{"_id":"65e76dd6f8cb01c16109bb24","slug":"secretary-and-not-enough-panchayat-assistants-pace-of-development-slowed-down-srawasti-news-c-104-1-slko1050-103881-2024-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: सचिव न पर्याप्त पंचायत सहायक, कुंद पड़ी विकास की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: सचिव न पर्याप्त पंचायत सहायक, कुंद पड़ी विकास की रफ्तार
Wed, 06 Mar 2024 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 06 Mar 2024 12:39 AM IST
विज्ञापन
श्रावस्ती। गांवों के चहुंमुखी विकास की जिम्मेदारी निभाने वाले पंचायत राज व विकास विभाग कर्मचारियों की कमी का दंश झेल रहे हैं। ऐसे में प्रभारियों के सहारे गांव के विकास को रफ्तार नहीं मिल रही है। जिससे विकास की दौड़ में ग्रामीण पिछड़ रहे हैं।
तीन तहसील व पांच विकास खंड वाले इस जिले में 397 ग्राम पंचायतें व 554 राजस्व ग्राम व 54 न्याय पंचायतें शामिल हैं। जिनके विकास के लिए पांच बीडीओ व पांच एडीओ पंचायत तैनात हैं। वहीं ग्राम स्तर पर इसके विकास की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी की है।
जिले में सृजित ग्राम पंचायत अधिकारियों के 52 पदों के सापेक्ष महज 22 की ही तैनाती है। यही स्थिति ग्राम विकास अधिकारी की भी है। जिनके सृजित 50 पदों के मुकाबले महज 38 पर ही तैनाती है। वहीं विकास में इनका सहयोग करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक पंचायत सहायक तैनात किया जाना था। लेकिन 397 के सापेक्ष 370 पंचायत सहायक ही तैनात हैं। ऐसे में शेष 27 ग्राम पंचायतें प्रभारी पंचायत सहायकों के सहारे हैं। यही स्थिति गांव को स्वच्छ व निर्मल बनाने वाले सफाई कर्मियों की भी है। जिले में 554 के सापेक्ष 536 सफाई कर्मी तैनात हैं। इनमें से दो सफाई कर्मी त्यागपत्र दे चुके हैं। जबकि एक सफाई कर्मी के शैक्षिक अभिलेख कूटरचित होने के कारण न्यायालय ने उसे बर्खास्त कर दिया है। वहीं 50 से अधिक सफाई कर्मी विकास भवन व ब्लाॅक सहित अधिकारियों के आवास व कार्यालयों पर तैनात हैं। ऐसे में कई ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों की तैनाती न होने से सफाई व्यवस्था बाधित है। जानकारी के बावजूद अधिकारियों की खामोशी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन तहसील व पांच विकास खंड वाले इस जिले में 397 ग्राम पंचायतें व 554 राजस्व ग्राम व 54 न्याय पंचायतें शामिल हैं। जिनके विकास के लिए पांच बीडीओ व पांच एडीओ पंचायत तैनात हैं। वहीं ग्राम स्तर पर इसके विकास की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी की है।
विज्ञापन
जिले में सृजित ग्राम पंचायत अधिकारियों के 52 पदों के सापेक्ष महज 22 की ही तैनाती है। यही स्थिति ग्राम विकास अधिकारी की भी है। जिनके सृजित 50 पदों के मुकाबले महज 38 पर ही तैनाती है। वहीं विकास में इनका सहयोग करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक पंचायत सहायक तैनात किया जाना था। लेकिन 397 के सापेक्ष 370 पंचायत सहायक ही तैनात हैं। ऐसे में शेष 27 ग्राम पंचायतें प्रभारी पंचायत सहायकों के सहारे हैं। यही स्थिति गांव को स्वच्छ व निर्मल बनाने वाले सफाई कर्मियों की भी है। जिले में 554 के सापेक्ष 536 सफाई कर्मी तैनात हैं। इनमें से दो सफाई कर्मी त्यागपत्र दे चुके हैं। जबकि एक सफाई कर्मी के शैक्षिक अभिलेख कूटरचित होने के कारण न्यायालय ने उसे बर्खास्त कर दिया है। वहीं 50 से अधिक सफाई कर्मी विकास भवन व ब्लाॅक सहित अधिकारियों के आवास व कार्यालयों पर तैनात हैं। ऐसे में कई ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मियों की तैनाती न होने से सफाई व्यवस्था बाधित है। जानकारी के बावजूद अधिकारियों की खामोशी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन