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छह माह बाद 17 सितंबर को दस स्थानों पर खुलेगी नेपाल सीमा

Wed, 26 Aug 2020 10:09 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 10:09 PM IST
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Nepal border will open at ten places on 17 September after six months
श्रावस्ती। नेपाल सीमा को छह माह बाद फिर से खोलने का फैसला लिया गया है। इसके लिए नेपाल सरकार ने एक पत्र जारी किया है। इस सूचना से नेपाल व भारत के उन क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है, जहां के लोग वैवाहिक संबंधों के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े थे। यही नहीं नेपाल सीमा खुलने की खबर के बाद नेपाली व्यापारियों के चेहरों पर भी खुशी झलकने लगी है। नेपालियों को उम्मीद है कि एक बार फिर पर्यटन उद्योग से नेपाल की अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी।
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नेपाल में कोविड 19 को देखते हुए 23 मार्च को भारत नेपाल सीमा सीज करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय से सबसे ज्यादा नुकसान नेपाल को ही हुआ। वहां पर्यटन उद्योग पर ताला लग गया तो महंगाई चरम पर पहुंच गई थी। अब स्थिति सामान्य होने के बाद नेपाल सरकार ने श्रावस्ती सीमा से सटे जिला बांके के जमुनहा बार्डर सहित दस जनपदों के बार्डर को खोलने का आदेश दिया है। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई अन्य प्रदेशों से लगी सीमाएं शामिल हैं।
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नेपाली अर्थव्यवस्था की टूटती कमर को मिलेगा सहारा
नेपाली अर्थव्यवस्था की रीढ़ वहां का पर्यटन है। इस पर्यटन का आधार भारत से जाने वाले सैलानी हैं। औसतन केवल नेपाल के जिला बांके की सीमा पर पड़ने वाले जमुनहा बार्डर से प्रतिदिन दस से पंद्रह हजार भारतीय नेपाल गंज, काठमांडू व पोखरा के लिए जाते हैं।
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यही स्थिति कपिल वस्तु की सीमा क्षेत्र के कृष्णानगर की है। यहां इस सीमा से औसतन तीस से चालीस हजार भारतीय नागरिक प्यूथान स्थित प्रभुनाथ मंदिर, काठमांडू व मुक्तिनाथ धाम जाते हैं। यही स्थिति गौरीघंटा व बेलहिया की भी है। जहां औसतन 25 से 30 हजार व्यक्ति का प्रतिदिन पर्यटन की दृष्टिकोण से नेपाल आना जाना होता है।
रक्षाबंधन में भी नहीं मिल पाए थे भाई बहन
भारत नेपाल सीमा सील होने के कारण भाई बहन रक्षाबंधन के पर्व पर भी नहीं मिल पाए थें। जिसके लिए सीमा के दोनों ओर सुबह से शाम तक भाई बहनों की कतारें लगी हुई थी। दिन भर इंतजार करने के बाद दोनों ओर के लोग वापस लौट गए थे।
शहनाई की आवाज भी हो गई थी बंद
भारत नेपाल के बीच रोटी बेटी का संबंध भी है। इसीलिए हर साल हजारों बारात भारत से नेपाल की ओर व नेपाल से भारत की ओर आती हैं। लॉकडाउन के दौरान दोनों देशों के बीच होने वाले विवाह बंद हो गए थे। इस दौरान केवल मुश्किल एक परिवार का निकाह नेपाल में हुआ था। बारात बाराबंकी से नेपाल गई थी। वापस आते समय सीमा सील होने के कारण दुल्हन को अपने दहेज का सामान सिर पर रख सीमा पार कर भारत आना पड़ा था।
यहां खुलेंगे बार्डर
बार्डर का नाम नेपाली जिला
जमुनहा बांके
गौरी फान्टा कैलाली
कृष्णानगर कपिलवस्तु
बेलहिया रूपनदेही
गड्डा चौकी कंचनपुर
काकरभिट्टा झापा
रानी मौरंग
माडर सिराहा
गौर रोतहट
वीरगंज परसा
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
करीब छह महीने से नेपाल का पर्यटन ध्वस्त था। यहां तक छोटे बड़े रेस्टोरेंट, होटल व्यवसाय व कैसीनों में ताला लगा हुआ था। इससे नेपाल को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा था। अब बार्डर खोलने का जो निर्णय लिया गया है, इससे एक बार फिर नेपाल की अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। - ललित रौनियार, पूर्व अध्यक्ष टाउन डेवलेपमेंट कमेटी नेपाल

फिर से पटरी पर लौटेगा सब कुछ
नेपाल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बड़ी हिस्सेदारी है। भारत से ही अधिकांश पर्यटक आते हैं। लेकिन विगत छह माह से पर्यटन उद्योग पूरी तरह से बंद था। इसका प्रभाव डीजल पेट्रोल की बिक्री पर भी पड़ा। बार्डर खुलने के निर्णय से एक बार फिर सब कुछ जल्द ही पटरी पर लौट आएगा। - अजय टंडन, उपाध्यक्ष नेपाल पेट्रोलियम एसोसिएशन
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