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क्षय रोग उन्मूलन के लिए उपकेंद्रों पर होगी सीएचओ की तैनाती
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श्रावस्ती। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर अब सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती होगी। इसका उद्देश्य श्रावस्ती को पूरी तरह टीबी मुक्त जिला बनाने का है। इसके लिए चिह्नित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को क्षय रोग के इलाज से जुड़ी जानकारी देने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ताकि वह समुदाय को क्षय रोग से मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सके।
प्रशिक्षण में शामिल जिला क्षय रोग अधिकारी डा. संत कुमार ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में सीएचओ की भूमिका काफी अहम होती है। टीबी मरीजों की पहचान लक्षणों के आधार पर आसानी से की जा सकती है। टीबी के बारे में सभी को पूरी तरह जागरूक होना चाहिए। इसी से हम श्रावस्ती को टीबी मुक्त जिला बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी आना, बुखार आना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द होना, वजन का कम होना, भूख न लगना और रात में पसीना होना टीबी के प्रमुख लक्षण में आता है।
प्रशिक्षण में बताया गया कि इसके बाद सभी को अपने क्षेत्र में क्षय रोगी खोज अभियान में सक्रिय तौर पर जुटना होगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि कुमार मिश्र ने बताया कि वर्ष 2021 में अभी तक कुल 1365 टीबी मरीज चिन्हित हुए हैं। इनमें से सिर्फ 12 मरीज निजी स्वास्थ्य सेवा द्वारा चिन्हित किए गए है। प्रशिक्षण प्रदान कर रहे वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक अल्ताफ हुसैन ने समुदाय में मरीज खोजने एवं उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया।
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प्रशिक्षण में शामिल जिला क्षय रोग अधिकारी डा. संत कुमार ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में सीएचओ की भूमिका काफी अहम होती है। टीबी मरीजों की पहचान लक्षणों के आधार पर आसानी से की जा सकती है। टीबी के बारे में सभी को पूरी तरह जागरूक होना चाहिए। इसी से हम श्रावस्ती को टीबी मुक्त जिला बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी आना, बुखार आना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द होना, वजन का कम होना, भूख न लगना और रात में पसीना होना टीबी के प्रमुख लक्षण में आता है।
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प्रशिक्षण में बताया गया कि इसके बाद सभी को अपने क्षेत्र में क्षय रोगी खोज अभियान में सक्रिय तौर पर जुटना होगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि कुमार मिश्र ने बताया कि वर्ष 2021 में अभी तक कुल 1365 टीबी मरीज चिन्हित हुए हैं। इनमें से सिर्फ 12 मरीज निजी स्वास्थ्य सेवा द्वारा चिन्हित किए गए है। प्रशिक्षण प्रदान कर रहे वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक अल्ताफ हुसैन ने समुदाय में मरीज खोजने एवं उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया।
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