{"_id":"610d69df8ebc3ebc4d187ad4","slug":"shravasti-news-srawasti-news-lko590199323","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्यारह वर्ष बाद छेड़छाड़ की पीड़िता को मिला न्याय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्यारह वर्ष बाद छेड़छाड़ की पीड़िता को मिला न्याय
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श्रावस्ती। छेड़छाड़ की पीड़िता को आखिरकार ग्यारह वर्ष बाद न्याय मिल ही गया। विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी ने आरोपी को चार वर्ष की कठोर कारावास के साथ 19 हजार रुपये का अर्थदंड दिया है। घटना 15 फरवरी 2010 की है।
गिलौला के एक गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की महिला 15 फरवरी 2010 को खेत में घास काटने गई थी। उसी समय आरोपी बंडी उर्फ कमलेश ने उसे पीछे से पकड़ लिया। इस दौरान उसके साथ गाली गलौज भी किया। इसकी शिकायत पीड़िता ने गिलौला पुलिस से की। तभी से न्यायालय में मामला विचाराधीन था। इस मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए शुक्रवार को विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी उमेश कुमार ने आरोपी बंडी उर्फ कमलेश को घटना का दोषी करार देते हुए उसे विभिन्न धाराओं में चार वर्ष की सजा के साथ 19 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अपर जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल सत्येंद्र बहादुर सिंह बताते हैं कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश न्यायालय ने सुनाया है। यही नहीं यदि आरोपी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है तो उसे छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। (संवाद)
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गिलौला के एक गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की महिला 15 फरवरी 2010 को खेत में घास काटने गई थी। उसी समय आरोपी बंडी उर्फ कमलेश ने उसे पीछे से पकड़ लिया। इस दौरान उसके साथ गाली गलौज भी किया। इसकी शिकायत पीड़िता ने गिलौला पुलिस से की। तभी से न्यायालय में मामला विचाराधीन था। इस मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए शुक्रवार को विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी उमेश कुमार ने आरोपी बंडी उर्फ कमलेश को घटना का दोषी करार देते हुए उसे विभिन्न धाराओं में चार वर्ष की सजा के साथ 19 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अपर जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल सत्येंद्र बहादुर सिंह बताते हैं कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश न्यायालय ने सुनाया है। यही नहीं यदि आरोपी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है तो उसे छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। (संवाद)
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