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Shravasti News: कायस्थों ने की भगवान चित्रगुप्त की पूजा
Fri, 24 Oct 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:38 AM IST
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भगवान चित्रगुप्त की पूजा करता कायस्थ परिवार। - स्रोत: ग्रामीण
श्रावस्ती। कायस्थ समाज के लोगों ने बृहस्पतिवार को भगवान चित्रगुप्त की पूजा धूमधाम से की। श्रीसीता-राम लिखकर लेखन कार्य प्रारंभ किया।
मान्यता है कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान चित्रगुप्त जी ब्रह्मा जी की काया से प्रकट हुए थे। इसलिए प्रतिवर्ष इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। शिवसहाय लाल श्रीवास्तव ने बताया कि एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक में गुरु वशिष्ठ भगवान चित्रगुप्त को निमंत्रण देना भूल गए थे। इससे नाराज होकर चित्रगुप्त ने लेखनी बंद कर दी थी। इससे संसार की सारी गतिविधियां अस्त-व्यस्त हो गईं।
भगवान श्रीराम को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने स्वयं भगवान चित्रगुप्त को आमंत्रित किया और प्रार्थना की। अमावस्या व परीवा तिथि होने से उन्होंने कलम नहीं उठाया और द्वितीया तिथि को विधिवत पूजा कर पुन: लेखनी का कार्य प्रारंभ किया। तभी से उनके वंशज इस प्रथा का पालन करते आ रहे हैं।
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मान्यता है कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान चित्रगुप्त जी ब्रह्मा जी की काया से प्रकट हुए थे। इसलिए प्रतिवर्ष इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। शिवसहाय लाल श्रीवास्तव ने बताया कि एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक में गुरु वशिष्ठ भगवान चित्रगुप्त को निमंत्रण देना भूल गए थे। इससे नाराज होकर चित्रगुप्त ने लेखनी बंद कर दी थी। इससे संसार की सारी गतिविधियां अस्त-व्यस्त हो गईं।
भगवान श्रीराम को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने स्वयं भगवान चित्रगुप्त को आमंत्रित किया और प्रार्थना की। अमावस्या व परीवा तिथि होने से उन्होंने कलम नहीं उठाया और द्वितीया तिथि को विधिवत पूजा कर पुन: लेखनी का कार्य प्रारंभ किया। तभी से उनके वंशज इस प्रथा का पालन करते आ रहे हैं।
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