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पछुआ हवा से बढ़ी गलन जनजीवन अस्त व्यस्त
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श्रावस्ती। मकर संक्रांति पर सूर्यदेव मकर रेखा पार कर एक बार पुन: घने कोहरे की चादर में छिप गए। रविवार सुबह से ही चल रही तेज पछुआ हवा के कारण ठिठुरन काफी बढ़ गई। इसके चलते दोपहर बाद भी मुख्य मार्गों पर सन्नाटा छाया रहा।
तराई में ठंड का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन दोपहर बाद निकली धूप के बाद रविवार को एक बार पुन: कोहरा छाया रहा। इससे जिले के तापमान में भी उतार चढ़ाव का दौर जारी है। रविवार सुबह से ही चल रही तेज पछुआ हवा के कारण ठिठुरन एक बार पुन: बढ़ गई है। इसके चलते गरीबों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन द्वारा पर्याप्त व्यवस्था न किए जाने के कारण नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब व बेसहारा लोग ठिठुरन और गलन के बीच कंपकंपाते देखे जा रहे हैं। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। करीब आठ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली पश्चिमोत्तर हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ी है। वहीं आर्द्रता 70 प्रतिशत पहुंच गई है।
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तराई में ठंड का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन दोपहर बाद निकली धूप के बाद रविवार को एक बार पुन: कोहरा छाया रहा। इससे जिले के तापमान में भी उतार चढ़ाव का दौर जारी है। रविवार सुबह से ही चल रही तेज पछुआ हवा के कारण ठिठुरन एक बार पुन: बढ़ गई है। इसके चलते गरीबों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रशासन द्वारा पर्याप्त व्यवस्था न किए जाने के कारण नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब व बेसहारा लोग ठिठुरन और गलन के बीच कंपकंपाते देखे जा रहे हैं। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। करीब आठ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली पश्चिमोत्तर हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ी है। वहीं आर्द्रता 70 प्रतिशत पहुंच गई है।
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