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लाल निशान से ऊपर राप्ती, 65 बीघा खेत समाए
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श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ों सहित तराई में होने वाली बरसात के कारण राप्ती का जलस्तर मंगलवार दोपहर बाद बढ़ने लगा। इसके कारण राप्ती दोपहर बाद खतरे के निशान को पार कर गई। इससे बाढ़ का पानी खेतों को जलमग्न करता हुआ गांवों की ओर बढ़ रहा है। इसे देख कछार वासियों की धड़कने तेज हो गई। वहीं राप्ती की सहायक बूढ़ी राप्ती सहित भकला नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही हाल रहा तो कछार के कई गांव भोर तक पानी से जलमग्न हो जाएंगे। वहीं करीब 65 बीघा खेत नदी की धारा में समा गए।
नेपाल सहित पहाड़ों पर रुक रुक कर हो रही तेज बरसात के बाद राप्ती का जलस्तर कभी घट तो कभी बढ़ रहा है। सोमवार शाम से राप्ती का जलस्तर घट रहा था, जो मंगलवार दोपहर तक जारी रहा। इससे कछार वासियों ने राहत की सांस ली थी, वहीं दोपहर 12 बजे से नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। जो एक बजे खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। यह सिलसिला लगातार जारी है। शाम तीन बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से बीस सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।
इसके चलते कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं बढ़ते जलस्तर के कारण नदी अपने किनारों पर बसे गांव व खेतों में तेजी से कटान कर रही है। इससे करीब 65 बीघा कृषि भूमि नदी की धारा में विलीन हो गई। जिसे देख किसान परेशान है। इसके साथ ही जमुनहा क्षेत्र में राप्ती की सहायक बूढ़ी राप्ती नदी तथा भकला नाला का जलस्तर भी बढ़ रहा है। ऐसे में जहां कई गांवों में रहने वाले लोगों के सामने आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं खेत के जलमग्न हो जाने से फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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बाक्स में -
राप्ती में पानी बढ़ने की स्थिति
सुबह छह बजे 127.65 मीटर
सात बजे 127.60 मीटर
आठ बजे 127.60 मीटर
नौ बजे 127.60 मीटर
10 बजे 127.55 मीटर
11 बजे 127.60 मीटर
12 बजे 127.65 मीटर
एक बजे 127.80 मीटर
दो बजे 127.85 मीटर
तीन बजे 127.90 मीटर
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नेपाल सहित पहाड़ों पर रुक रुक कर हो रही तेज बरसात के बाद राप्ती का जलस्तर कभी घट तो कभी बढ़ रहा है। सोमवार शाम से राप्ती का जलस्तर घट रहा था, जो मंगलवार दोपहर तक जारी रहा। इससे कछार वासियों ने राहत की सांस ली थी, वहीं दोपहर 12 बजे से नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। जो एक बजे खतरे के निशान से दस सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। यह सिलसिला लगातार जारी है। शाम तीन बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से बीस सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।
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इसके चलते कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं बढ़ते जलस्तर के कारण नदी अपने किनारों पर बसे गांव व खेतों में तेजी से कटान कर रही है। इससे करीब 65 बीघा कृषि भूमि नदी की धारा में विलीन हो गई। जिसे देख किसान परेशान है। इसके साथ ही जमुनहा क्षेत्र में राप्ती की सहायक बूढ़ी राप्ती नदी तथा भकला नाला का जलस्तर भी बढ़ रहा है। ऐसे में जहां कई गांवों में रहने वाले लोगों के सामने आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं खेत के जलमग्न हो जाने से फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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राप्ती में पानी बढ़ने की स्थिति
सुबह छह बजे 127.65 मीटर
सात बजे 127.60 मीटर
आठ बजे 127.60 मीटर
नौ बजे 127.60 मीटर
10 बजे 127.55 मीटर
11 बजे 127.60 मीटर
12 बजे 127.65 मीटर
एक बजे 127.80 मीटर
दो बजे 127.85 मीटर
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