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Shravasti News: मेडिकल कॉलेज में उमड़े मरीज, सबसे अधिक रहे बुखार पीड़ित
Tue, 09 Sep 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:47 AM IST
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बहराइच मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों व तीमारदारों की भीड़। -संवाद
बहराइच। बारावफात और रविवार के अवकाश के बाद जब सोमवार को ओपीडी खुली, तो परचा काउंटर से लेकर मेडिसिन विभाग तक लंबी कतारें लग गईं। सुबह 10 बजे तक ही 1050 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था, जबकि दोपहर तक यह आंकड़ा 2300 पार कर गया। भीड़ के चलते अफरा-तफरी का माहौल दिखा।
मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह से ही रोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। परचा बनवाने के लिए लाइन में लगे लोग धक्कामुक्की करते नजर आए। दोपहर एक बजे तक 2300 रोगियों के परचे बने। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोगियों की भारी भीड़ रही।
ज्यादातर मरीज तेज बुखार से पीड़ित रहे। इसके अलावा मौसमी बुखार, उल्टी-दस्त और कमजोरी से जूझ रहे मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंचे। भीड़ का आलम यह रहा कि मेडिसिन विभाग की ओपीडी में खड़े होने तक की जगह नहीं बची।
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इसी बीच पैथोलॉजी विभाग में जांच कराने गए मरीजों में से नौ को संदिग्ध डेंगू पाया गया, जबकि तीन रोगियों में मलेरिया की आशंका जताई गई। हालांकि डेंगू वार्ड में अब तक किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएम त्रिपाठी ने बताया कि जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। डेंगू या मलेरिया की पुष्टि होने पर रिपोर्ट के आधार पर उपचार किया जाएगा।
उधर, बाल रोग विभाग और महिला विभाग की स्थिति भी बिगड़ गई। स्ट्रेचर की भारी कमी के कारण कई गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक ले जाने में तीमारदारों को पसीना आ गया। मरीजों की अचानक बढ़ी संख्या ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी।
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मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह से ही रोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। परचा बनवाने के लिए लाइन में लगे लोग धक्कामुक्की करते नजर आए। दोपहर एक बजे तक 2300 रोगियों के परचे बने। मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोगियों की भारी भीड़ रही।
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ज्यादातर मरीज तेज बुखार से पीड़ित रहे। इसके अलावा मौसमी बुखार, उल्टी-दस्त और कमजोरी से जूझ रहे मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंचे। भीड़ का आलम यह रहा कि मेडिसिन विभाग की ओपीडी में खड़े होने तक की जगह नहीं बची।
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इसी बीच पैथोलॉजी विभाग में जांच कराने गए मरीजों में से नौ को संदिग्ध डेंगू पाया गया, जबकि तीन रोगियों में मलेरिया की आशंका जताई गई। हालांकि डेंगू वार्ड में अब तक किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएम त्रिपाठी ने बताया कि जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। डेंगू या मलेरिया की पुष्टि होने पर रिपोर्ट के आधार पर उपचार किया जाएगा।
उधर, बाल रोग विभाग और महिला विभाग की स्थिति भी बिगड़ गई। स्ट्रेचर की भारी कमी के कारण कई गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक ले जाने में तीमारदारों को पसीना आ गया। मरीजों की अचानक बढ़ी संख्या ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी।