{"_id":"5cc48e42bdec22073561a337","slug":"shravasti-nikhil-ranked-fifth-in-high-school-merit","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रावस्ती : हाईस्कूल की मेरिट में निखिल को पांचवां स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रावस्ती : हाईस्कूल की मेरिट में निखिल को पांचवां स्थान
Sat, 27 Apr 2019 10:45 PM IST
Praveen Singh
न्यूज डेस्क, श्रावस्ती
न्यूज डेस्क, श्रावस्ती
Published by: Praveen Singh
Updated Sat, 27 Apr 2019 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के होनहार छात्र निखिल चौरसिया ने हाईस्कूल परीक्षा में यूपी की मेरिट में पांचवां स्थान पाकर जिले का मान बढ़ाया है। उसे 95.33 प्रतिशत अंक हासिल हुए हैं। हैरत की बात है कि वह एक दिन भी स्कूल नहीं गया।
प्राइवेट फॉर्म भरने की वजह से उसने कोचिंग के सहारे ही पढ़ाई की और यह मुकाम पाया। वह अपने इस प्रयोग को आगे भी जारी रखना चाहता है। राजकीय हाईस्कूल इमिलिया करनपुर से प्राइवेट हाईस्कूल करने वाले निखिल चौरसिया ने 95.33 प्रतिशत अंक पाकर प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया।
इस सफलता के लिए निखिल ने एक निजी कोचिंग संस्थान को श्रेय दिया। बहराइच के नगरौर गांव के रहने वाले निखिल ने हाईस्कूल में रेगुलर पढ़ाई के बजाय प्राइवेट फार्म भरा था।
विज्ञापन
इसका कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि स्कूलों में संतोषजनक पढ़ाई नहीं होती। इसलिए समय बर्बाद करने के बजाय इलाहाबाद के एक निजी कोचिंग संस्थान से हाईस्कूल फाउंडेशन कोर्स किया।
वहीं से तैयारी करने के बाद सीधे परीक्षा देने गया था। अपनी इस सफलता के लिए वे अपने कृषक पिता व अन्य परिवारीजनों को श्रेय देते हैं। निखिल ने बताया कि कम आमदनी के बाद भी पिता ने उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया।
निखिल ने निजी संस्थान के शिक्षकों का आभार जताया और आगे भी इसी फार्मूले पर पढ़ाई जारी रखने की बात कही।
विज्ञापन
प्राइवेट फॉर्म भरने की वजह से उसने कोचिंग के सहारे ही पढ़ाई की और यह मुकाम पाया। वह अपने इस प्रयोग को आगे भी जारी रखना चाहता है। राजकीय हाईस्कूल इमिलिया करनपुर से प्राइवेट हाईस्कूल करने वाले निखिल चौरसिया ने 95.33 प्रतिशत अंक पाकर प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया।
विज्ञापन
इस सफलता के लिए निखिल ने एक निजी कोचिंग संस्थान को श्रेय दिया। बहराइच के नगरौर गांव के रहने वाले निखिल ने हाईस्कूल में रेगुलर पढ़ाई के बजाय प्राइवेट फार्म भरा था।
विज्ञापन
इसका कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि स्कूलों में संतोषजनक पढ़ाई नहीं होती। इसलिए समय बर्बाद करने के बजाय इलाहाबाद के एक निजी कोचिंग संस्थान से हाईस्कूल फाउंडेशन कोर्स किया।
वहीं से तैयारी करने के बाद सीधे परीक्षा देने गया था। अपनी इस सफलता के लिए वे अपने कृषक पिता व अन्य परिवारीजनों को श्रेय देते हैं। निखिल ने बताया कि कम आमदनी के बाद भी पिता ने उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया।
निखिल ने निजी संस्थान के शिक्षकों का आभार जताया और आगे भी इसी फार्मूले पर पढ़ाई जारी रखने की बात कही।