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ग्राम सचिवालय से ग्राम स्वराज की अवधारणा होगी साकार
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श्रावस्ती। प्रदेश की 78 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्र में है। गांवों में संचालित विभिन्न योजनाओं में ग्रामीणों की भागीदारी योजना की सफलता के लिए अनिवार्य है। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक निवासी के विकास के लिए प्रयासरत एवं कटिबद्ध है। शासन की सभी महत्वपूर्ण योजनाएं ग्राम पंचायतों के माध्यम से अथवा उनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वित होती है। प्रदेश में 73 वें संविधान संशोधन के अनुरूप त्रिस्तरीय पंचायतीराज प्रणाली लागू है। प्रदेश में वर्तमान में 58,000 से ज्यादा ग्राम पंचायतें है। पिछले कई वर्षों से ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन या सामुदायिक भवन बनाने का कार्य चल रहा है। जिसके पीछे यह सोच है कि इन पंचायतों में नियमित कार्यालय का संचालन होना चाहिए। बुधवार को यह बातें राज्य स्तरीय सलाहकार समिति सदस्य तुषार दीप मकवाना ने कहीं।
उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग द्वारा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वराज के लिए ग्राम सचिवालय की स्थापना के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बीसी सखी के माध्यम से ग्राम पंचायतों में लोगों को बैकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी है। प्रत्येक पंचायत भवन को फर्नीचर व अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीद ग्राम पंचायतें स्वयं करेंगी। इनमें कंप्यूटर, अलमारी, सोलर पैनल, इन्वर्टर एवं बैटरी, सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। इसके लिए पंचायतों को 1,75,000 रूपए दिए जा रहे हैं। इन पंचायतों में पंचायत सहायक/ एकाउंटेंट-कम-डाटा इन्ट्री आपरेटर का चयन भी होगा। जिन्हें ग्राम पंचायत द्वारा छ हजार रूपए प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा। इनको पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। ग्राम पंचायत के प्रधान, उपप्रधान, सदस्य अथवा सचिव के किसी संबंधी को इस पद पर नही रखा जाएगा। ग्राम सचिवालय में जन्म मृत्यु पंजीकरण प्रपत्र, परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत के आय-व्यय से संबंधित पुस्तिका एवं बिल वाउचर, कार्यवाही रजिस्टर, विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची, बीपीएल परिवारों की सूची, विभिन्न योजनाओं में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र आदि उपलब्ध रहेंगे।
इसके अलावा ग्राम पंचायत कार्यालय भवन की मरम्मत, विस्तार व नवनिर्माण के कार्य किये जा रहे हैं। जिसे अगले तीन माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। करीब 33 हजार से अधिक पूर्व निर्मित पंचायत भवनों में मरम्मत व विस्तार की आवश्यकता है, जबकि 24 हजार से अधिक नए पंचायत भवनों का निर्माण किया जाना है। यह भवन ग्राम सचिवालय के रूप में कार्य करेंगे। इसके लिए इनमें अनेक सुविधाओं की स्थापना की जा रही है। इन सभी ग्राम पंचायत भवनों को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग द्वारा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम स्वराज के लिए ग्राम सचिवालय की स्थापना के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बीसी सखी के माध्यम से ग्राम पंचायतों में लोगों को बैकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी है। प्रत्येक पंचायत भवन को फर्नीचर व अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीद ग्राम पंचायतें स्वयं करेंगी। इनमें कंप्यूटर, अलमारी, सोलर पैनल, इन्वर्टर एवं बैटरी, सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। इसके लिए पंचायतों को 1,75,000 रूपए दिए जा रहे हैं। इन पंचायतों में पंचायत सहायक/ एकाउंटेंट-कम-डाटा इन्ट्री आपरेटर का चयन भी होगा। जिन्हें ग्राम पंचायत द्वारा छ हजार रूपए प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा। इनको पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। ग्राम पंचायत के प्रधान, उपप्रधान, सदस्य अथवा सचिव के किसी संबंधी को इस पद पर नही रखा जाएगा। ग्राम सचिवालय में जन्म मृत्यु पंजीकरण प्रपत्र, परिवार रजिस्टर, ग्राम पंचायत के आय-व्यय से संबंधित पुस्तिका एवं बिल वाउचर, कार्यवाही रजिस्टर, विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची, बीपीएल परिवारों की सूची, विभिन्न योजनाओं में लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र आदि उपलब्ध रहेंगे।
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इसके अलावा ग्राम पंचायत कार्यालय भवन की मरम्मत, विस्तार व नवनिर्माण के कार्य किये जा रहे हैं। जिसे अगले तीन माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। करीब 33 हजार से अधिक पूर्व निर्मित पंचायत भवनों में मरम्मत व विस्तार की आवश्यकता है, जबकि 24 हजार से अधिक नए पंचायत भवनों का निर्माण किया जाना है। यह भवन ग्राम सचिवालय के रूप में कार्य करेंगे। इसके लिए इनमें अनेक सुविधाओं की स्थापना की जा रही है। इन सभी ग्राम पंचायत भवनों को इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है।
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