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जिला पंचायत सदस्य को लेकर सबसे अधिक उत्सुकता
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जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन कराने जाते पूर्व सांसद दद्दन मिश्र
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। जिले में पंचायत चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। नामांकन पत्र जमा होने के बाद अब कितने प्रत्याशी मैदान में हैं। यह खुलकर सामने आ गया है। इसीलिए सभी पदों पर रोचकता बनी हुई है। लेकिन सबसे अधिक रोचकता जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर है। जहां पूर्व सांसद सहित कई अन्य धुरंधर अपना भाग्य आजमा रहे हैं। पूर्व सांसद की दावेदारी आम लोगों के साथ ही राजनैतिक व प्रशासनिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जिले में पहले चरण में होना है। इसके लिए रविवार को नामांकन कार्य पूरा होते ही पहला पड़ाव पूरा हुआ। इसी के बाद अब नामांकन पत्रों की जांच व नाम वापसी के साथ चुनाव चिन्ह आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चुनाव का पहला पड़ाव आगे बढ़ते ही सभी पदों के प्रत्याशियों का चेहरा स्पष्ट हो गया है कि कौन-कौन किस पद के लिए मैदान में है। सभी प्रत्याशियों के आमने-सामने हो जाने के साथ ही गांवों में चुनाव की रोचकता बढ़ गई है। हर कोई वोटरों को अपने पक्ष में मना रहा है।
इस चुनाव में सबसे बड़ी रोचकता जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर है। यहां वार्ड नंबर 17 से पूर्व मंत्री व सांसद दद्दन मिश्र स्वयं मैदान में हैं। उन्हीं के साथ ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमन सिंह वार्ड नंबर पांच से अपना दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं। इन दो दावेदारों के साथ ही कई पूर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष के पति भी मैदान में है। लेकिन इन सभी वार्डों को लेकर उतनी चर्चा नहीं है कि जितनी कि वार्ड नंबर 17 जहां पूर्व सांसद मैदान में हैं। सभी लोग इस वार्ड व प्रत्याशी को लेकर अपने अपने तरीके से दावे व समर्थन प्रस्तुत कर रहे हैं। अधिकांश लोग यह मान रहे हैं कि यदि दद्दन मिश्र जिला पंचायत सदस्य पद के लिए निर्वाचित हो जाते हैं तो अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार होंगे। लेकिन कुछ लोग पूर्व सांसद के इस कदम को बढ़ी राजनैतिक चूक भी बता रहे हैं। चूक बताने वालों का दावा है कि राजनीति में आगे बढ़ने की प्रक्रिया है न कि पीछे हटने की।
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पूर्व सांसद ने अपने राजनैतिक कॅरियर जिला पंचायत सदस्य पद से ही प्रारंभ किया था। आज पुन: इसी पद पर लौटना बहुत बेहतर नहीं होगा। वहीं कुछ लोग इसे अन्य रूप में भी परिभाषित करते हैं। इस सीट को लेकर जहां आम लोग व राजनैतिक गलियारे में चर्चा का बाजार गर्म है तो दूसरी ओर प्रशासनिक गलियारा भी इसको लनेकर अछूता नहीं है। यहां तक कि नामांकन के दौरान कुछ कर्मचारियों ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया अपने तरीके से रखी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जिले में पहले चरण में होना है। इसके लिए रविवार को नामांकन कार्य पूरा होते ही पहला पड़ाव पूरा हुआ। इसी के बाद अब नामांकन पत्रों की जांच व नाम वापसी के साथ चुनाव चिन्ह आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चुनाव का पहला पड़ाव आगे बढ़ते ही सभी पदों के प्रत्याशियों का चेहरा स्पष्ट हो गया है कि कौन-कौन किस पद के लिए मैदान में है। सभी प्रत्याशियों के आमने-सामने हो जाने के साथ ही गांवों में चुनाव की रोचकता बढ़ गई है। हर कोई वोटरों को अपने पक्ष में मना रहा है।
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इस चुनाव में सबसे बड़ी रोचकता जिला पंचायत सदस्य पद को लेकर है। यहां वार्ड नंबर 17 से पूर्व मंत्री व सांसद दद्दन मिश्र स्वयं मैदान में हैं। उन्हीं के साथ ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमन सिंह वार्ड नंबर पांच से अपना दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं। इन दो दावेदारों के साथ ही कई पूर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष के पति भी मैदान में है। लेकिन इन सभी वार्डों को लेकर उतनी चर्चा नहीं है कि जितनी कि वार्ड नंबर 17 जहां पूर्व सांसद मैदान में हैं। सभी लोग इस वार्ड व प्रत्याशी को लेकर अपने अपने तरीके से दावे व समर्थन प्रस्तुत कर रहे हैं। अधिकांश लोग यह मान रहे हैं कि यदि दद्दन मिश्र जिला पंचायत सदस्य पद के लिए निर्वाचित हो जाते हैं तो अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार होंगे। लेकिन कुछ लोग पूर्व सांसद के इस कदम को बढ़ी राजनैतिक चूक भी बता रहे हैं। चूक बताने वालों का दावा है कि राजनीति में आगे बढ़ने की प्रक्रिया है न कि पीछे हटने की।
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पूर्व सांसद ने अपने राजनैतिक कॅरियर जिला पंचायत सदस्य पद से ही प्रारंभ किया था। आज पुन: इसी पद पर लौटना बहुत बेहतर नहीं होगा। वहीं कुछ लोग इसे अन्य रूप में भी परिभाषित करते हैं। इस सीट को लेकर जहां आम लोग व राजनैतिक गलियारे में चर्चा का बाजार गर्म है तो दूसरी ओर प्रशासनिक गलियारा भी इसको लनेकर अछूता नहीं है। यहां तक कि नामांकन के दौरान कुछ कर्मचारियों ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया अपने तरीके से रखी।