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स्वच्छता रैंकिंग में श्रावस्ती फिर पिछड़ा

Fri, 21 Aug 2020 10:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 10:15 PM IST
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Shravasti again backward in sanitation ranking
श्रावस्ती। स्वच्छता सर्वेक्षण में चौथे वर्ष भी श्रावस्ती अवध के जनपदों में सबसे नीचे तो देश में 649वें स्थान पर रहा। इस रैंकिंग से जिला एक बार फिर स्वच्छता के मामले में फिसड्डी हो गया है। इससे पहले भी जिला अवध में सबसे नीचे तो देश में 721वेंस्थान पर था। इस बार सर्वेक्षण में वह 72 रैंक ऊपर आया है।
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केंद्रीय आवास व शहरी विकास मंत्रालय लगातार चार वर्षों से स्वच्छता सर्वेक्षण करा रहा है। इस सर्वे में सफाई, जल निकासी, ठोस व द्रव्य कूड़े के निस्तारण पद्धति सहित कई बिंदुओं पर सर्वेक्षण किया जाता है। विगत वर्ष हुए स्वच्छता सर्वे में अवध के तेरह जिलों में श्रावस्ती सबसे नीचे के पायदान पर था। वहीं राष्ट्रीय रैकिंग में यह 721वें स्थान पर था।
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यहां न तो नियमित सफाई पद्धति उपयुक्त थी और न ही ठोस द्रव्य कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था ही दुरुस्त पाई गई थी। इस वर्ष भी कराए गए सर्वेक्षण में जिले का प्रदर्शन खराब रहा। अवध के तेरह जिलों में इस बार फिर श्रावस्ती निचले पायदान पर है। वहीं राष्ट्रीय रैकिंग में इस बार कुछ सुधार हुआ। इस वर्ष जिला 649वें स्थान पर पहुंच गया। ऐसे में जनपद 72 सीढ़ियां ऊपर चढ़ने में तो सफल रहा। लेकिन लक्ष्य से बहुत ही दूर रहा।
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दोनों नगरों में कूड़ा निस्तारण की नहीं कोई व्यवस्था
स्वच्छता सर्वेक्षण का सबसे अहम बिंदु कूड़ा निस्तारण पद्धति है। जिले के भिनगा व इकौना नगर में कूड़ा निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। दोनों स्थानों पर कूड़ा कहीं नगर के अंदर खाली गड्ढे में डाल दिया जाता है तो कहीं नगर के बाहर किसी खुले स्थान पर। इससे संक्रमण तो फैलता है, साथ ही स्वच्छता का मानक भी बिगड़ता है।

नियमित सफाई भी चिंताजनक
नगरीय क्षेत्र में नियमित सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं है। मुख्य मार्ग को छोड़ दिया जाए तो मोहल्ले के अंदर नियमित सफाई नहीं होती है। यही नहीं जल निकासी की स्थिति भी चिंता जनक है। दोनों नगरों में ड्रेनेज सिस्टम प्रणाली लागू नहीं है। जिसके चलते जगह जगह गंदगी व नालियों का पानी मार्ग पर फैला रहता है।
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