{"_id":"6928a54d232921c24804fe68","slug":"kalpana-became-helpful-to-others-when-she-got-help-of-rs-1-lakh-shravasti-news-c-104-1-slko1011-116044-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: मिली एक लाख की सहायता तो दूसरों की मददगार बन गईं कल्पना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: मिली एक लाख की सहायता तो दूसरों की मददगार बन गईं कल्पना
Fri, 28 Nov 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 28 Nov 2025 12:53 AM IST
विज्ञापन
अपने उत्पाद के साथ कंजड़वा निवासी कल्पना। - संवाद
श्रावस्ती। कहते हैं कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती, इस वाक्य को इकौना विकासखंड की ग्राम पंचायत कंजड़वा निवासी कल्पना देवी ने सच कर दिखाया है। समूह से मिली एक लाख की मदद से फिनायल व टाॅयलेट क्लीनर बनाकर खुद तो आर्थिक रूप से सशक्त हुई हीं, कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया।
अपने संघर्षों की कहानी बयां करते हुए कल्पना ने बताया कि शादी के बाद से ही उनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। वह पति की आर्थिक मदद करना चाहती थीं, लेकिन तंगी के चलते नहीं कर पा रही थीं। उसी दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदियां घर आईं और समूह से जुड़ने की सलाह दी।
दीदियों की सलाह पर वह लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और वर्ष 2022 में समूह से एक लाख रुपये का ऋण लिया। ऋण व प्रशिक्षण के बाद उन्होंने घरेलू स्वच्छता उत्पाद इकाई स्थापित की, जहां वह सखी प्लस ब्रांड से फिनायल, टायलेट क्लीनर व हैंडवॉश बनाती हैं। इन उत्पादों की बिक्री से उन्हें प्रति माह 15,000 रुपये प्रति माह का मुनाफा हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अब उनकी आर्थिक स्थिति सुधर गई है और वह पति का सहयोग भी कर रही हैं। कल्पना ने बताया कि वह कई अन्य महिलाओं को भी इसमें जोड़कर रोजगार दे रही हैं।
विज्ञापन
अपने संघर्षों की कहानी बयां करते हुए कल्पना ने बताया कि शादी के बाद से ही उनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। वह पति की आर्थिक मदद करना चाहती थीं, लेकिन तंगी के चलते नहीं कर पा रही थीं। उसी दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदियां घर आईं और समूह से जुड़ने की सलाह दी।
विज्ञापन
दीदियों की सलाह पर वह लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और वर्ष 2022 में समूह से एक लाख रुपये का ऋण लिया। ऋण व प्रशिक्षण के बाद उन्होंने घरेलू स्वच्छता उत्पाद इकाई स्थापित की, जहां वह सखी प्लस ब्रांड से फिनायल, टायलेट क्लीनर व हैंडवॉश बनाती हैं। इन उत्पादों की बिक्री से उन्हें प्रति माह 15,000 रुपये प्रति माह का मुनाफा हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अब उनकी आर्थिक स्थिति सुधर गई है और वह पति का सहयोग भी कर रही हैं। कल्पना ने बताया कि वह कई अन्य महिलाओं को भी इसमें जोड़कर रोजगार दे रही हैं।