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श्रम विभाग की पांच योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ
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श्रावस्ती। श्रम विभाग द्वारा संचालित बारह में से पांच योजनाएं जिले में संचालित नहीं हो रही है। वहीं जिले में संचालित सात योजनाओं से चालू वित्तीय वर्ष में 2315 श्रमिक परिवार ही लाभान्वित हो सके हैं। शेष परिवार योजना के लाभ के लिए भटक रहे हैं।
श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के कल्याण के लिए शिशु मातृत्व एवं बालिका सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति योजना, आवासीय विद्यालय योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु विकलांग एवं अक्षमता पेंशन योजना तथा निर्माण श्रमिक अंत्येष्टि सहायता योजना संचालित की जा रही है। इन बारह योजनाओं में से जिले में आवासीय विद्यालय योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना एवं महात्मा गांधी पेंशन योजना का संचालन नहीं किया जा रहा है।
देखा जाए तो जिले में 73555 श्रमिक श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र 2315 श्रमिक परिवार ही इन योजनाओं से लाभान्वित हो सके। देखा जाए तो शिशु मातृत्व एवं बालिका सहायता योजना में 991, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना में 38, संत रविदास शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति योजना में 211, कन्या विवाह सहायता योजना में 1018, निर्माण कामगार मृत्यु विकलांग एवं अक्षमता पेंशन योजना में 32 तथा निर्माण श्रमिक अंत्येष्टि सहायता योजना से मात्र 25 लोगों को ही लाभान्वित किया जा सका है।
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जिले के ऐसे श्रमिक जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य हो तथा निर्माण श्रमिक के रूप में वर्ष में कम से कम 90 दिन अथवा मनरेगा के तहत 90 दिन कार्य किया हो। वहीं पंजीयन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक पासपोर्ट साइज फोटो, नियोजन की पुष्टि के लिए नियोजक द्वारा निर्गत व स्व घोषणा पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति व बैंक पासबुक की छायाप्रति लगानी होगी।
कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना सहित शौचालय व आवास सहायता योजना के लिए शासन द्वारा अलग से व्यवस्था की गई है। जो योजनाएं संचालित हैं। उसके लिए यदि श्रमिकों द्वारा आवेदन किया जाता है तो जांच कराकर पात्रता के आधार पर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
- दिनेश कुमार विश्वकर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के कल्याण के लिए शिशु मातृत्व एवं बालिका सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति योजना, आवासीय विद्यालय योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु विकलांग एवं अक्षमता पेंशन योजना तथा निर्माण श्रमिक अंत्येष्टि सहायता योजना संचालित की जा रही है। इन बारह योजनाओं में से जिले में आवासीय विद्यालय योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना, आवास सहायता योजना, शौचालय सहायता योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना एवं महात्मा गांधी पेंशन योजना का संचालन नहीं किया जा रहा है।
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देखा जाए तो जिले में 73555 श्रमिक श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र 2315 श्रमिक परिवार ही इन योजनाओं से लाभान्वित हो सके। देखा जाए तो शिशु मातृत्व एवं बालिका सहायता योजना में 991, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना में 38, संत रविदास शिक्षा सहायता छात्रवृत्ति योजना में 211, कन्या विवाह सहायता योजना में 1018, निर्माण कामगार मृत्यु विकलांग एवं अक्षमता पेंशन योजना में 32 तथा निर्माण श्रमिक अंत्येष्टि सहायता योजना से मात्र 25 लोगों को ही लाभान्वित किया जा सका है।
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जिले के ऐसे श्रमिक जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के मध्य हो तथा निर्माण श्रमिक के रूप में वर्ष में कम से कम 90 दिन अथवा मनरेगा के तहत 90 दिन कार्य किया हो। वहीं पंजीयन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक पासपोर्ट साइज फोटो, नियोजन की पुष्टि के लिए नियोजक द्वारा निर्गत व स्व घोषणा पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति व बैंक पासबुक की छायाप्रति लगानी होगी।
कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना सहित शौचालय व आवास सहायता योजना के लिए शासन द्वारा अलग से व्यवस्था की गई है। जो योजनाएं संचालित हैं। उसके लिए यदि श्रमिकों द्वारा आवेदन किया जाता है तो जांच कराकर पात्रता के आधार पर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।
- दिनेश कुमार विश्वकर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी