36 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 68 हजार उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती गुल है।
बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क के लिए डाली गई केबल कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त है। आपूर्ति बाधित होने के कारण इन क्षेत्रों में लगे मोबाइल टॉवर भी बंद हैं। ऐसे में मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं।
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विद्युत उपकेंद्र घोलिया व उल्लहवा की आपूर्ति बहाल हो गई है, लेकिन उपकेंद्र के आसपास के गांवों के उपभोक्ताओं को ही आपूर्ति मिल पा रही है। कई स्थानों पर पोल गिरने व तार टूटने के कारण इन क्षेत्रों के ज्यादातर गांवों की विद्युत आपूर्ति सातवें दिन भी बाधित रहीं। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती सहित आसपास की आपूर्ति अब भी पूरी तरह से ठप है। कटरा उपकेंद्र में अब भी जलभराव की समस्या है। वहीं, उपकेंद्र भिनगा, बगुरईयां, भंगहा, लक्ष्मनपुर, घोलिया, उल्लहवा, गिलौला व सीताद्वार उपकेंद्र के सभी फीडरों का संचालन प्रारंभ करा दिया गा है। बिजली विभाग के अनुसार जिले में एक लाख 36 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 68 हजार उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती गुल है।
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बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क के लिए डाली गई केबल कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त है। आपूर्ति बाधित होने के कारण इन क्षेत्रों में लगे मोबाइल टॉवर भी बंद हैं। ऐसे में मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं।
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