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Shravasti News: 27 साल बाद श्रावस्ती एयरपोर्ट की पूरी हुई मुराद
Mon, 11 Mar 2024 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 11 Mar 2024 12:39 AM IST
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इकौना (श्रावस्ती)। श्रावस्ती के लोगों की 27 साल की आस रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजमगढ़ से एक क्लिक के साथ ही पूरी हो गई। प्रधानमंत्री ने जिलेवासियों को एयरपोर्ट की सौगात दी। इसी के साथ जिलेवासियों में उड़ान भरने की उम्मीदों को भी पंख लग गए।
श्रावस्ती एयरपोर्ट को पहले एयरपट्टी के रूप में 22 मई 1997 को स्थापित करने की घोषणा हुई थी। वर्ष 2018 में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत इसे एयरपोर्ट के रूप में तब्दील किया गया। तब से जिलेवासी इसके शुरुआत की बाट जोह रहे थे। आखिरकार रविवार को वह समय आया। जब आजमगढ़ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली श्रावस्ती एयरपोर्ट का लोकार्पण किया।
इसके बाद जिलेवासियों सहित बौद्ध व जैन धर्मावलंबियों को हवाई मार्ग से आने की सुविधा मिल गई। यहां से अभी फिलहाल लखनऊ व बाद में श्रावस्ती से वाराणसी, प्रयागराज व कानपुर की सेवा प्रारंभ होगी। इसके लिए 19 सीटर डोर्नियर 228 विमान चलाया जाएगा। इसके लिए 13 मार्च तक एडवांस में 152 टिकट भी बुक किए जा चुके हैं। लेकिन रविवार को यहां विमान नहीं उतरा। यहां से उड़ान सेवा कब प्रारंभ होगी। यह अधिकृत रूप से अभी कोई बताने की स्थिति में नहीं है।
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एक नजर में एयरपोर्ट का इतिहास
वर्ष 1995 में कटरा में 8.9820 हेक्टेयर व खरगूपुर में 11.8280 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर हवाई पट्टी की स्थापना की गई। इसका शिलान्यास 22 मई 1997 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने किया था। शुरुआती दौर में यहां 220 मीटर चहारदीवारी बनाई गई। इसके बाद 1530 मीटर लंबा रनवे बनाया गया। जिसे पर्याप्त न पाते हुए डीजीसीए ने रनवे बढ़ाने को कहा। बाद मेें यह परियोजना लंबित हो गई। वर्ष 2018 में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत इसे एयरपोर्ट में तब्दील कर दिया गया। इसके बाद कटरा श्रावस्ती, खरगूपुर, व विदुहनी ग्राम की 970 गाटा संख्या का अधिग्रहण करते हुए 226.755 हेक्टेयर भूमि के लिए दो अरब 93 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं बलरामपुर के बगही में 40.500 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है।
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श्रावस्ती एयरपोर्ट को पहले एयरपट्टी के रूप में 22 मई 1997 को स्थापित करने की घोषणा हुई थी। वर्ष 2018 में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत इसे एयरपोर्ट के रूप में तब्दील किया गया। तब से जिलेवासी इसके शुरुआत की बाट जोह रहे थे। आखिरकार रविवार को वह समय आया। जब आजमगढ़ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली श्रावस्ती एयरपोर्ट का लोकार्पण किया।
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इसके बाद जिलेवासियों सहित बौद्ध व जैन धर्मावलंबियों को हवाई मार्ग से आने की सुविधा मिल गई। यहां से अभी फिलहाल लखनऊ व बाद में श्रावस्ती से वाराणसी, प्रयागराज व कानपुर की सेवा प्रारंभ होगी। इसके लिए 19 सीटर डोर्नियर 228 विमान चलाया जाएगा। इसके लिए 13 मार्च तक एडवांस में 152 टिकट भी बुक किए जा चुके हैं। लेकिन रविवार को यहां विमान नहीं उतरा। यहां से उड़ान सेवा कब प्रारंभ होगी। यह अधिकृत रूप से अभी कोई बताने की स्थिति में नहीं है।
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एक नजर में एयरपोर्ट का इतिहास
वर्ष 1995 में कटरा में 8.9820 हेक्टेयर व खरगूपुर में 11.8280 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कर हवाई पट्टी की स्थापना की गई। इसका शिलान्यास 22 मई 1997 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने किया था। शुरुआती दौर में यहां 220 मीटर चहारदीवारी बनाई गई। इसके बाद 1530 मीटर लंबा रनवे बनाया गया। जिसे पर्याप्त न पाते हुए डीजीसीए ने रनवे बढ़ाने को कहा। बाद मेें यह परियोजना लंबित हो गई। वर्ष 2018 में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत इसे एयरपोर्ट में तब्दील कर दिया गया। इसके बाद कटरा श्रावस्ती, खरगूपुर, व विदुहनी ग्राम की 970 गाटा संख्या का अधिग्रहण करते हुए 226.755 हेक्टेयर भूमि के लिए दो अरब 93 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं बलरामपुर के बगही में 40.500 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है।