{"_id":"62813f387f74b13b5b31cd1f","slug":"shravasti-srawasti-news-lko630748032","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहा सहायक अध्यापक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहा सहायक अध्यापक गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। बस्ती जिले के थाना कप्तान गंज अंतर्गत ग्राम इटहिया खैरीखाला निवासी एक व्यक्ति के दस्तावेज के सहारे उसी गांव का एक युवक सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति पा गया। जो हरिहरपुररानी के प्राथमिक विद्यालय सोरहिया में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात था। शिकायत के बाद एबीएसए द्वारा इसकी जांच की गई तो आरोप की पुष्टि हुई। बीईओ की तहरीर पर मल्हीपुर पुलिस ने फर्जी शिक्षक के विरुद्ध मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, जेल भेजा गया है।
बस्ती जिले के थाना कप्तानगंज अंतर्गत ग्राम इटहिया खैरीखाला निवासी इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सोरहिया में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात था। खैरीखाला निवासी कृष्ण कुमार यादव ने कुछ दिन पूर्व खंड शिक्षाधिकारी हरिहरपुरनी से मिल कर उन्हें एक शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें उसका आरोप था कि इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी शिकायतकर्ता के प्रमाण पत्र के सहारे सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रहा है। जबकि मूल व्यक्ति शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार यादव स्वयं है। इसकी जांच खंड शिक्षाधिकारी द्वार की गई तो आरोप की पुष्टि हुई।
इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी हरिहरपुररानी ने मल्हीपुर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध मामला दर्ज कराया। पुलिस द्वारा कूट रचित दस्तावेज के सहारे शिक्षक के पद पर तैनात इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। जिसे संबंधित रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से फर्जी शिक्षक इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
विज्ञापन
जिले में फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कूट रचित दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रहे चालीस लोगों की सेवा समाप्त की जा चुकी है। जबकि 22 शिक्षकों की जांच चल रही है। आठ शिक्षक जांच शुरू होने से पहले ही फरार हो गए हैं। जिनके बारेे में न तो बेसिक शिक्षा विभाग पता लगा पा रहा है और न ही जिला पुलिस ही।
विज्ञापन
बस्ती जिले के थाना कप्तानगंज अंतर्गत ग्राम इटहिया खैरीखाला निवासी इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी हरिहरपुररानी विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सोरहिया में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात था। खैरीखाला निवासी कृष्ण कुमार यादव ने कुछ दिन पूर्व खंड शिक्षाधिकारी हरिहरपुरनी से मिल कर उन्हें एक शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें उसका आरोप था कि इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी शिकायतकर्ता के प्रमाण पत्र के सहारे सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रहा है। जबकि मूल व्यक्ति शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार यादव स्वयं है। इसकी जांच खंड शिक्षाधिकारी द्वार की गई तो आरोप की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी हरिहरपुररानी ने मल्हीपुर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कूटरचित दस्तावेज के सहारे सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी के विरुद्ध मामला दर्ज कराया। पुलिस द्वारा कूट रचित दस्तावेज के सहारे शिक्षक के पद पर तैनात इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। जिसे संबंधित रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से फर्जी शिक्षक इंद्रजीत कुमार त्रिपाठी को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
विज्ञापन
जिले में फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कूट रचित दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रहे चालीस लोगों की सेवा समाप्त की जा चुकी है। जबकि 22 शिक्षकों की जांच चल रही है। आठ शिक्षक जांच शुरू होने से पहले ही फरार हो गए हैं। जिनके बारेे में न तो बेसिक शिक्षा विभाग पता लगा पा रहा है और न ही जिला पुलिस ही।