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Shravasti News: मिडडे मील के 40 में से दो नमूने फेल
Fri, 29 Aug 2025 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:23 AM IST
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जमुनहा क्षेत्र में कुछ ऐसा परोसा जा रहा बच्चों को मध्याह्न भोजन। -संवाद
श्रावस्ती। तराई के परिषदीय विद्यालय में बच्चों को किस गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है, इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की जांच में हुआ। विभाग द्वारा जिले के 40 परिषदीय विद्यालयों से लिए गए नमूनों में दो नमूने फेल हो गए हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों में आवश्यक कार्रवाई के लिए बीएसए से पत्राचार किया है।
शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ बेहतर खाना देने का नियम है। इसके तहत बच्चों को सप्ताह के दिनों के हिसाब से बदल-बदल कर दाल-चावल, पूड़ी-सब्जी व कढ़ी-चावल आदि देने का रोस्टर है।
बच्चों का गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के लिए शासन की ओर से विद्यालयों को बजट का आवंटन किया जाता है, प्रत्येक विद्यालय में रसोइया की तैनाती है। बावजूद इसके तराई के परिषदीय विद्यालयों में भोजन गुणवत्ता लगातार घटती जा रही है।
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कई विद्यालयों में जहां बच्चों को दाल के नाम पर पानी परोसा जा रहा है, तो ज्यादातर में चावल-सब्जी सप्ताह भर का मुख्य भोजन बन गया है। तराई के स्कूलों में जारी इस व्यवस्था में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप लग रहा है।
शासन के निर्देश पर जिले के 40 विद्यालयों के मिडडे मील की जांच करवाई गई है, जिसकी रिपोर्ट में दो स्कूलों के नमूने फेल हो गए हैं। आवश्यक कार्रवाई के लिए बीएसए से पत्राचार किया गया है।
-सुधीर राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ बेहतर खाना देने का नियम है। इसके तहत बच्चों को सप्ताह के दिनों के हिसाब से बदल-बदल कर दाल-चावल, पूड़ी-सब्जी व कढ़ी-चावल आदि देने का रोस्टर है।
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बच्चों का गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के लिए शासन की ओर से विद्यालयों को बजट का आवंटन किया जाता है, प्रत्येक विद्यालय में रसोइया की तैनाती है। बावजूद इसके तराई के परिषदीय विद्यालयों में भोजन गुणवत्ता लगातार घटती जा रही है।
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कई विद्यालयों में जहां बच्चों को दाल के नाम पर पानी परोसा जा रहा है, तो ज्यादातर में चावल-सब्जी सप्ताह भर का मुख्य भोजन बन गया है। तराई के स्कूलों में जारी इस व्यवस्था में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप लग रहा है।
शासन के निर्देश पर जिले के 40 विद्यालयों के मिडडे मील की जांच करवाई गई है, जिसकी रिपोर्ट में दो स्कूलों के नमूने फेल हो गए हैं। आवश्यक कार्रवाई के लिए बीएसए से पत्राचार किया गया है।
-सुधीर राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी