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प्रेमिका के पति के हत्यारे व साथी को आजीवन कारावास
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श्रावस्ती। बिंडोहवा में छह वर्ष पूर्व प्रेमिका से विवाह करने के उद्देश्य से प्रेमी ने दोस्त के साथ मिल कर युवक की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने प्रेमी व उसके दोस्त तथा दोस्त के पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले के विचारण के उपरांत सोमवार को जिला जज ने आरोपी प्रेमी व उसके दोस्त को आजीवन कारावास व एक लाख अस्सी हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि दोस्त के पिता को आरोप मुक्त कर दिया है।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिंडोहवा निवासी जगदेव पुत्र रामचंद्र 17 जनवरी 2016 को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। इस मामले में जगदेव की मां चंद्रावती ने 19 जनवरी को गांव के ही दयाराम पुत्र सुखलाल पर अपने पुत्र के अपहरण का आरोप लगाते हुए भिनगा कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि दयाराम का मृतक जगदेव की पत्नी मायावती से प्रेम प्रसंग था। दयाराम जगदेव की हत्या कर मायावती से विवाह करना चाहता था।
दयाराम ने जगदेव की हत्या के लिए गांव के ही अपने दोस्त धीरेंद्र पुत्र मुन्नालाल व उसके पिता मुन्ना लाल पुत्र पलटन क साथ मिलकर जगदेव की हत्या कर लाश केन नाले में छिपाया था। दयाराम व धीरेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने लाश बरामद कर तीनों आरोपियों को जेल भेजा था। मामले के विचारण के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव श्रीवास्तव ने दयाराम व धीरेंद्र पर दोष सिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास व एक लाख अस्सी हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि मुन्ना लाल को संदेह का लाभ देते हुए आरोप मुक्त कर दिया है। हत्याआरोपी दयाराम व धीरेंद्र को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
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भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिंडोहवा निवासी जगदेव पुत्र रामचंद्र 17 जनवरी 2016 को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। इस मामले में जगदेव की मां चंद्रावती ने 19 जनवरी को गांव के ही दयाराम पुत्र सुखलाल पर अपने पुत्र के अपहरण का आरोप लगाते हुए भिनगा कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि दयाराम का मृतक जगदेव की पत्नी मायावती से प्रेम प्रसंग था। दयाराम जगदेव की हत्या कर मायावती से विवाह करना चाहता था।
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दयाराम ने जगदेव की हत्या के लिए गांव के ही अपने दोस्त धीरेंद्र पुत्र मुन्नालाल व उसके पिता मुन्ना लाल पुत्र पलटन क साथ मिलकर जगदेव की हत्या कर लाश केन नाले में छिपाया था। दयाराम व धीरेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने लाश बरामद कर तीनों आरोपियों को जेल भेजा था। मामले के विचारण के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव श्रीवास्तव ने दयाराम व धीरेंद्र पर दोष सिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास व एक लाख अस्सी हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि मुन्ना लाल को संदेह का लाभ देते हुए आरोप मुक्त कर दिया है। हत्याआरोपी दयाराम व धीरेंद्र को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
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