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पंपों पर बिना हेलमेट वालों को न दें पेट्रोल : डीएम
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श्रावस्ती। जीवन अमूल्य है। यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। इसमें लापरवाही का मतलब हम जीवन के प्रति लापरवाह हैं। बच्चे हों या बड़े जिसने भी नियमों का महत्व नहीं समझा, उनको किसी न किसी समय खामियाजा उठाना पड़ता है। वाहन चालक अनिवार्य रूप से हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग करें। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न दिया जाए। यदि कोई भी वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
यह बातें सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति के बैठक में डीएम नेहा प्रकाश ने कहीं। उन्होंने कहा कि जिलें में यातायात नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन कराया जाए। जिले में मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पाट पर कमेटी गठित कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जाए। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न दिया जाए। शहर के प्रमुख मार्गों पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। विद्यालय के प्राचार्य व प्रबंधक भी ध्यान रखें कि कोई भी छात्र-छात्रा बाइक या स्कूटी से कॉलेज आए तो अनिवार्य रूप से हेलमेट का प्रयोग कराएं। स्कूली वाहन चालकों के चरित्र का सत्यापन कराया जाए।
सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी अनिवार्य रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें। बैठक में एआरटीओ विनीत कुमार मिश्र, एडीएम कमलेश चंद्र, सीओ भिनगा अतुल कुमार चौबे, एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया, डीआईओएस संत प्रकाश, बीएसए प्रभुराम चौहान, एसके हरित, यात्रीकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद रहें।
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डीएम ने एआरटीओ को निर्देश दिया कि छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में चल रहे वाहनों का सर्वे कर फिटनेस की जांच की जाए। जांच में जो वाहन अनफिट मिले उनकी सूची बनाकर एसपी, डीआईओएस व बीएसए को उपलब्ध कराएं। स्कूल बसों व अन्य भारी वाहनों पर ओवरलोडिंग न होने पाए। डीआईओएस व बीएसए विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक कर यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। विद्यालयों में संचालित वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, चरित्र, पता व अन्य दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं। वर्ष में एक बार चालकों का नेत्र व स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
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यह बातें सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति के बैठक में डीएम नेहा प्रकाश ने कहीं। उन्होंने कहा कि जिलें में यातायात नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन कराया जाए। जिले में मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पाट पर कमेटी गठित कर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जाए। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न दिया जाए। शहर के प्रमुख मार्गों पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। विद्यालय के प्राचार्य व प्रबंधक भी ध्यान रखें कि कोई भी छात्र-छात्रा बाइक या स्कूटी से कॉलेज आए तो अनिवार्य रूप से हेलमेट का प्रयोग कराएं। स्कूली वाहन चालकों के चरित्र का सत्यापन कराया जाए।
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सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी अनिवार्य रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें। बैठक में एआरटीओ विनीत कुमार मिश्र, एडीएम कमलेश चंद्र, सीओ भिनगा अतुल कुमार चौबे, एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया, डीआईओएस संत प्रकाश, बीएसए प्रभुराम चौहान, एसके हरित, यात्रीकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद रहें।
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डीएम ने एआरटीओ को निर्देश दिया कि छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में चल रहे वाहनों का सर्वे कर फिटनेस की जांच की जाए। जांच में जो वाहन अनफिट मिले उनकी सूची बनाकर एसपी, डीआईओएस व बीएसए को उपलब्ध कराएं। स्कूल बसों व अन्य भारी वाहनों पर ओवरलोडिंग न होने पाए। डीआईओएस व बीएसए विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक कर यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें। विद्यालयों में संचालित वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, चरित्र, पता व अन्य दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं। वर्ष में एक बार चालकों का नेत्र व स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।