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भिनगा में लॉकडाउन बेअसर, चौराहे व गलियां लोगों से गुलजार

Mon, 30 Mar 2020 09:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2020 09:36 PM IST
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Lockdown ineffective in Bhinaga, streets buzzed with people
श्रावस्ती। कोरोना के चलते गैर प्रांतों में कार्यरत लोगों की वापसी पिछले 24 घंटे में बढ़ी है। वह अपने साथ क्या ला रहे हैं, इसकी भी अभी कोई पुष्टि नहीं हो पा रही है। इसके बाद भी भिनगा में लॉकडाउन पूरी तरीके से सोमवार को बेअसर दिखाई दिया। बाजार में दिनभर लोगों की चहलकदमी देखी गई।
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घरों से निकलकर लोग चौराहों पर एक-दूसरे से मिलने व बात करने के लिए निकल आए। गलियों की छोटी-बड़ी दुकानें भी खुली रहीं। जिसके चलते महिलाएं भी खरीदारी के लिए घूमते हुए दिखाई दीं। इसके साथ ही बहराइच से पैदल घर वापसी करने वालों की संख्या दिन में अधिक रही।
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कोरोना पॉजीटिव की संख्या जिले में भले ही अभी शून्य हो। मगर 24 घंटे के अंदर लगभग पांच से छह हजार लोग दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब सहित अन्य प्रांतों से आ चुके हैं। तमाम लोगों की जांच हुई। बाकी कई लोग बिना जांच के ही अपने घर पहुंच गए।
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वह अपने साथ क्या लाएं हैं, इसकी कोई पुख्ता जानकारी व आंकड़ा न तो स्वास्थ्य विभाग के पास है और न ही प्रशासन के पास। जिसके चलते लोगों को ज्यादा एहतियात बरतने की अब जरूरत है। ऐसे में प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा लगातार लोगों को लॉकडाउन के दौरान होम क्वारंटीन का पालन करने की सलाह दे रहा है।
इसके बाद भी भिनगा नगर में लोग इस अपील को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। सोमवार को तमाम लोग घरों से बाहर निकलकर बाजार की रौनक देखने पहुंच गए। जगह-जगह पर इस तरह समूह बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया। साथ ही सुरक्षा चक्र भी तोड़ दिया। इसी तरह भिनगा की गलियों की भी स्थिति देखने को मिली। जहां आम लोगों के साथ ही महिलाओं की भीड़ रही। कोई सब्जी या राशन खरीदने जा रहा था तो कोई वैसे ही एक-दूसरे के घर में घूमकर हालचाल लेने के लिए निकला था।
लॉकडाउन के दौरान केवल आवश्यक सेवाओं में लगे लोग ही बाहर निकलें। ताकि संक्रमण का चेन टूट सके। मगर सड़कों पर भीड़ कम नहीं हो रही है। इसका कारण है कि जिन लोगों को घरों में रहना चाहिए वे कंप्यूटर से किसी न किसी आवश्यक सेवा में लगे रहने का फर्जी पास बनाकर घूम रहे हैं। कोई किसी बैंक का नाम लिखकर वाहन पर चिपकाए है तो कोई किसी नर्सिंग होम का। यहां तक कि सड़काें पर घूमने वाले लोग कई सरकारी विभाग के नाम का पर्चा गाड़ी पर चिपकाए हुए हैं। ऐसे ही पुलिस लिखी हुई गाड़ियां भी बाजारों में फर्राटा भर रही हैं।
रविवार देर शाम कुछ लोगों ने कस्बा पुलिस को सूचना दी कि भिनगा की जामा मसजिद में करीब 16 मौलाना आकर रुके हैं। इस पर पहुंची कस्बा पुलिस ने जब सभी मौलानाओं से बात की तो एक स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें अपना रिश्तेदार बताया। साथ ही उन्हें अपने घर ले जाने की बात की। इसके बाद भी मौलाना कई घरों में आते-जाते दिखे। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये जमात के लोग हैं। जो लॉकडाउन के बाद भी घरों में जाकर धर्म प्रचार कर रहे हैं। ये सूचना भिनगा नगर में दिनभर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
लॉकडाउन में भी बैंक लोगों को सेवाएं दे रहे हैं। सोमवार को एएसपी बीसी दुबे ने इलाहाबाद बैंक भिनगा की मुख्य शाखा का निरीक्षण किया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग से सेवाएं दी जा रही थीं। एएसपी ने बैंक में तैनात पुलिसकर्मियों को गेट के बाहर सोशल डिस्टेंस के फार्मूले पर लाइन लगवाने व एक-एक व्यक्ति को ही बैंक के भीतर आने-जाने का निर्देश दिया।
लॉकडाउन के दौरान जिले की सीमाएं भले ही सील हों। मगर बाहर से जिले में आने वाले लोगों का सिलसिला अभी रुक नहीं रहा है। सोमवार को ऐसे ही भिनगा में कुछ लोग दिखाई दिए। ये सभी लोग बरेली से आए थे। आने वाले लोगों में से संगीता ने बताया कि बरेली से उन्हें बहराइच तक की बस मिल गई थी। मगर बहराइच से आगे का साधन नहीं मिला। जिसके चलते वे बहराइच से लगातार पैदल चलते हुए भिनगा पहुंचीं। अब यहां से करीब 35 किलोमीटर का सफर तय करके अपने गांव भचकाही जा रही हैं। उनके साथ करीब 15-20 लोग हैं। कुछ आगे हैं और कुछ पीछे आ रहे हैं।
भिनगा से सिरसिया, बघौड़ा, लक्ष्मनपुर बाजार सहित अन्य हिस्सों में आने-जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। जो लोग पैदल चलकर बहराइच से भिनगा आ रहे हैं, वे आगे का सफर तय करने के लिए या तो फिर से पैदल जा रहे हैं या फिर आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे ही सोमवार को सिरसिया गैस सिलेंडर लेकर जाते एक वाहन में सिलेंडरों पर बैठे कुछ लोग दिखाई पड़े। आम लोगों के लिए भले ही ये सुविधा का विषय हो। मगर गैस लीकेज के दौरान किसी ने बीड़ी सिगरेट इत्यादि का उपयोग किया तो ये हादसे का कारण न सकता है।

शासन ने जिले की सीमाओं को तत्काल सील करने का आदेश दिया था। इसके पालन में जिले की सीमाएं तो सील कर दी गईं मगर उसका असर आंशिक ही दिखाई दिया। इसका कारण है कि जो लोग बहराइच में फंसे हैं। वह धीरे-धीरे पैदल चलकर जिले में आ रहे हैं। ऐसे लोगों को प्रवेश देना एक तरह से मानवीय आधार पर मजबूरी है। वहीं, भारत-नेपाल की सुइया सीमा को पूर्ण रूप से सील कर दिया गया है। उधर से न तो किसी को आने दिया जा रहा है और न ही इधर से जाने दिया जा रहा है।
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