फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   shravasti

विलुप्त होता जा रहा दुलर्भ वन औषधियों का खजाना

Wed, 24 Aug 2022 11:18 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
shravasti
श्रावस्ती। जिले के जंगलों में विजयसाल सहित अति दुर्लभ प्रजाति के वन औषधीय पौधे व वृक्ष भारी संख्या में पाए जाते थे। जलौनी व झाड़ियों की सफाई के नाम पर इन्हें लगातार काटा जा रह है। इनको बचाने या नये पौधे लगाने की कवायद कभी नजर नहीं आई। नतीजतन ये संपदा विलुप्त होती जा रही है।
विज्ञापन

वन विभाग की ओर से प्रति वर्ष एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाता है। इस दौरान अभियान चलाकर पौधरोपण कराया जाता है। ज्यादातर इमारती, जलौनी, छायादार व शोभाकारी पौधों का ही रोपण किया जाता है। वहीं, इसके उलट तमाम बहुउपयोगी जड़ी-बूटियां नष्ट हो रहीं हैं जिन्हें बचाने व संरक्षित करने के लिए वन विभाग के पास कोई कार्ययोजना नहीं है। देखा जाए तो भिनगा, ककरदरी व सोहेलवा के जंगल कभी बहुमूल्य जड़ी-बूटियों की खान हुआ करते थे, लेकिन मनुष्यों के आवागमन व जंगलों में लगने वाली आग से ये लगातार नष्ट होती जा रही हैं। पूर्व वनकर्मी रामअनुज मिश्र बताते हैं कि जंगलों में पहले विजयसाल के वृक्षों की भरमार थी। इसकी लकड़ी से बने बर्तनों की अन्य जिलों सहित देशभर के प्रांतों में मांग थी, लेकिन अब ये वृक्ष लगभग खत्म हो चुके हैं।
विज्ञापन

जिले के जंगलों में कैथा, हड़जोड़, मैदा, पेडार, सर्पगंधा, विधारा, काली हल्दी, अगस्त, पलाश, श्वेत मूसली, काली मूसली, गुड़मार, शतावर, कंटकारी, अडूसा, ब्राह्मी, कचूर, करौंदी, इमली, बेल, तेंदू, पालाल फोड़ी, अमरबेल, गिलोय, कलिहारी, भारंगी, कालमेघ, केवकंद, वनभिंडी, रीठा, शिकाकाई व विदारीकंद पाई जाती थी। अब ये सब विलुप्त हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले के जंगलों में पाया जाने वाला करीपत्ता (नीम कठिया), महुआ, हर्र, बेहड़, आंवला, अर्जुन, निर्गुन्डी, अनंतमूल, दालचीनी, अमलताश, अरण्य तुलसी, कचनार, असना, धौ, खैर, देशी बबूल, इंजड, लसोड़ा, कैमी, टिकुई अब विलुप्त होने की कगार पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed