{"_id":"63332f97ecfb327452370a93","slug":"shravasti-srawasti-news-lko6503820100","type":"story","status":"publish","title_hn":"फल-सब्जी व फूल के सस्ते बीज कराए जाएंगे उपलब्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फल-सब्जी व फूल के सस्ते बीज कराए जाएंगे उपलब्ध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। उद्यान विभाग किसानों को सस्ते मूल्य पर फल-सब्जी व फूल का बीज मुहैया कराएगा। अस्सी से नब्बे प्रतिशत अनुदान पर ड्रिप व स्प्रिंकलर दिलाया जाएगा। इसके लिए विभाग में पंजीकृत किसान ही पात्र होंगे। वितरण पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत रबी की औद्यानिक फसलों (सब्जियों, फूलों व मसाला) के संकर बीजों का वितरण पंजीकृत कृृषकों के मध्य प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर किया जाना है। रबी मौसम में उगाई जाने वाली सब्जियों जैसे फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, लतावर्गीय सब्जियों, खीरा व परवल की नर्सरी तैयार करने के लिए किसान विभाग से पंजीकरण के बाद बीज प्राप्त कर सकते हैं।
लहसुन, प्याज, मिर्च, धनिया व हल्दी के बीज और कंद प्राप्त करने के लिए किसान तत्काल पंजीकरण करा लें। फूलों की खेती के इच्छुक किसान गेंदा, गुलाब व ग्लैडियोलस के बीज प्राप्त कर इनकी नर्सरी तैयार कर अच्छी खेती कर सकते है। वहीं, ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रोइरीगेशन के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने के इच्छुक किसान पंजीकरण करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत रबी की औद्यानिक फसलों (सब्जियों, फूलों व मसाला) के संकर बीजों का वितरण पंजीकृत कृृषकों के मध्य प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर किया जाना है। रबी मौसम में उगाई जाने वाली सब्जियों जैसे फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, लतावर्गीय सब्जियों, खीरा व परवल की नर्सरी तैयार करने के लिए किसान विभाग से पंजीकरण के बाद बीज प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
लहसुन, प्याज, मिर्च, धनिया व हल्दी के बीज और कंद प्राप्त करने के लिए किसान तत्काल पंजीकरण करा लें। फूलों की खेती के इच्छुक किसान गेंदा, गुलाब व ग्लैडियोलस के बीज प्राप्त कर इनकी नर्सरी तैयार कर अच्छी खेती कर सकते है। वहीं, ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रोइरीगेशन के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने के इच्छुक किसान पंजीकरण करा सकते हैं।
विज्ञापन